Arrested : जौनपुर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

दिनांक 03.05.2026 को जौनपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय ऑनलाइन इनवेस्टमेंट/बेटिंग ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों में लोगों को लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर श्री कुंवर अनुपम सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री आयुष श्रीवास्तव के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर श्री देवेश सिंह के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना टीम को महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना के अनुसार, जौनपुर में एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो ऑनलाइन इनवेस्टमेंट और बेटिंग एप के माध्यम से लोगों को ठगने का काम कर रहा था।
सूचना के आधार पर साइबर क्राइम थाना टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, साइबर क्राइम पोर्टल, एनसीआरपी पोर्टल और समन्वय पोर्टल की सहायता ली गई। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर उन्हें निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कृष्णा सिंह पुत्र अरविंद सिंह निवासी काजीहज कोट पोस्ट नोनारी थाना नेवढ़िया जनपद जौनपुर (उम्र लगभग 22 वर्ष) तथा रामप्रताप सिंह पुत्र विजय प्रताप सिंह निवासी उचहुआ करनेहुआ पोस्ट कोईलारी थाना चंदवक जिला जौनपुर (उम्र लगभग 34 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे।
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 61 शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं। इन शिकायतों के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि गिरोह ने लगभग 30 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है। इसके अतिरिक्त अब तक की जांच में करीब 70 लाख रुपये की धनराशि खातों में मंगाकर एटीएम और चेक के माध्यम से निकाली गई है।
अभियुक्तों द्वारा अपनाए गए अपराध के तरीके भी काफी संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत थे। वे वाराणसी में किराये के मकान में ऑफिस बनाकर फर्जी इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग कंपनी का रूप देते थे। इसके बाद Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जाता था। पहले छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर लोगों का विश्वास जीता जाता था, फिर उन्हें बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।

गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और फर्जी सिम कार्ड लेते थे। ठगी की गई रकम इन खातों में मंगाकर तुरंत नकद निकाल ली जाती थी, जिससे ट्रैक करना कठिन हो जाता था। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत सुनियोजित तरीके से संचालित की जा रही थी।
साइबर क्राइम थाना जौनपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 21/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा 66C और 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने महत्वपूर्ण बरामदगी भी की है, जिसमें 2 मोबाइल फोन (लगभग 2 लाख रुपये), 5 लैपटॉप (लगभग 3 लाख रुपये), 5 फर्जी आधार कार्ड और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 20 लाख रुपये की होल्ड राशि शामिल है। ये सभी साक्ष्य साइबर अपराध के संचालन में उपयोग किए जा रहे थे।
अभियुक्त रामप्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें वर्ष 2023 का एक गंभीर मामला दर्ज है। वहीं कृष्णा सिंह के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है। पुलिस अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
इसके साथ ही पुलिस द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि साइबर फ्रॉड से अर्जित धन से अभियुक्तों ने कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी हैं। इन संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
इस पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल राजेश यादव, उपनिरीक्षक आलोक सिंह, महिला उपनिरीक्षक नीलम सिंह सहित कई पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी टीम और फील्ड टीम के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह बड़ी सफलता हासिल हो सकी।
यह कार्रवाई जौनपुर पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ सख्त नीति और प्रभावी कार्यशैली को दर्शाती है। साथ ही यह आम जनता के लिए एक चेतावनी भी है कि वे ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहें और किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म या व्यक्ति पर विश्वास न करें।
अंततः, इस सफल ऑपरेशन से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के अभियानों को जारी रखते हुए अपराध मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता