Monitoring continues : अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने 50 ओटीटी ऐप्स किए बंद, निगरानी जारी ?

Monitoring continues : अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने 50 ओटीटी ऐप्स किए बंद, निगरानी जारी

Monitoring continues : अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने 50 ओटीटी ऐप्स किए बंद, निगरानी जारी
Monitoring continues : अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने 50 ओटीटी ऐप्स किए बंद, निगरानी जारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जा रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए 50 ओटीटी (OTT) ऐप्स को निष्क्रिय (डिसेबल) कर दिया है। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स के माध्यम से ऐसे वीडियो और सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों और डिजिटल मीडिया से जुड़े दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती थी। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

सरकार के इस कदम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते आपत्तिजनक कंटेंट पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। केंद्र सरकार का कहना है कि इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री की लगातार निगरानी की जाती है और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार, इन 50 ऐप्स के विरुद्ध कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 [IT (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021] के तहत की गई है। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री को निर्धारित कानूनी और नैतिक मानकों के अनुरूप बनाए रखना है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन ऐप्स को निष्क्रिय किया गया है, उनके माध्यम से कथित रूप से अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। ऐसे कंटेंट को लेकर समय-समय पर शिकायतें भी प्राप्त होती रही हैं। संबंधित शिकायतों और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन प्लेटफॉर्म को बंद करने का निर्णय लिया गया।

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने इस प्रकार की कार्रवाई की हो। इससे पहले वर्ष 2025 में भी सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के आरोप में 25 ओटीटी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। उस कार्रवाई में ALT, Ullu, Desiflix सहित कई अन्य प्लेटफॉर्म शामिल थे। सरकार ने तब भी कहा था कि ये प्लेटफॉर्म निर्धारित नियमों और आचार संहिता का पालन नहीं कर रहे थे।

इसके बाद फरवरी 2026 में भी सरकार ने इसी प्रकार की कार्रवाई करते हुए पांच अन्य ऐप्स को निष्क्रिय किया था। उन ऐप्स पर भी अश्लील सामग्री प्रसारित करने के आरोप थे। अब 50 अतिरिक्त ऐप्स पर कार्रवाई के साथ यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि सरकार डिजिटल माध्यमों पर नियमों के पालन को लेकर लगातार सतर्क है।

Monitoring continues : अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने 50 ओटीटी ऐप्स किए बंद, निगरानी जारी
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सरकार का कहना है कि इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म का उपयोग मनोरंजन, शिक्षा और सूचना के प्रसार के लिए किया जाना चाहिए। यदि कोई प्लेटफॉर्म कानून का उल्लंघन करते हुए अश्लील, आपत्तिजनक या समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली सामग्री प्रसारित करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा संबंधित एजेंसियां समय-समय पर डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी करती हैं। यदि किसी ऐप या वेबसाइट के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है या जांच में नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित प्रावधानों के तहत उसे हटाने, ब्लॉक करने या निष्क्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ सामग्री के नियमन की आवश्यकता भी बढ़ी है। आज बड़ी संख्या में लोग मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से मनोरंजन संबंधी सामग्री देखते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है कि उपलब्ध सामग्री भारतीय कानूनों और सामाजिक मानकों के अनुरूप हो।

आईटी नियम, 2021 के तहत डिजिटल प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए कुछ जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इनमें सामग्री का वर्गीकरण, शिकायत निवारण व्यवस्था, कानूनी प्रावधानों का पालन तथा आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन शामिल है। यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य डिजिटल माध्यमों पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बाधित करना नहीं, बल्कि कानून के अनुरूप सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करना है। इसलिए केवल उन मामलों में कार्रवाई की जाती है जहां सामग्री कानून या निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती हुई पाई जाती है।

सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को लेकर विभिन्न वर्गों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर कई लोग इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित सामग्री पर नियंत्रण की दिशा में आवश्यक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कंटेंट नियमन की प्रक्रिया पारदर्शी और कानूनी मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

फिलहाल केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी भविष्य में भी जारी रहेगी और यदि किसी अन्य ऐप या मंच पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि सुरक्षित, जिम्मेदार और कानून के अनुरूप डिजिटल इकोसिस्टम बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने यह कार्रवाई आईटी (डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के तहत की है और आगे भी ऐसे मामलों में निगरानी एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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