Quick solution : शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन ?

Quick solution : शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन ?
Quick solution : शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन ?

मेरठ।

माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 25 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक से उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक आदेश जारी कराने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांग शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने से संबंधित रही। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष मांग रखी कि जिस प्रकार पात्र कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है, उसी प्रकार माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं के समय कैशलेस सुविधा मिलने से उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंत्री दिनेश खटीक के समक्ष शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और विद्यालयों के प्रशासनिक एवं अन्य आवश्यक कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उन्हें भी सरकार की कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं का उचित लाभ मिलना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से आग्रह किया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान करने के लिए आवश्यक शासनादेश जारी कराने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से उपचार के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना कम करना पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने पढ़ा और उसमें उठाई गई मांगों को ध्यानपूर्वक समझा। ज्ञापन का अवलोकन करने के बाद मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जुड़ी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।

मंत्री दिनेश खटीक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर जल्द समाधान कराने का प्रयास करेंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उनका आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार ने मंत्री के समक्ष कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी लंबे समय से अपने हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांग केवल व्यक्तिगत सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा। अचानक बीमारी या उपचार की आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा खर्च परिवार के लिए आर्थिक बोझ बन सकता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सहायता साबित हो सकती है।

Quick solution : शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन ?
Quick solution : शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन ?

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कर्मचारियों की अन्य मांगों से भी मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सरकार की कर्मचारी हितैषी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

नीरज पवार ने कहा कि संगठन लगातार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाता रहा है। संगठन का उद्देश्य कर्मचारियों की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करना है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर संगठन भविष्य में भी सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों से संवाद जारी रखेगा। संगठन को उम्मीद है कि सरकार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय करेगी।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, मंडल संरक्षक चंद्रपाल सिंह, मंत्रिमंडल प्रभारी मेरठ शशिकांत शर्मा, जिला मंत्री मेरठ शीशपाल सिंह तथा जिला कोषाध्यक्ष मेरठ महेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। सभी पदाधिकारियों ने मंत्री के समक्ष संगठन और कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से रखा।

मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका विद्यालय व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। विद्यालयों में प्रशासनिक कार्यों से लेकर विभिन्न विभागीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में शिक्षणेत्तर कर्मचारी सहयोग करते हैं। इसलिए उनके हितों और सुविधाओं पर भी सरकार को आवश्यक ध्यान देना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखे जाने के बाद शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन से प्रतिनिधिमंडल में सकारात्मक उम्मीद जगी।

नीरज पवार ने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठनात्मक तरीके से लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को उचित मंच पर रखना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री दिनेश खटीक द्वारा ज्ञापन पढ़ने और मांगों को सुनने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल होने पर प्रदेश के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर कर्मचारियों में भी उम्मीद बनी हुई है। यदि इस मांग पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय होता है तो इससे शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा संबंधी खर्च के समय महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

संगठन की ओर से कहा गया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य विषयों को भी समय-समय पर सरकार के समक्ष रखा जाता रहेगा। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने और उन्हें उनके अधिकारों एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा।

मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक का धन्यवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को आगे बढ़ाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज पवार ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि सरकार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक आदेश जारी कराने की दिशा में कार्रवाई करेगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठाने में सहयोग किया।

इस मुलाकात को माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। संगठन की ओर से कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा सहित अन्य मांगों को सरकार तक पहुंचाया गया है। अब प्रतिनिधिमंडल को सरकार की ओर से आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

 

Check Also

Hopes revived : 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिर जगीं ?

Hopes revived : 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिर जगीं ?

लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *