Acting and Dance : पर्युषण महापर्व पर भाव नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने कला, अभिनय और नृत्य प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया ?

Acting and Dance : पर्युषण महापर्व पर भाव नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने कला, अभिनय और नृत्य प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया
Acting and Dance : पर्युषण महापर्व पर भाव नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने कला, अभिनय और नृत्य प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया

जयपुर।

अखिल भारतीय श्रीमाल जैन जागृति संस्था के तत्वावधान में पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित भाव नृत्य प्रतियोगिता उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुई। धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ी इस प्रतियोगिता में जयपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रीमाल जैन परिवारों के बच्चों ने भाग लेकर अपनी कला, अभिनय, नृत्य और रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों में धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की सुंदर झलक देखने को मिली।

संस्था के महासचिव डॉ. इन्द्र कुमार जैन ने बताया कि पर्युषण महापर्व के अवसर पर बच्चों के लिए इस भाव नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन विशेष उद्देश्य के साथ किया गया। प्रतियोगिता में दो आयु वर्ग निर्धारित किए गए थे। पहले वर्ग में 5 से 15 वर्ष तथा दूसरे वर्ग में 15 से 22 वर्ष आयु के प्रतिभागियों को शामिल किया गया। दोनों आयु वर्गों के बच्चों और युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक भावनाओं, संस्कारों और सामाजिक संदेशों को नृत्य एवं अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता में शामिल बच्चों ने अलग-अलग विषयों और भावनाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति में धार्मिक प्रसंगों और जैन संस्कृति से जुड़े विचारों को भावपूर्ण तरीके से सामने रखा। बच्चों के अभिनय, नृत्य की शैली, संवाद प्रस्तुति और भाव-भंगिमाओं ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। छोटी उम्र के प्रतिभागियों में भी मंच पर प्रस्तुति देने का उत्साह देखने को मिला। वहीं बड़े आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति में बेहतर अभिनय, तालमेल और रचनात्मकता का परिचय दिया।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक रुचियों एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। वर्तमान समय में बच्चों के बीच विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि वे अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहते हुए अपनी प्रतिभा को भी विकसित कर सकें। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए संस्था की ओर से समय-समय पर सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कार्यक्रम के संयोजक एवं कोषाध्यक्ष नवल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता की सभी प्रस्तुतियों का निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन किया गया। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की पोशाक, अभिनय, भाव-भंगिमा और संपूर्ण प्रस्तुति के आधार पर आकलन किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी ओर से पूरी तैयारी के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं और दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

नवल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रस्तुति देने का प्रयास किया। बच्चों की मेहनत और उनके अभिभावकों के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता के परिणाम निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के बाद घोषित किए जाएंगे। परिणाम के साथ विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाएगा।

प्रतियोगिता के पुरस्कारों के लिए नितिन जैन, पुत्र स्वर्गीय श्री राजेश जैन, के जन्मोत्सव के अवसर पर मधु जैन, प्रज्ञाश्री जैन, प्रणिशा जैन, आकांक्षा जैन, अभिषेक जैन, आरोही जैन एवं अभिक जैन, अलवर वाले, ने संस्था को सहयोग प्रदान किया। संस्था के पदाधिकारियों ने सहयोगी परिवार के इस योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार का सहयोग धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को सफल बनाने के साथ प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने में भी सहायक होता है।

Acting and Dance : पर्युषण महापर्व पर भाव नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने कला, अभिनय और नृत्य प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया
Acting and Dance : पर्युषण महापर्व पर भाव नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने कला, अभिनय और नृत्य प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया

कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक श्री कैलाश चंद जैन,

चिरावण्डा वाले, ने सहयोगी परिवार के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी कला को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित होते हैं।

भाव नृत्य प्रतियोगिता के आयोजन में महिला समन्वयकों का भी विशेष योगदान रहा। पिंकी जैन, रेणु जैन, संगीता जैन, उर्मिला जैन, माया जैन, ऋतु जैन, समता जैन, चंचल जैन, अंजना जैन, अनीता जैन, नेहा जैन, प्रियंका जैन एवं प्रतिभा जैन ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग किया। कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने में महिला समन्वयकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने प्रतिभागियों की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं तक में सहयोग किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी प्रस्तुतियों को सराहा। आयोजकों ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए परिवार और समाज दोनों का सहयोग जरूरी है। जब बच्चों को अपनी कला और रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है तो उनके व्यक्तित्व के विकास में भी सहायता मिलती है।

पर्युषण महापर्व जैन समाज का महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। इस दौरान धार्मिक चिंतन, आत्मसंयम, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया जाता है। इसी धार्मिक वातावरण में आयोजित भाव नृत्य प्रतियोगिता ने बच्चों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का एक रचनात्मक माध्यम प्रदान किया। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने अपनी कला के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों को भी प्रस्तुत किया।

आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, कला के प्रति रुचि और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित करना भी है। भाव नृत्य जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चे अपनी भावनाओं को रचनात्मक तरीके से व्यक्त करना सीखते हैं। साथ ही उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।

अंत में संस्था के अध्यक्ष श्री अजय कुमार जैन एवं अन्य पदाधिकारियों ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों और उनके अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं, समन्वयकों और सहयोगी परिवारों के प्रति भी धन्यवाद जताया। संस्था की ओर से कहा गया कि बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

इस प्रकार पर्युषण महापर्व के अवसर पर आयोजित भाव नृत्य प्रतियोगिता ने धार्मिक संस्कारों और सांस्कृतिक प्रतिभा को एक साथ मंच प्रदान किया। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रतियोगिता के परिणामों का प्रतिभागियों और उनके परिवारों को इंतजार रहेगा, वहीं आयोजन से जुड़े सभी लोगों ने इसे बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

 

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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