Expressed happiness : अयोध्या : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, पहली बार महिला सदस्य, संतों ने जताई खुशी ?

Expressed happiness : अयोध्या : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, पहली बार महिला सदस्य, संतों ने जताई खुशी ?
Expressed happiness : अयोध्या : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, पहली बार महिला सदस्य, संतों ने जताई खुशी ?

अयोध्या। 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वहीं, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। चढ़ावा चोरी विवाद और चंपत राय के इस्तीफे के करीब दो महीने बाद ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियां पहले CEO बने जीतेंद्र मिश्रा: वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में 39 वर्षों तक सेवाएं देने वाले और ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व करने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO होंगे। देवरिया (उत्तर प्रदेश) के निवासी मिश्रा सुरक्षा, एआई निगरानी, भीड़ प्रबंधन और 1,500 से 2,000 कर्मियों की टीम की सीधी मॉनिटरिंग करेंगे।
गोविंद देव गिरि नए महासचिव: प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य पुरोहित और ट्रस्ट के गठन (2020) से कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। वे कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन (58 दिन का कार्यकाल) का स्थान लेंगे।
महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष: दिल्ली के प्रमुख व्यवसायी महेश भागचंदका को ट्रस्टी बनाकर कोषाध्यक्ष पद का प्रभार सौंपा गया है। CEO और कोषाध्यक्ष सीधे महासचिव को रिपोर्ट करेंगे।
ट्रस्ट में तीन नए चेहरे: ट्रस्ट में पहली बार किसी महिला को स्थान मिला है। शिकोहाबाद की संघ समर्थक निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। उनके साथ दिल्ली के महेश भागचंदका और अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय को भी सदस्य मनोनीत किया गया है।
CEO की नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पूर्णकालिक प्रशासनिक नियंत्रण: अधिकांश ट्रस्टी दूसरे शहरों में रहते हैं। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन, मंदिर निर्माण और भारी चढ़ावे की निगरानी के लिए अयोध्या में एक पूर्णकालिक, उच्च स्तरीय प्रशासक की जरूरत थी।
स्वायत्तता और सैन्य अनुभव: सरकार का सीधा दखल न हो, इसलिए सेवारत IAS के बजाय उच्च सैन्य प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी को चुना गया। मिश्रा मंदिर के सुरक्षा तंत्र, तकनीकी निगरानी और वित्तीय अनुशासन की कमान संभालेंगे।
राम मंदिर का वित्तीय व धातु भंडार लेखा-जोखा

ट्रस्ट की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
सोना व चांदी: मंदिर को अब तक चढ़ावे में 32 किलोग्राम सोना और 1,518 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई है। चांदी को ‘सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ से गलवाकर 99.99% शुद्धता वाली ईंटों के रूप में बैंक लॉकरों में सुरक्षित रखवाया गया है।
बैंक खातों में जमा राशि: ट्रस्ट के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी खातों में वर्तमान में 1,876 करोड़ रुपये की नकद राशि जमा है।
आय-व्यय स्थिति: मंदिर निर्माण के लिए कुल 3,264 करोड़ रुपये की समर्पण निधि और 582 करोड़ रुपये चढ़ावे के रूप में मिले। इनमें से अब तक 2,370 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर तथा 391 करोड़ रुपये व्यवस्थाओं पर व्यय किए जा चुके हैं।
पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर संतों ने जताई खुशी

Expressed happiness : अयोध्या : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, पहली बार महिला सदस्य, संतों ने जताई खुशी ?
Expressed happiness : अयोध्या : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, पहली बार महिला सदस्य, संतों ने जताई खुशी ?

अयोध्या।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के सीईओ के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर अयोध्या के संतों और धार्मिक नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई संतों ने पूर्व सैन्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दिए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से मंदिर का प्रबंधन बेहतर और पारदर्शी होगा। वहीं, कुछ संतों ने ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति और मंदिर की धार्मिक परंपराओं को लेकर अपनी अपेक्षाएं भी सामने रखीं।
महंत सीताराम दास जी महाराज ने जीतेंद्र मिश्रा को सीईओ नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की सेवा कर चुके व्यक्ति को अब रामलला की सेवा का अवसर मिला है और वह इस जिम्मेदारी के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, उन्होंने ट्रस्ट के तीन सदस्यों की नियुक्ति को लेकर संतों की आपत्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संतों का कहना है कि नियुक्त किए गए लोग राम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक संघर्षों से जुड़े नहीं रहे हैं।
महंत राजू दास ने नए सीईओ की नियुक्ति को अच्छा कदम बताते हुए जीतेंद्र मिश्रा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा-अर्चना वैष्णव, संत, विरक्त और रामानंदी परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने नए सीईओ से अयोध्या में गोशालाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की अपील की। राजू दास ने कहा कि शुरुआत से उनकी राय रही है कि मंदिर की जिम्मेदारी किसी संत को दी जाती तो बेहतर होता, क्योंकि संत भगवान की सेवा और भक्ति के लिए अधिक समर्पित भाव से काम कर सकते हैं। इसके बावजूद उन्होंने पूर्व सैन्य अधिकारी की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के महासचिव बजरंग लाल बागड़ा ने नियुक्ति को संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े संस्थान को समय, परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना पड़ता है। मंदिर की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सीईओ और सभी दस ट्रस्टियों ने प्रबंधन में दक्षता और सुधार के लिए आवश्यक बदलाव करने का निर्णय लिया है।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि संत समाज पहले सीईओ नियुक्त करने के विचार का विरोध कर रहा था, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट ने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति सर्वसम्मति से की है। संतों के लिए संतोष की बात यह है कि सीईओ के लिए किसी आईएएस या आईपीएस अधिकारी के बजाय पूर्व सशस्त्र बल अधिकारी को चुना गया है। सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति से मंदिर की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद है।
महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी नियुक्ति को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर विपक्ष ने राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। नए सीईओ जीतेंद्र मिश्रा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश तथा समाज के लिए सराहनीय कार्य किया है।
धर्मगुरु करपात्री जी महाराज ने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर प्रसन्नता जताते हुए उनके सैन्य करियर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिश्रा ने कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया, अटल बिहारी वाजपेयी का आशीर्वाद प्राप्त किया और बाद में एयर चीफ मार्शल के पद तक पहुंचे और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी हिस्सा लिया। ऐसे अनुभवी व्यक्ति का राम मंदिर का सीईओ बनना सौभाग्य की बात है।
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को सराहनीय निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मंदिर का सीईओ बनाया जाना अच्छा फैसला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सैन्य सेवा से जुड़े लोगों पर देश का भरोसा रहा है।

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News Editor- (Jyoti Parjapati)

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