Hapur Office : हापुड़ कार्यालय अपर जिला मजिस्ट्रेट, हापुड़ – मजिस्ट्रियल जांच संबंधी सूचना

कार्यालय अपर जिला मजिस्ट्रेट, हापुड़ द्वारा पत्रांक 1239 / JADM–हापुड़ / 2025, दिनांक 20 नवम्बर 2025 के माध्यम से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जनसाधारण को अवगत कराया जाता है कि दिनांक 10 नवम्बर 2025, समय लगभग 01:32 बजे, थाना कपूरपुर, तहसील धौलाना, जिला हापुड़ के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र—बम्बे की पुलिया, जंगल ग्राम सपनावत—में एक महत्वपूर्ण पुलिस मुठभेड़ की घटना घटित हुई थी।
इस घटना में अभियुक्त हसीन पुत्र इकरार, निवासी ग्राम मनौटा, थाना असमौली, जिला सम्भल, स्थानीय पुलिस से हुई मुठभेड़ में घायल हो गया था। घायल अवस्था में उसे उपचार हेतु रामा हॉस्पिटल, पिलखुवा में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। चूँकि यह घटना पुलिस कार्रवाई, जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था से प्रत्यक्ष रूप से सम्बद्ध है, इसलिए इसकी पूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराना आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से उक्त घटना के वास्तविक तथ्यों की जांच सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रियल जांच का आदेश पारित किया गया है। इस आदेश के अंतर्गत अधोस्ताक्षरी को जांच अधिकारी नामित किया गया है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य, परिस्थितियाँ, पुलिस कार्रवाई की शुचिता, मौके पर हुई गतिविधियों के साक्ष्य, और मृतक के घायल होने से लेकर मृत्यु तक की पूरी प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया जा सके।
जांच का उद्देश्य
मजिस्ट्रियल जांच का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डालना है:
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घटना की वास्तविक पृष्ठभूमि एवं परिस्थितियों का सत्यापन।
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मुठभेड़ के दौरान पुलिस तथा अभियुक्त की गतिविधियों की तथ्यात्मक जांच।
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क्या पुलिस ने निर्धारित मानकों व दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई की।
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क्या अभियुक्त को समय पर एवं उचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
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घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्षदर्शियों एवं संबंधित व्यक्तियों के बयान संकलित करना।
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उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों – जैसे ऑडियो, वीडियो, सीसीटीवी फुटेज – का विश्लेषण करना।
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संपूर्ण मामले में कहीं किसी प्रकार की लापरवाही, त्रुटि, अथवा मानवीय-अधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
यह जांच पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि तथ्य आधारित रिपोर्ट तैयार की जा सके और भविष्य में कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और भी सुदृढ़ किया जा सके।

जनसाधारण से साक्ष्य प्रस्तुत करने का अनुरोध
चूँकि यह घटना जनहित से जुड़ी है, इसलिए प्रशासन द्वारा यह महत्वपूर्ण घोषणा की जाती है कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नागरिक, या अन्य कोई भी व्यक्ति, जिनके पास इस घटना से संबंधित लिखित, मौखिक, प्रत्यक्ष या परोक्ष साक्ष्य उपलब्ध हों, वे जांच प्रक्रिया में अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
साक्ष्य का स्वरूप निम्न प्रकार का हो सकता है:
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लिखित बयान
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मौखिक साक्ष्य
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घटनास्थल से सम्बंधित मोबाइल वीडियो
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ऑडियो रिकॉर्डिंग
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सीसीटीवी फुटेज
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फोटो
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किसी भी प्रकार की विश्वसनीय जानकारी
ऐसा कोई भी व्यक्ति, जिसके पास उपरोक्त प्रकार का साक्ष्य उपलब्ध हो, वह एक पक्ष के अंतर्गत उपजिलाधिकारी / उप-जिला मजिस्ट्रेट धौलाना कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अपना-अपना साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए व्यक्ति कार्यालय समय में उपस्थित हो सकता है। आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्तियों से साक्ष्य रिकॉर्ड करने हेतु अलग से तिथि एवं समय भी निर्धारित किया जा सकता है, जिसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाएगी।
सार्वजनिक सहयोग का महत्व
मजिस्ट्रियल जांच का उद्देश्य केवल घटना की जाँच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन और प्रशासन द्वारा की जाने वाली सभी कार्यवाहियाँ कानूनी प्रक्रियाओं एवं मानवीय मूल्यों के अनुरूप हों। जनसामान्य का सहयोग जांच की विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है।
इस प्रकार की जांचों से प्रशासन को भविष्य में अपनी नीतियों, कार्यप्रणालियों एवं पुलिसिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने में सहायता मिलती है। अतः यदि किसी भी व्यक्ति के पास घटना से सम्बंधित कोई सूचना उपलब्ध है, तो वह जांच अधिकारी से संपर्क करके इसे साझा कर सकता है। यह न केवल जांच प्रक्रिया को मज़बूत करेगा, बल्कि न्यायिक प्रणाली के प्रति नागरिकों की भागीदारी को भी बढ़ाएगा।
गोपनीयता का आश्वासन
जांच प्रक्रिया में शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों को आश्वस्त किया जाता है कि उनके बयान, प्रस्तुत साक्ष्य, एवं व्यक्तिगत जानकारी को आवश्यकतानुसार गोपनीय रखा जाएगा। इसका उपयोग केवल न्यायिक एवं प्रशासनिक उद्देश्यों तक ही सीमित रहेगा। किसी भी व्यक्ति को साक्ष्य प्रस्तुत करने में किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
उपरोक्त घटना, जिसमें आरोपी हसीन पुत्र इकरार की पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के पश्चात मृत्यु हुई, एक गंभीर और संवेदनशील प्रकरण है। प्रशासन इस मामले को अत्यधिक महत्व के साथ देख रहा है ताकि सत्य तथ्यों का पूर्ण निष्पादन हो सके। इसलिए जनसामान्य से अपेक्षा है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों को प्रदान करें।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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