
बिजनौर।
जनपद बिजनौर में लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने 6 अगस्त 2026 को चांदपुर से हस्तिनापुर मार्ग तक बाढ़ से प्रभावित एवं क्षतिग्रस्त सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा और आवागमन को सुचारु बनाए रखना है। बाढ़ और वर्षा के कारण जिन क्षेत्रों में पानी जमा हुआ है, वहां किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकासी के कार्य को युद्धस्तर पर कराया जाए, ताकि लंबे समय तक जलभराव की स्थिति न बनी रहे और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। लगातार बारिश और बाढ़ के पानी के कारण मार्ग के कुछ हिस्सों के प्रभावित होने की जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त मार्गों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए और जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सड़कें आमजन के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। बाढ़ और जलभराव के कारण सड़क की स्थिति खराब होने पर लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए सड़क की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त हिस्सों की समय से मरम्मत कराना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। आवश्यकता के अनुसार पंपिंग की व्यवस्था कराई जाए और नालियों तथा जल निकासी के मार्गों को साफ कराया जाए, ताकि पानी के बहाव में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में केवल पानी निकालना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि पानी दोबारा उन्हीं स्थानों पर जमा न हो। इसके लिए जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान तलाशने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न किया जाए। जलस्तर, बारिश और मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाए।
जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक टीमों को जरूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए।
चांदपुर से हस्तिनापुर की ओर जाने वाला मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। बाढ़ और जलभराव के कारण यदि मार्ग प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य यात्रियों पर भी पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मार्ग की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि
मार्ग पर यदि किसी स्थान पर पानी अधिक जमा है तो वहां यातायात व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाए। जरूरत पड़ने पर लोगों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या यातायात अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। यदि कहीं भी इन सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न होता है तो संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में सभी विभागों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी प्रशासन द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अपील की कि लोग अनावश्यक रूप से जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की जरूरत है, जहां पानी का बहाव तेज हो या सड़क की स्थिति स्पष्ट न हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान देने के बजाय लोग प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मौसम विभाग की सूचनाओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। बारिश की स्थिति और संभावित जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पहले से आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया। इससे किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को तेजी से संचालित किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं और आवश्यकता के अनुसार राहत कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त मार्गों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित होने वाले संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए। सड़क की मरम्मत के साथ जल निकासी की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में समस्या कम हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके पर किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। केवल अस्थायी व्यवस्था करके कार्य को समाप्त न माना जाए, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रयास किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।
चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का विशेष जोर जल निकासी और सड़क सुरक्षा पर रहा। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण मार्ग की स्थिति और खराब न हो, इसके लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही बारिश के दौरान सड़क के किनारे कटाव और अन्य संभावित खतरों की भी जांच की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी स्थान पर सड़क क्षतिग्रस्त पाई जाती है तो वहां आवश्यक सुरक्षा संकेतक और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को खतरे वाले स्थान की जानकारी समय रहते मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल बाढ़ के दौरान राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन जल्द बहाल करना भी है। इसी उद्देश्य से जल निकासी, सड़क मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और प्रभावित मार्ग की स्थिति सुधारने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग का निरीक्षण बाढ़ और जलभराव की स्थिति में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी युद्धस्तर पर कराने, क्षतिग्रस्त मार्गों का शीघ्र सर्वेक्षण एवं मरम्मत कराने, संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करते हुए नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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