Strict surveillance : कलेक्टर के सख्त निर्देशों का असर, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, जल संकट और गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी ?

Strict surveillance : कलेक्टर के सख्त निर्देशों का असर, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, जल संकट और गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी

Strict surveillance : कलेक्टर के सख्त निर्देशों का असर, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, जल संकट और गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी
Strict surveillance : कलेक्टर के सख्त निर्देशों का असर, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, जल संकट और गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी

दमोह जिले में प्रशासनिक व्यवस्था अब पूरी तरह एक्टिव मोड में दिखाई देने लगी है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के सख्त निर्देशों के बाद जिले से लेकर गांव स्तर तक अधिकारी मैदान में उतर आए हैं। जनसुनवाई में लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने साफ कहा था कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें। अब इन निर्देशों का असर जिलेभर में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। बुधवार को अलग-अलग तहसीलों में गैस एजेंसियों की जांच, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को लेकर बैठकों का आयोजन किया गया।

मड़ियादो क्षेत्र में तहसीलदार आलोक जैन ने अनन्या गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों, वितरण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। वहीं बटियागढ़ तहसीलदार योगेंद्र चौधरी ने क्षेत्र की गैस एजेंसी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और गैस वितरण नियमों के अनुसार किया जाए।

पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया ने महाकाल गैस एजेंसी का निरीक्षण किया। उन्होंने रिकॉर्ड, स्टॉक और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व भी शहर की गैस एजेंसियों में पहुंचे और व्यवस्थाओं की गहन जांच की। अधिकारियों की लगातार सक्रियता से गैस एजेंसियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

इसी क्रम में तेंदूखेड़ा एसडीएम सी.जी. गोस्वामी ने थाना क्षेत्र अंतर्गत 27 मील स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर जांच कार्रवाई की। जांच के दौरान वहां अवैध रूप से गैस सिलेंडरों से संबंधित पुस्तकें मिलने की जानकारी सामने आई। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर जिले के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर भी प्रशासन गंभीर दिखाई दिया। हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने ग्राम पंचायत रजपुरा में बैठक आयोजित की, जिसमें रजपुरा, दमोतीपुरा और नारायणपुरा गांवों की जल समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जनपद पंचायत सीईओ संजीव गोस्वामी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पानी की कमी, खराब हैंडपंप और जल वितरण से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

Strict surveillance : कलेक्टर के सख्त निर्देशों का असर, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, जल संकट और गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी
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अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल संकट के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बैठक में जल स्रोतों के संरक्षण, पाइपलाइन सुधार और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलेभर में प्रशासन की यह सक्रियता आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लंबे समय बाद अधिकारी सीधे गांवों और बाजारों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत हो रहा है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह अधिकारी नियमित रूप से जमीनी स्तर पर पहुंचते रहे तो समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो सकेगा।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की कार्यशैली अब परिणाम देने लगी है। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के कारण प्रशासनिक मशीनरी पहले से अधिक सक्रिय नजर आ रही है। जिले में चल रही इन कार्रवाइयों से यह संदेश भी गया है कि अब लापरवाही और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की यह पहल केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करना भी है। गांवों में जल संकट हो या शहरों में गैस एजेंसियों की व्यवस्था, हर स्तर पर अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। इससे न केवल व्यवस्थाओं में सुधार होगा बल्कि आम जनता को भी राहत मिलेगी।

दमोह जिले में प्रशासनिक सक्रियता का यह नया स्वरूप आने वाले समय में और अधिक प्रभावी नजर आ सकता है। यदि इसी तरह अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान करती रही, तो निश्चित रूप से जनता और प्रशासन के बीच विश्वास और मजबूत होगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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