
मेरठ,
माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार के नेतृत्व में संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने की मांग को लेकर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर तथा मेरठ शहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी श्री कमल दत्त शर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों नेताओं के समक्ष कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता से रखते हुए शासनादेश जारी कराने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकारी एवं सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विद्यालयों के प्रशासनिक, कार्यालयी और अन्य आवश्यक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद चिकित्सा संबंधी सुविधाओं के मामले में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने की मांग अभी पूरी नहीं हुई है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या के समय इलाज का खर्च कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव डाल सकता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से कर्मचारियों को उपचार के दौरान आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. सोमेंद्र तोमर के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने के लिए शासन स्तर से आवश्यक शासनादेश जारी कराया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराएगी।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर इसे पूरा कराने का भरसक प्रयास करेंगे। राज्य मंत्री के आश्वासन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार की ओर से इस दिशा में जल्द सकारात्मक पहल की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने श्री कमल दत्त शर्मा के समक्ष भी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को विस्तार से रखा। संगठन की ओर से कहा गया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और वे अपने कार्यों का निर्वहन अधिक निश्चिंत होकर कर सकेंगे।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय व्यवस्था की रीढ़ का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विद्यालयों में प्रवेश, अभिलेखों का रखरखाव, कार्यालय संबंधी कार्य, छात्र-छात्राओं से जुड़े प्रशासनिक कार्य और विभागीय प्रक्रियाओं में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका रहती है। इसलिए उनके हितों और सुविधाओं को लेकर भी सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार ने कहा कि
संगठन कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों के लिए लगातार प्रयासरत है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग भी कर्मचारियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध करना नहीं, बल्कि शासन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कर्मचारियों की जायज मांगों को उचित मंच तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य संबंधी संकट के समय बेहतर सुरक्षा प्राप्त होगी। संगठन को उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक शासनादेश जारी करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषि पाल सिंह, मंत्रिमंडल प्रभारी मेरठ शशिकांत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जायसवाल, महानगर अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, जिला मंत्री शीशपाल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हित में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू किए जाने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता प्रत्येक कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषकर वर्तमान समय में चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था कर्मचारियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। यदि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ मिलता है तो उन्हें गंभीर बीमारी या आकस्मिक उपचार की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
संगठन ने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे इस मांग को शासन स्तर तक पहुंचाकर कर्मचारियों के हित में प्रभावी पहल करेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखने के आश्वासन का स्वागत किया और कहा कि संगठन आगे भी इस विषय पर शासन एवं संबंधित विभाग के समक्ष अपनी मांग को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखता रहेगा।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार ने कहा कि संगठन शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों से संगठन की एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही कर्मचारियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित मांग पर शासन स्तर से जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों के हित में यह मांग लंबे समय से महत्वपूर्ण बनी हुई है और अब इसे शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा गया है।
निवेदक:
नीरज पवार
प्रदेश अध्यक्ष,
माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
