TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया ?

TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया

TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया
TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया

हापुड़ जनपद में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान” योजना के अंतर्गत गुरुवार 7 मई 2026 को राजकीय महिला चिकित्सालय कोठी गेट सभागार में एक महत्वपूर्ण संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त आशा कार्यकर्ताओं को टीबी यानी क्षय रोग के लक्षण, जांच, उपचार और जनजागरूकता के बारे में विस्तृत जानकारी देना था ताकि वे गांव-गांव और मोहल्लों तक जाकर लोगों को जागरूक कर सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी Dr. Rajesh Singh ने की। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित आशा बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी आज भी देश के सामने एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को टीबी मुक्त बनाना है और इस मिशन में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

डॉ. राजेश सिंह ने आशा बहनों को विस्तार से बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोग जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं, धूम्रपान करते हैं या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें विशेष निगरानी में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी लोगों की बलगम जांच और एक्स-रे अवश्य कराया जाए, क्योंकि ये लोग टीबी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी की जल्दी पहचान होने पर मरीज का इलाज आसान हो जाता है और संक्रमण फैलने का खतरा भी कम हो जाता है।

कार्यशाला में जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी ने भी आशा कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहती है, बुखार आता है, बलगम आता है, बलगम में खून दिखाई देता है, वजन कम हो रहा हो या भूख कम लग रही हो, तो ऐसे व्यक्ति की तुरंत जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर इन लक्षणों को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। इसलिए आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे घर-घर जाकर लोगों को इन लक्षणों के प्रति जागरूक करें।

सुशील चौधरी ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा यह उपचार मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आशा बहनों को प्रेरित किया कि वे मरीजों को बीच में दवा छोड़ने से रोकें और उन्हें पूरा इलाज लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अधूरा इलाज टीबी को और अधिक खतरनाक बना सकता है। इसलिए मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने और डॉक्टर की सलाह का पालन करने के लिए जागरूक करना आवश्यक है।

कार्यशाला में मुख्य ट्रेनर Dr. Satish Dobhal ने टीबी के संक्रमण, बचाव और उपचार प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करने वाली संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैल सकती है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन और समय पर जांच इस बीमारी से बचाव के लिए बेहद जरूरी हैं।

TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया
TB Awareness : हापुड़ में आशा बहनों को टीबी जागरूकता प्रशिक्षण देकर जनजागरण अभियान का संकल्प दिलाया गया

डॉ. सतीश डोभाल ने आशा कार्यकर्ताओं को यह भी समझाया कि टीबी मरीजों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई लोग टीबी को लेकर गलत धारणाएं रखते हैं, जिसके कारण मरीज मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। उन्होंने आशा बहनों से अपील की कि वे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करें और लोगों को यह बताएं कि टीबी एक सामान्य बीमारी की तरह इलाज से ठीक हो सकती है।

कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक Dr. Rakesh Yadav ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग टीबी उन्मूलन को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित कर सकें।

चिकित्सा शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश और शैलेन्द्र कुमार ने भी कार्यशाला में भाग लेते हुए आशा बहनों को जनजागरण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांव और मोहल्लों में लोग आशा बहनों पर भरोसा करते हैं, इसलिए उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

कार्यशाला के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को टीबी से संबंधित विभिन्न जानकारियों के साथ-साथ मरीजों की पहचान, जांच प्रक्रिया और इलाज की निगरानी के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत निकटवर्ती सरकारी अस्पताल भेजा जाए। वहां मरीज की जांच और इलाज मुफ्त किया जाता है।

इस अवसर पर उपस्थित आशा बहनों ने टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और टीबी मरीजों की पहचान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेंगी। कई आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग टीबी के प्रति जागरूक नहीं हैं, इसलिए लगातार जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी जैसी बीमारी को समाप्त करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है। यदि लोग समय पर जांच कराएं, पूरा इलाज लें और बीमारी को छिपाने के बजाय खुलकर उपचार कराएं, तो टीबी को तेजी से नियंत्रित किया जा सकता है।

भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा “टीबी मुक्त भारत अभियान” इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में देश को टीबी मुक्त बनाया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम, जांच अभियान और उपचार सेवाएं चला रहा है।

हापुड़ में आयोजित यह कार्यशाला भी इसी अभियान का हिस्सा थी, जहां आशा बहनों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने का दायित्व भी सौंपा गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि यदि आशा कार्यकर्ता पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, तो टीबी उन्मूलन का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है।

कुल मिलाकर यह कार्यशाला स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुई। आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जनजागरण का माध्यम बनाने की योजना से उम्मीद की जा रही है कि टीबी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, मरीजों की समय पर पहचान होगी और भारत को टीबी मुक्त बनाने का सपना तेजी से साकार हो सकेगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

The mercury will rise : एनसीआर : बादलों और तेज हवाओं के बीच बढ़ेगा गर्मी का असर, अगले तीन दिनों में 38 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

The mercury will rise : एनसीआर : बादलों और तेज हवाओं के बीच बढ़ेगा गर्मी का असर, अगले तीन दिनों में 38 डिग्री तक पहुंचेगा पारा ?

The mercury will rise : एनसीआर : बादलों और तेज हवाओं के बीच बढ़ेगा गर्मी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *