Grand Yoga Camp : हापुड़ न्यायालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य योग शिविर का आयोजन

कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ के तत्वाधान में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद हापुड़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ श्री अजय कुमार सिंह प्रथम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
उक्त योग शिविर का आयोजन 21 जून 2026 को प्रातः 7:00 बजे जनपद न्यायालय परिसर हापुड़ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी जिला जज श्री वीरेश चंद्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी एवं पीएलवी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का माध्यम है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन श्री असगर अली ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मानव जीवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग हमारी एकाग्रता, कार्य क्षमता एवं मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल स्वस्थ रहता है, बल्कि अपने कार्यों को अधिक दक्षता के साथ संपादित कर सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “YOGA FOR HEALTHY AGEING” रखी गई है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को योग से जोड़कर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि योग आज के समय की आवश्यकता बन चुका है, क्योंकि यह तनाव, चिंता और अनेक मानसिक समस्याओं को कम करने में सहायक है।
इस अवसर पर प्रभारी जिला जज श्री वीरेश चंद्रा, अपर जिला जज त्वरित न्यायालय-द्वितीय, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय धौलाना श्री दीपक गौतम, न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय सुश्री साधना सिंह, बार एसोसिएशन हापुड़ के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान न्यायिक परिसर का वातावरण अत्यंत अनुशासित एवं सकारात्मक रहा। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे।
इसी क्रम में माननीय उच्च न्यायालय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा जिला कारागार डासना, गाजियाबाद में भी योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जेल प्रशासन के अधिकारी, एलएडीसीएस अधिवक्ता एवं बंदीगण शामिल हुए।
जिला कारागार में आयोजित योग शिविर में बंदियों को योग के विभिन्न आसनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के मानसिक तनाव को कम करना एवं उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था। योग प्रशिक्षकों ने बंदियों को बताया कि योग के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को नियंत्रित कर सकता है और जीवन में सुधार ला सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि यह मन को भी स्थिर एवं शांत बनाता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास होता है। इस प्रकार के आयोजन समाज के सभी वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योग के महत्व को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति योग को अपनाए, तो एक स्वस्थ, सशक्त एवं तनावमुक्त समाज की स्थापना संभव है।
यह योग शिविर न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह एक जन-जागरूकता अभियान के रूप में भी सामने आया। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग भारत की प्राचीन परंपरा है, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पहले थी।
अंततः यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों में योग के प्रति नई ऊर्जा एवं जागरूकता का संचार हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा आयोजित यह पहल समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।