Duari Circle : गुढ़ तहसील के दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज हुई ?

Duari Circle : गुढ़ तहसील के दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज हुई ?
Duari Circle : गुढ़ तहसील के दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज हुई ?

रीवा।

गुढ़ तहसील अंतर्गत दुआरी सर्किल क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय नागरिकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सरकारी जमीनों पर वर्षों से अतिक्रमण की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया तो भविष्य में शासन की बहुमूल्य संपत्तियों को सुरक्षित रखना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार दुआरी सर्किल के कई गांवों में शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जे किए गए हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर सरकारी जमीन पर स्थायी निर्माण कर लिए गए हैं, जबकि कई जगहों पर बाड़बंदी और निजी उपयोग के लिए भूमि का कब्जा कर लिया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन मामलों की जानकारी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण करने वालों के हौसले बढ़ते गए।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार राजस्व विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं। इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी इस मुद्दे को उठाया गया, ताकि प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित हो सके। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो व्यापक सीमांकन कराया गया और न ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया।

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि शासकीय भूमि जनहित के अनेक कार्यों के लिए सुरक्षित रखी जाती है। इन भूमि का उपयोग भविष्य में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, खेल मैदान, सामुदायिक भवन, जल संरक्षण परियोजनाओं तथा अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है। यदि इन जमीनों पर लगातार अवैध कब्जे होते रहे तो भविष्य की विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं और शासन को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार अतिक्रमण की समस्या केवल एक-दो गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुआरी सर्किल के कई क्षेत्रों में इस प्रकार की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि पूरे क्षेत्र का आधुनिक तकनीक और राजस्व अभिलेखों के आधार पर पुनः सर्वेक्षण कराया जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उनका मानना है कि निष्पक्ष सर्वे और सीमांकन से यह तय करना आसान होगा कि कौन-सी भूमि शासकीय है और किन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन हुआ है।

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि राजस्व विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सभी सरकारी भूमि का सीमांकन कराया जाए। इसके साथ ही जिन स्थानों पर अवैध कब्जे पाए जाएं, वहां नियमानुसार कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उनका कहना है कि कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए और यदि जांच में किसी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

Duari Circle : गुढ़ तहसील के दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज हुई ?
Duari Circle : गुढ़ तहसील के दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज हुई ?

क्षेत्रवासियों का कहना है कि

सरकारी भूमि की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की जानकारी हो तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उनका मानना है कि जनसहयोग से ही सरकारी संपत्तियों की प्रभावी सुरक्षा संभव है।

जानकारों का कहना है कि समय-समय पर सरकारी भूमि का रिकॉर्ड अद्यतन करना, सीमांकन कराना और नियमित निरीक्षण करना आवश्यक होता है। इससे अतिक्रमण की संभावनाएं कम होती हैं और किसी भी प्रकार के विवाद का समय रहते समाधान किया जा सकता है। यदि लंबे समय तक निगरानी नहीं की जाती तो विवाद जटिल हो सकते हैं और उन्हें सुलझाने में अधिक समय तथा संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे दुआरी सर्किल में शासकीय भूमि का विशेष सर्वे कराया जाए तथा सभी राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही जिन स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, वहां संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई कर सरकारी भूमि को मुक्त कराया जाए।

लोगों ने यह भी मांग की है कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए तथा सीमांकन और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके। उनका कहना है कि सरकारी संपत्तियां जनता की धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन एवं प्रशासन दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

फिलहाल क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय नागरिक प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा कर रहे हैं। वहीं, इस संबंध में राजस्व विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि प्रशासन विशेष अभियान चलाकर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई करता है तो न केवल सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में अवैध अतिक्रमण की घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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