
हापुड़। जनपद हापुड़ के ग्राम स्वर्ग दायनी पुष्पावती पूठ स्थित गुरुकुल महाविद्यालय के प्रांगण में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह, स्वच्छता ही सेवा एवं विशेष अभियान 2026 के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, महाविद्यालय के पदाधिकारियों, समाजसेवियों, गंगा सेवकों, ग्रामवासियों तथा वन विभाग की पूरी टीम ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में डीएफओ हापुड़, वनक्षेत्राधिकारी गढ़मुक्तेश्वर, समाजसेवक श्री भारतभूषण गर्ग, गुरुकुल महाविद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश, गंगा सेवक महेश केवट, कोषाध्यक्ष महेश तथा मास्टर जयवीर सिंह अमरोही सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी और वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझा तथा अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने का संकल्प लिया।
वन्यजीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जंगलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में रहने वाले जीव-जंतु पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
ग्रामीणों को बताया गया कि वन्यजीवों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए और यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीव दिखाई देता है तो उसके नजदीक जाने के बजाय वन विभाग को तत्काल सूचना देनी चाहिए। वन्यजीवों के सुरक्षित संरक्षण के लिए ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। पेड़ों की कटाई, प्राकृतिक क्षेत्रों में गंदगी तथा अन्य मानवीय गतिविधियों से वन्यजीवों के सामने अनेक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। ऐसे में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
स्वच्छता ही सेवा का दिया संदेश
कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा अभियान को भी प्रमुखता दी गई। उपस्थित लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। गांव, विद्यालय, धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालें और अपने घरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें। ग्रामीणों को कचरे के उचित निस्तारण और स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। जब लोग स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरूक होंगे, तभी गांव और आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी साफ एवं सुरक्षित रह सकेगा।
विशेष अभियान 2026 के तहत लोगों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में विशेष अभियान 2026 के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने स्तर पर पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें। अधिक से अधिक पौधे लगाने, पेड़ों की देखभाल करने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।

गंगा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर चर्चा
पुष्पावती पूठ क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में गंगा संरक्षण से जुड़े विषयों को भी महत्व दिया गया। गंगा सेवक महेश केवट की उपस्थिति में लोगों को गंगा एवं जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
गंगा और उससे जुड़े प्राकृतिक क्षेत्रों को स्वच्छ रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा गया कि नदियों में किसी प्रकार का कचरा या प्रदूषण फैलाना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे गंगा और आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
वन विभाग की टीम की रही सहभागिता
कार्यक्रम में वन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों से संवाद करते हुए वन्यजीवों तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से संबंधित किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय वन विभाग को सूचना देना चाहिए।
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्रामीण यदि जागरूक रहेंगे और वन्यजीवों के संबंध में समय पर सूचना देंगे तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने में सहायता मिलेगी।
समाजसेवियों और ग्रामीणों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में समाजसेवी श्री भारतभूषण गर्ग सहित अन्य उपस्थित लोगों ने भी पर्यावरण, स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
गुरुकुल महाविद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश जी ने भी कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय एवं शिक्षण संस्थान बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष महेश जी तथा मास्टर जयवीर सिंह अमरोही सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की। ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वन्यजीव सुरक्षा तथा स्वच्छता से संबंधित संदेशों को अपनाने का संकल्प व्यक्त किया।
सामूहिक सहभागिता से ही सफल होंगे अभियान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीव सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों को सफल बनाने के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। जब प्रशासन, वन विभाग, शिक्षण संस्थान, समाजसेवी संगठन और ग्रामीण एक साथ मिलकर कार्य करेंगे, तभी इन अभियानों का व्यापक प्रभाव दिखाई देगा।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर पेड़ों की रक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाकर महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। वन विभाग की टीम और ग्रामवासियों की सामूहिक सहभागिता से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा।
अंत में उपस्थित अधिकारियों, समाजसेवियों, महाविद्यालय के पदाधिकारियों, गंगा सेवकों, ग्रामवासियों तथा वन विभाग की टीम ने वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह, स्वच्छता ही सेवा एवं विशेष अभियान 2026 के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
ग्राम स्वर्ग दायनी पुष्पावती पूठ में आयोजित यह कार्यक्रम वन्यजीव सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण तैयार करने का संदेश दिया गया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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