Accused : शामली में अवैध पेड़ कटाई करते आरोपी पकड़े गए, कांस्टेबल पर वसूली का आरोप लगा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में
- अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह को रंगे हाथों धर दबोचा है। यह कार्रवाई बाबरी थाना क्षेत्र के तलवा माजरा गांव के पास की गई, जहां वन विभाग की टीम ने कई लोगों को अवैध कटाई करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।
- यह घटना न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि किस तरह से कुछ असामाजिक तत्व वन सम्पदा को क्षति पहुंचाकर अवैध लाभ कमा रहे हैं।
मौके से मिले अवैध कटाई के स्पष्ट प्रमाण
- वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके से एक पेड़ का कुछ हिस्सा और तीन पेड़ों की जड़ें बरामद की हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि वहां हाल ही में हरे पेड़ों की कटाई की गई थी। मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और पेड़ों के कई हिस्सों को भी बरामद किया गया है। टीम ने सभी उपकरणों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ठेकेदार पर अवैध कटाई कराने का आरोप
- प्राप्त जानकारी के अनुसार यह अवैध कटाई बनती खेड़ा निवासी ठेकेदार राफे खा द्वारा करवाई जा रही थी। ठेकेदार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इलाके में तीन से चार हरे पेड़ों को उखाड़कर काटा। इस अवैध गतिविधि की भनक लगते ही वन विभाग की टीम, जिसमें वन दरोगा और अन्य अधिकारी शामिल थे, तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
- वन विभाग की इस कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे, लेकिन मुख्य आरोपी सहित कई लोगों को पकड़ लिया गया, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
कांस्टेबल पर फर्जी अधिकारी बनकर वसूली का आरोप
- इस पूरे प्रकरण में एक और चौंकाने वाला मोड़ उस समय आया जब यह आरोप सामने आया कि शामली रेंज में तैनात कांस्टेबल ढाका ने दो अन्य युवकों के साथ मिलकर फर्जी वन अधिकारी बनकर अलग-अलग स्थानों पर अवैध वसूली की है।
- बताया जा रहा है कि यह कांस्टेबल खुद को उच्च अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता था और वन विभाग के नाम पर पैसे वसूलता था। यह गंभीर मामला अब जांच के दायरे में आ चुका है, और संबंधित अधिकारियों ने इसकी सतर्कता से जांच शुरू कर दी है।
- यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था के लिए घातक होगा, बल्कि यह साबित करेगा कि कैसे विभाग के ही कुछ लोग अवैध कार्यों में शामिल होकर आपराधिक तत्वों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।
Accused : शामली में अवैध पेड़ कटाई करते आरोपी पकड़े गए, कांस्टेबल पर वसूली का आरोप लगा ?
वृक्षारोपण के बावजूद अवैध कटाई जारी
- गौरतलब है कि जिलाधिकारी शामली द्वारा जुलाई माह के पहले आठ दिनों में एक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों पौधे लगाए गए। इस अभियान का उद्देश्य जिले में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पर्यावरण को संरक्षित करना था।
- लेकिन इसके बावजूद जिले में अवैध पेड़ कटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो प्रशासन के प्रयासों को सीधे तौर पर चुनौती देती हैं।
- वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर शून्य सहिष्णुता नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी, और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जब्त उपकरण और आगे की कार्रवाई
- वन विभाग ने इस पूरे मामले में अवैध कटाई में इस्तेमाल हुए सभी उपकरणों, जैसे कि ट्रैक्टर-ट्रॉली, कुल्हाड़ी, आरी आदि को कब्जे में ले लिया है। बरामद किए गए लकड़ी के टुकड़ों और पेड़ों की जड़ों को भी सबूत के रूप में संरक्षित किया गया है।
- अधिकारियों के अनुसार, वन अधिनियम की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह कोई व्यापक गिरोह है जो अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त है।
स्थानीय लोगों की भूमिका
- स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में कई बार रात के अंधेरे में या सुबह-सुबह हरे पेड़ों की कटाई होती है। उन्होंने आशंका जताई कि इसमें स्थानीय लोगों की मिलीभगत हो सकती है या फिर वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मौन सहमति भी प्राप्त हो सकती है।
- ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग नियमित रूप से गश्त करे और कड़ी निगरानी रखे, तो इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग
- इस घटना के सामने आने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है और मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि जांच में शामिल कांस्टेबल पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और अगर वह दोषी पाया जाए तो उसे तत्काल निलंबित कर जेल भेजा जाए।
निष्कर्ष
- यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह यह भी दिखाता है कि कैसे कुछ लोग लालच में आकर प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं।
- वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि अब अवैध कटाई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन यह भी आवश्यक है कि ऐसी घटनाएं बार-बार न हों, इसके लिए स्थायी निगरानी तंत्र, सख्त कानून और जन-जागरूकता अभियान की जरूरत है।
- आगे की कार्रवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह महज एक स्थानीय घटना थी या किसी बड़े गिरोह की सक्रियता का संकेत है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह न केवल पर्यावरण को हानि पहुंचाएगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगाएगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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