Training started on GeM portal : हापुड़ में ई-ग्राम स्वराज व जेम पोर्टल पर प्रशिक्षण आरंभ

आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को मंडलीय उपनिदेशक (पंचायत) मेरठ मंडल के कुशल निर्देशन में जनपद हापुड़ के विकासखंड हापुड़ के सभागार में प्रधानों एवं पंचायत सचिवों के लिए “ई-ग्राम स्वराज एवं जेम (GeM) पोर्टल” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन खंड विकास अधिकारी श्रीमती श्रुति सिंह एवं सहायक विकास अधिकारी श्री शिवम पांडे द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल दक्षता को बढ़ाने के संकल्प के साथ प्रशिक्षण में सहभागिता की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत जनप्रतिनिधियों एवं सचिवों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके तथा सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक सुव्यवस्थित ढंग से हो सके। मंडलीय उपनिदेशक (पंचायत) मेरठ मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विशेष रूप से ई-ग्राम स्वराज प्रणाली और GeM पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में खंड विकास अधिकारी श्रीमती श्रुति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पंचायतों का कार्य पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुका है। ऐसे में प्रधानों और सचिवों का तकनीकी रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और GeM पोर्टल का सही उपयोग न केवल वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, बल्कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर एवं उत्तरदायी भी बनाता है। सहायक विकास अधिकारी श्री शिवम पांडे ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने तथा सीखी गई जानकारियों को अपने-अपने ग्राम पंचायतों में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर श्रीमती पिंकी शर्मा एवं वरिष्ठ फैकल्टी डॉ. दीपक सिंह द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सबसे पहले ई-ग्राम स्वराज सिस्टम में GeM पोर्टल के प्रयोग की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिभागियों को पंजीकरण की संपूर्ण प्रक्रिया, प्राइमरी यूजर की भूमिका, लॉगिन एवं प्रोफाइल प्रबंधन, तथा पोर्टल पर आवश्यक विवरणों के अद्यतन के बारे में चरणबद्ध तरीके से जानकारी दी गई। साथ ही बिडिंग प्रक्रिया, निविदा आमंत्रण, प्रोक्योरमेंट की विधि तथा वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आईसीडी कोड (Item Code) के सही चयन की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे खरीद प्रक्रिया में त्रुटियों से बचा जा सके। यह बताया गया कि GeM पोर्टल से संबंधित किसी भी कार्य या प्रक्रिया के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को भुगतान करना पूर्णतः वर्जित है। पोर्टल का उपयोग स्वयं अधिकृत यूजर द्वारा ही किया जाना चाहिए, ताकि साइबर धोखाधड़ी या वित्तीय अनियमितता की संभावना न रहे। प्रतिभागियों को ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुरक्षा के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जिम्मेदार उपयोग तथा ऑनलाइन सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी सत्र आयोजित किया गया। डिजिटल युग में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी की गोपनीयता, फिशिंग से बचाव और सुरक्षित ब्राउज़िंग के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान कॉल के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की तैयारी, बजट निर्माण एवं योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया। बताया गया कि जीपीडीपी के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय कर सकती हैं और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकती हैं। बजट योजना बनाते समय पारदर्शिता, जनभागीदारी और वित्तीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विभाग से संबंधित विभिन्न वेब पोर्टलों जैसे ई-ग्राम स्वराज, पीएफएमएस (Public Financial Management System), मेरी पंचायत एप एवं पंचायत गेटवे पोर्टल के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्यों की प्रविष्टि, वित्तीय प्रबंधन, कार्य प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई। पीएफएमएस के माध्यम से फंड ट्रैकिंग, भुगतान की पारदर्शिता और लेखा-जोखा रखने के महत्व पर चर्चा की गई। ‘मेरी पंचायत’ एप के जरिए पंचायत से संबंधित सूचनाओं की उपलब्धता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रशिक्षण सत्र पूरी तरह सहभागितापूर्ण रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान प्राप्त किए। मास्टर ट्रेनर द्वारा उदाहरणों और डेमो के माध्यम से विषयों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को तकनीकी विषयों को समझने में आसानी हुई।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना तथा प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ और सभी प्रतिभागियों ने आगामी सत्रों में भी सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया। इस पहल से निश्चित रूप से जनपद हापुड़ की ग्राम पंचायतों में सुशासन और डिजिटल पारदर्शिता को नई दिशा मिलेगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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