60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार ?

60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार

60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार
60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार

भीलवाड़ा जिले के ज्वेलर्स ने एक अनूठी और भव्य कृति तैयार की है—सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड। यह कार्ड न केवल अपने आकार और डिज़ाइन में अद्वितीय है, बल्कि इसे 60 ग्राम शुद्ध चांदी से तैयार किया गया है, जो इसे एक संग्रहणीय और कलात्मक वस्तु बनाता है। इस चांदी के आधार कार्ड पर जन्म तिथि और राजचिह्न भी अंकित किया गया है, जिससे यह केवल पहचान पत्र का रूप ही नहीं रखता, बल्कि सांवरिया सेठ की सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक भी बन गया है।

इस चांदी के आधार कार्ड को तैयार करने में ज्वेलर्स ने अत्यंत बारीक और निपुण हाथों की मेहनत लगाई है। प्रत्येक विवरण को सावधानीपूर्वक उकेरा गया है ताकि यह भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले वास्तविक आधार कार्ड के समान प्रतीत हो। कार्ड पर अंकित जन्म तिथि सांवरिया सेठ के जीवनकाल को दर्शाती है और इसे व्यक्तिगत पहचान के एक अद्वितीय प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही राजचिह्न, जो पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, इस कार्ड की विशिष्टता और ऐतिहासिक मूल्य को और बढ़ाता है।

ज्वेलर्स ने कार्ड बनाने में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कारीगरी का मिश्रण किया है। चांदी की यह कृति केवल धातु का नमूना नहीं है, बल्कि उसमें नक्काशी और उभार के माध्यम से जीवन और सांस्कृतिक प्रतीकों को अभिव्यक्त किया गया है। बारीक डिज़ाइन और उकेरे गए विवरण इसे कला और दस्तकारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनाते हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, इस कार्ड को तैयार करने में महीनों का समय और अत्यंत सावधानीपूर्वक प्रयास लगा, ताकि इसे देखने वाले को असली आधार कार्ड और चांदी की कलाकृति के बीच फर्क न समझ आए।

भीलवाड़ा जिले के निवासी और कारीगर इस प्रयास को केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं मानते, बल्कि इसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानते हैं। चांदी के आधार कार्ड के निर्माण ने स्थानीय कारीगरों की क्षमता और कलात्मक कौशल को उजागर किया है। यह कार्ड न केवल व्यक्तिगत पहचान का प्रतीक है, बल्कि इसे देखकर क्षेत्र के हस्तशिल्प और कारीगरी की समृद्ध परंपरा की झलक भी मिलती है।

सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड समाज में अपनी अनूठी स्थिति और पहचान को दर्शाने वाला प्रतीक बन गया है। जन्म तिथि और राजचिह्न के अंकन के कारण यह केवल एक व्यक्तिगत पहचान का साधन नहीं, बल्कि सांवरिया सेठ के जीवन और योगदान का स्मारक भी बन गया है। इस प्रकार के कलात्मक आधार कार्ड न केवल आधुनिक पहचान तकनीक के महत्व को दर्शाते हैं, बल्कि पारंपरिक धातु कला और नक्काशी के महत्व को भी सामने लाते हैं।

इस चांदी के आधार कार्ड का निर्माण यह दिखाता है कि कैसे पारंपरिक कला और आधुनिक पहचान प्रणाली का संगम एक अनूठी कलाकृति के रूप में संभव है। कार्ड के माध्यम से न केवल सांवरिया सेठ की पहचान सुरक्षित हुई है, बल्कि इसे देखने वाले लोग भारतीय कला और शिल्प कौशल की सराहना भी कर सकते हैं।

इस कृति के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया है कि पहचान केवल दस्तावेजों में ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे कला और सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से भी व्यक्त किया जा सकता है। चांदी के आधार कार्ड में जन्म तिथि और राजचिह्न का अंकन इसे केवल एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से मूल्यवान वस्तु भी बनाता है।

60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार
60 grams of silver : सांवरिया सेठ का चांदी का आधार कार्ड बनायाः जन्म तिथि के साथ राजचिह्न भी अंकित, 60 ग्राम चांदी से किया तैयार

इस प्रकार, सांवरिया सेठ का यह चांदी का आधार कार्ड न केवल व्यक्तिगत पहचान का प्रतीक है, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प, कलात्मक कौशल और सांस्कृतिक धरोहर का एक अद्वितीय उदाहरण भी है। यह स्थानीय कारीगरों की मेहनत, कौशल और समर्पण का परिणाम है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

भव्यता, शुद्धता और बारीकी से तैयार यह चांदी का आधार कार्ड भविष्य में संग्रहणीय वस्तु के रूप में भी मूल्यवान साबित होगा। यह कार्ड स्थानीय कला, आधुनिक पहचान और व्यक्तिगत गौरव का संगम है और इसे देखकर यह स्पष्ट होता है कि भीलवाड़ा के कारीगर न केवल पारंपरिक शिल्प कौशल में माहिर हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकी और कलात्मक दृष्टिकोण को भी सहजता से अपना सकते हैं।

सांवरिया सेठ के चांदी के आधार कार्ड का यह अनूठा निर्माण न केवल व्यक्तिगत गौरव को दर्शाता है, बल्कि यह भारतीय कला, सांस्कृतिक प्रतीकों और पारंपरिक शिल्प कौशल का अद्भुत संगम भी प्रस्तुत करता है। यह कृति आधुनिक पहचान प्रणालियों और पारंपरिक कलाओं के मिलन का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और गौरव का स्रोत बनी रहेगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_cZ

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Alapa sang a new raga : मकसद पूरा करने के लिए तैयार, हम पर अल्लाह की मेहरबानी मुनीर ने क्यों अलापा नया राग

Alapa sang a new raga : मकसद पूरा करने के लिए तैयार, हम पर अल्लाह की मेहरबानी मुनीर ने क्यों अलापा नया राग ?

Alapa sang a new raga : मकसद पूरा करने के लिए तैयार, हम पर अल्लाह …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *