Major Revelation Regarding Fraud : नाई से रिक्शा चालक तक बने ‘पत्रकार’? सहारनपुर में फर्जीवाड़े पर बड़ा खुलासा

सहारनपुर :
- जनपद में लॉकडाउन के बाद ‘कथित पत्रकारों’ की बढ़ती संख्या अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। आम जनता और व्यापारियों का आरोप है कि कई लोग बिना किसी मान्यता या प्रमाण के स्वयं को पत्रकार बताकर विभिन्न विभागों में सक्रिय हैं और इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।
लोगों के अनुसार, पहले अन्य कार्यों—जैसे कोई नाई, कोई धोबी, कोई मिस्त्री, कोई प्रेस, पंखा ठीक कोई रिक्शा चालक या अन्य पेशों से जुड़े कई लोग—अब अचानक पत्रकार बन गए हैं। खासकर निर्माण स्थलों और सरकारी दफ्तरों में इनकी सक्रियता अधिक देखने को मिल रही है। आरोप है कि ये लोग अधिकारियों और आम लोगों पर दबाव बनाकर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। - पत्रकार की भूमिका पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि पत्रकार किसी एक विभाग का कर्मचारी नहीं होता, बल्कि वह एक स्वतंत्र माध्यम के रूप में समाज, सरकार और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करता है। बड़े संस्थानों में पत्रकारों को अलग-अलग बीट दी जाती हैं, जिन्हें समय-समय पर बदला जाता है।
लेकिन सहारनपुर में कुछ ऐसे लोग सामने आए हैं, जिन्होंने कथित रूप से एक साथ कई विभागों को “पकड़” रखा है और सुबह से शाम तक अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। आरोप है कि यदि किसी मामले में कार्रवाई होती है तो लेनदेन कर उसे रुकवाने की कोशिश की जाती है, और यदि कार्रवाई नहीं होती तो उसे कराने का दबाव बनाया जाता है।

IGRS शिकायतों पर भी सवाल
- सूत्रों के अनुसार, एक कथित पत्रकार द्वारा सालभर में 700 से 800 तक IGRS शिकायतें दर्ज करने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या अपने आप में सवाल खड़े करती है। आरोप है कि पहले शिकायत दर्ज कर संबंधित व्यक्ति या विभाग पर दबाव बनाया जाता है, और फिर मामले को निपटाने के नाम पर लेनदेन की कोशिश की जाती है।
- CM पोर्टल के दुरुपयोग के आरोप
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल का इस्तेमाल जनहित के बजाय दबाव बनाने के साधन के रूप में किया जा रहा है, जिससे खासकर गरीब और छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। - पत्रकार समुदाय में आक्रोश
ईमानदार पत्रकारों का कहना है कि ऐसे लोगों की वजह से पूरे पत्रकार समाज की छवि धूमिल हो रही है। पत्रकार का कार्य समाज की सच्चाई सामने लाना और जनहित के मुद्दों को उठाना है, न कि किसी को डराकर लाभ कमाना। - निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि:
ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची सार्वजनिक की जाए IGRS शिकायतों का रिकॉर्ड खंगाला जाए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो - बड़ा सवाल
क्या प्रशासन इस मामले में ठोस कदम उठाएगा?
क्या असली और कथित पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाएगा?
जनता और पत्रकारों की नजरें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता