Regional Development : उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रियता से आमजन को मिल रहा संवाद का अवसर, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास पर भी मंथन ?

Regional Development : उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रियता से आमजन को मिल रहा संवाद का अवसर, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास पर भी मंथन
Regional Development : उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रियता से आमजन को मिल रहा संवाद का अवसर, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास पर भी मंथन

पोर्ट ब्लेयर।

अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा अपने चिर-परिचित सक्रिय अंदाज में संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने लोक निवास के द्वार आम लोगों के लिए खोल दिए हैं। इसके साथ ही वह स्वयं केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर जनसमस्याओं को देख और सुन रहे हैं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।

उपराज्यपाल की इस सक्रिय कार्यशैली से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। लोगों से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनने और संबंधित विभागों को समाधान के लिए निर्देशित करने की पहल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपराज्यपाल कार्यालय की गतिविधियों में आमजन से संवाद के साथ-साथ क्षेत्र के विकास, पर्यटन, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न संस्थाओं की समस्याओं पर चर्चा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

छह अक्टूबर के कार्यक्रमों से दिखी सक्रियता

छह अक्टूबर को उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यक्रम उनकी सक्रियता का स्पष्ट उदाहरण रहा। इस दिन उन्होंने दूरदर्शन केंद्र के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई और प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं तथा सुझावों को उपराज्यपाल के सामने रखा।

इन बैठकों का उद्देश्य केवल शिष्टाचार भेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श भी किया गया। प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हुए उनके समाधान तथा विकास के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।

उपराज्यपाल ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों की बातों को सुना और संबंधित विषयों पर चर्चा की। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न वर्गों और संगठनों से संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दूरदर्शन केंद्र की चुनौतियों पर चर्चा

छह अक्टूबर को उपराज्यपाल ने दूरदर्शन केंद्र के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस दौरान दूरदर्शन केंद्र के उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में सामने आ रही चुनौतियों और समस्याओं पर चर्चा की गई।

दूरदर्शन किसी भी क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और स्थानीय गतिविधियों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। अंडमान एवं निकोबार जैसे भौगोलिक रूप से विशिष्ट केंद्र शासित प्रदेश में स्थानीय घटनाओं, संस्कृति, पर्यटन और विकास से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में क्षेत्रीय प्रसारण की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

बैठक के दौरान उत्पादन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और इस दिशा में आ रही चुनौतियों को समझने पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से उपराज्यपाल को अवगत कराया। इस तरह की चर्चा से स्थानीय प्रसारण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संभावित उपायों पर आगे काम करने का रास्ता तैयार हो सकता है।

भाजपा और जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने रखीं क्षेत्रीय समस्याएं

उपराज्यपाल से भाजपा प्रदेश कार्यालय के सचिव डॉ. आर. देवदास तथा अंडमान-निकोबार जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य वी. के. अब्दुल अजीज ने भी मुलाकात की। दोनों प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की और अपने सुझाव उपराज्यपाल के समक्ष रखे।

क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के साथ होने वाली ऐसी बैठकों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजनीतिक संगठन आम लोगों से जुड़े मुद्दों से सीधे परिचित होते हैं। उनके माध्यम से सड़क, परिवहन, पर्यटन, स्थानीय सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अन्य विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्रशासन तक पहुंचाया जा सकता है।

बताया गया कि बैठक के दौरान क्षेत्रीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को सामने रखा। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधियों की बातों को सुना।

पर्यटन उद्योग के विकास पर टूर ऑपरेटर्स से मंथन

अंडमान एवं निकोबार की अर्थव्यवस्था और पहचान में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए अंडमान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधिमंडल ने भी उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पर्यटन उद्योग के विकास और संवर्धन को लेकर विस्तार से विचार रखे गए।

प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें हवाई किरायों को युक्तिसंगत बनाने, टूरिज्म ट्रेड फेयर में सक्रिय भागीदारी के लिए सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने और अंडमान को वर्ष-पर्यंत पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने जैसे विषय प्रमुख रहे।

