The number increased : चंदौली में बदलते मौसम के साथ बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी ?

The number increased : चंदौली में बदलते मौसम के साथ बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी
The number increased : चंदौली में बदलते मौसम के साथ बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी

चंदौली, उत्तर प्रदेश। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और रुक-रुककर हो रही बारिश का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। चंदौली क्षेत्र में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मुगलसराय स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों की संख्या अधिक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव, वातावरण में नमी और बदलती मौसम परिस्थितियों के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

राजकीय महिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. के. चतुर्वेदी ने लोगों से मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और चर्म रोग से संबंधित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों में वायरल संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

बदलते मौसम का स्वास्थ्य पर असर

बारिश के मौसम में तापमान में अचानक बदलाव आम बात है। कभी तेज धूप निकलती है तो कुछ समय बाद बारिश शुरू हो जाती है। दिन और रात के तापमान में अंतर तथा वातावरण में बढ़ी नमी के कारण कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर मौसम में होने वाला यह बदलाव अपेक्षाकृत अधिक असर डाल सकता है।

चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को नए तापमान के अनुसार ढलने में समय लगता है। ऐसे में सर्दी, खांसी, नाक बहना, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वहीं बारिश के कारण आसपास नमी बढ़ने से कुछ लोगों में त्वचा संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

राजकीय महिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे बदलते मौसम को एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे लोगों में बच्चों के अलावा बुजुर्ग और चर्म रोग से संबंधित शिकायत वाले मरीज भी शामिल हैं।

सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीज बढ़े

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. के. चतुर्वेदी ने बताया कि इन दिनों सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और चर्म रोग से संबंधित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इनमें बच्चों की संख्या भी उल्लेखनीय है।

बच्चों में मौसम परिवर्तन का असर जल्दी दिखाई दे सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चों का अलग-अलग मौसम में लगातार आना-जाना, बारिश में भीग जाना अथवा गीले कपड़ों में अधिक समय तक रहना स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

चिकित्सक की सलाह है कि बच्चों को बारिश में अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचाया जाए। यदि बच्चे बारिश में भीग जाते हैं तो उन्हें जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनाए जाएं और शरीर को सामान्य तापमान में रखा जाए।

बारिश में भीगने से बचने की सलाह

चिकित्सा अधीक्षक ने लोगों से बारिश में भीगने से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान शरीर पर तापमान परिवर्तन का असर पड़ सकता है। इसलिए बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

यदि किसी व्यक्ति को बारिश में बाहर जाना आवश्यक हो तो छाता, रेनकोट या अन्य उपयुक्त साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बारिश से लौटने के बाद गीले कपड़ों को बदलना और शरीर को सूखा रखना भी जरूरी है।

डॉ. चतुर्वेदी ने लोगों को गर्म स्थान से अचानक ठंडे वातावरण में जाने अथवा ठंडे स्थान से तुरंत गर्म वातावरण में जाने से बचने की सलाह दी। शरीर को वातावरण के अनुसार धीरे-धीरे ढलने देना स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर हो सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान जरूरी

बदलते मौसम में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और बुजुर्गों की शारीरिक संवेदनशीलता के कारण मौसम का असर उन पर अधिक पड़ सकता है। इसलिए परिवार के सदस्यों को उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए।

बच्चों को बिना जरूरी काम के बारिश में बाहर न ले जाने की सलाह दी गई है। स्कूल या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बाहर जाना हो तो छाता अथवा रेनकोट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बारिश में भीगने के बाद बच्चों को गीले कपड़ों में नहीं रहने देना चाहिए।

इसी तरह बुजुर्गों को भी बारिश के दौरान विशेष रूप से सुरक्षित रखने की जरूरत है। उन्हें अनावश्यक रूप से बारिश में बाहर जाने से बचना चाहिए। ठंड या नमी का अधिक असर महसूस होने पर परिवार के सदस्यों को तत्काल ध्यान देना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को भी सतर्क रहने की सलाह

चिकित्सा अधीक्षक ने गर्भवती महिलाओं को भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि बुखार, कमजोरी, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

बारिश के दौरान बाहर निकलते समय फिसलन वाले रास्तों से सावधान रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी जाती है। परिवार के सदस्यों को गर्भवती महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

The number increased : चंदौली में बदलते मौसम के साथ बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी
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बिजली गिरने के दौरान भी सावधानी जरूरी

बारिश के मौसम में केवल मौसमी बीमारियों से ही नहीं, बल्कि आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक घटनाओं से भी खतरा रहता है। चिकित्सकीय सलाह के साथ लोगों को बारिश के दौरान सुरक्षा संबंधी सामान्य सावधानियां बरतने की अपील की गई है।

बिजली चमकने और गरजने के समय खुले मैदान, पेड़ के नीचे या अन्य असुरक्षित स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। संभव हो तो पक्के और सुरक्षित भवन के अंदर शरण लेनी चाहिए। बच्चों को भी ऐसी परिस्थितियों में बाहर खेलने से रोकना जरूरी है।

स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान

बारिश के मौसम में स्वच्छता बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। घरों के आसपास पानी जमा होने से मच्छरों और अन्य कीटों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए लोगों को अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।

खाने-पीने की चीजों को ढककर रखना, साफ पानी का उपयोग करना और भोजन से पहले तथा शौचालय के बाद हाथों को अच्छी तरह धोना जैसी सामान्य स्वच्छता आदतें अपनाना उपयोगी हो सकता है।

बारिश के दौरान बाजार या बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन में भी सावधानी बरतनी चाहिए। ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन करना तथा संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें

चिकित्सा अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वायरल लक्षण दिखाई देने पर उसे सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

विशेषकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार करना अधिक उचित है।

अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या

मौसम में बदलाव के बीच राजकीय महिला चिकित्सालय, मुगलसराय में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और त्वचा संबंधी शिकायतों वाले मरीज शामिल हैं।

अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम संबंधी बीमारियों से बचाव में सावधानी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सावधानी ही बचाव का सबसे महत्वपूर्ण उपाय

बारिश और बदलते मौसम के बीच चंदौली में बढ़ते मौसमी बीमारी के मामलों को देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या में आवश्यक सावधानियां शामिल करने की जरूरत है। बारिश में भीगने से बचना, गीले कपड़े तुरंत बदलना, साफ पानी पीना, स्वच्छता बनाए रखना और पौष्टिक भोजन लेना सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी कदम हो सकते हैं।

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सुरक्षा देने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही, बिजली गिरने की संभावना के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।

फिलहाल बदलते मौसम के कारण चंदौली क्षेत्र में मौसमी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगों में चिंता है। राजकीय महिला चिकित्सालय में बढ़ती मरीजों की संख्या इस ओर संकेत कर रही है कि मौसम परिवर्तन का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि लोग घबराने के बजाय आवश्यक सावधानियां बरतें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय सलाह, स्वच्छता और मौसम के अनुरूप सावधानी अपनाकर मौसमी बीमारियों से बचाव की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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