पर्यटन संचालकों का मानना है कि अंडमान एवं निकोबार में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों को यहां आकर्षित करने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। यदि अंडमान को केवल किसी विशेष मौसम तक सीमित पर्यटन स्थल के बजाय वर्षभर पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए तो पर्यटन उद्योग को और विस्तार मिल सकता है।

Regional Development : उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रियता से आमजन को मिल रहा संवाद का अवसर, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास पर भी मंथन
Regional Development : उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रियता से आमजन को मिल रहा संवाद का अवसर, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास पर भी मंथन

हवाई किराये को लेकर रखे सुझाव

टूर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधिमंडल ने हवाई किरायों को युक्तिसंगत बनाने का सुझाव प्रमुखता से रखा। अंडमान एवं निकोबार भौगोलिक रूप से मुख्य भूमि से दूर स्थित है, इसलिए यहां आने-जाने में हवाई परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में हवाई यात्रा की लागत पर्यटन को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक हो सकती है।

प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को पर्यटन उद्योग के विकास से जोड़ते हुए अपने विचार उपराज्यपाल के सामने रखे। उनका मानना है कि यात्रियों के लिए हवाई यात्रा अधिक सुगम और व्यावहारिक होने से अंडमान की ओर पर्यटकों का रुझान बढ़ सकता है।

टूरिज्म ट्रेड फेयर में सरकारी सहयोग की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने टूरिज्म ट्रेड फेयर में अंडमान की सक्रिय भागीदारी के लिए सरकारी सहयोग की आवश्यकता भी बताई। पर्यटन मेलों और ट्रेड फेयर के माध्यम से किसी पर्यटन स्थल की विशेषताओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

अंडमान एवं निकोबार के प्राकृतिक सौंदर्य, समुद्री तटों और पर्यटन स्थलों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के लिए ऐसे आयोजनों में प्रभावी भागीदारी उपयोगी साबित हो सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने इसी दिशा में सरकारी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

वर्षभर पर्यटन गंतव्य बनाने पर जोर

टूर ऑपरेटर्स ने अंडमान को वर्ष-पर्यंत पर्यटक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार का सुझाव दिया। उनका कहना था कि पर्यटन क्षेत्र को निरंतर बढ़ावा देने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में अंडमान की पर्यटन संभावनाओं का प्रचार किया जाना आवश्यक है।

वर्षभर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार, टूर ऑपरेटर, गाइड और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

आमजन से संवाद को प्राथमिकता

उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की कार्यशैली में आमजन से सीधे संवाद की पहल महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है। लोक निवास के द्वार आम लोगों के लिए खोले जाने के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर समस्याओं को समझने और अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देशित करने का प्रयास प्रशासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

छह अक्टूबर को हुए विभिन्न कार्यक्रमों में एक ओर जहां दूरदर्शन केंद्र की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई, वहीं राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्रीय समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। दूसरी ओर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने उद्योग के विकास के लिए अपने सुझाव रखे।

इस तरह उपराज्यपाल की बैठकों में प्रशासनिक, सामाजिक, क्षेत्रीय और आर्थिक विषयों को एक साथ स्थान मिला। आमजन की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ अंडमान एवं निकोबार के विकास की संभावनाओं पर संवाद का यह क्रम केंद्र शासित प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

कुल मिलाकर, छह अक्टूबर का दिन उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की सक्रिय कार्यशैली को सामने लाने वाला रहा। विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात, समस्याओं और सुझावों को सुनना तथा विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा इस बात का संकेत है कि प्रशासन और समाज के बीच संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेष रूप से पर्यटन उद्योग से जुड़े सुझावों में हवाई किराये को युक्तिसंगत बनाने, टूरिज्म ट्रेड फेयर में सरकारी सहयोग और अंडमान को वर्षभर पर्यटन गंतव्य बनाने पर जोर दिया गया। आने वाले समय में इन विषयों पर प्रशासनिक स्तर पर होने वाली पहल अंडमान एवं निकोबार में पर्यटन और समग्र विकास की दिशा को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।

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