
पटना/मुजफ्फरपुर। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े संदेह के बीच उनके चार जिलों में पांच ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित इंजीनियर के आवास से करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के बाद विभागीय और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मच गई।
EOU की टीम ने मुजफ्फरपुर के अलावा भागलपुर, मुंगेर और पटना में भी अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। जांच एजेंसी की कार्रवाई का केंद्र इंजीनियर नारद कुमार दास से जुड़े आवास और अन्य ठिकाने रहे। फिलहाल छापेमारी के दौरान बरामद नकदी और अन्य संभावित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मुंगेर में तैनात हैं नारद कुमार दास
जानकारी के अनुसार नारद कुमार दास वर्तमान में मुंगेर में योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। नौकरी के सिलसिले में वह मुंगेर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं। EOU की टीम इसी मकान पर भी छापेमारी के लिए पहुंची।
मुंगेर स्थित किराये के मकान पर जांच एजेंसी की टीम के पहुंचने के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। टीम ने मकान के अंदर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री को जांच के लिए अपने कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई है।
मुजफ्फरपुर के घर से मिली बड़ी रकम
EOU की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी मुजफ्फरपुर स्थित नारद कुमार दास के घर से हुई बताई जा रही है। यहां से जांच एजेंसी को करीब 50 लाख रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घर में रखी इतनी बड़ी नकदी का स्रोत क्या था और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। बरामद रकम से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच किए जाने की संभावना है।
हालांकि, केवल नकदी बरामद होना अपने आप में किसी अपराध का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। रकम के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह राशि किस उद्देश्य से रखी गई थी और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
चार जिलों में एक साथ कार्रवाई
EOU ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार जांच एजेंसी की टीम ने मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर और पटना में कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी की।
एक ही समय में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई किए जाने का उद्देश्य जांच से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित करना भी माना जा रहा है। किसी एक ठिकाने पर कार्रवाई की जानकारी दूसरे स्थानों तक पहुंचने से पहले जांच एजेंसी ने अलग-अलग टीमों के माध्यम से छापेमारी की।
जांच एजेंसी द्वारा सभी ठिकानों से मिले दस्तावेजों, नकदी और अन्य सामग्री का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में और क्या-क्या बरामद हुआ है।

किराये के मकान पर भी पहुंची EOU टीम
मुंगेर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र में नारद कुमार दास जिस किराये के मकान में रहते हैं, वहां भी EOU की टीम पहुंची। टीम ने मकान की तलाशी ली और जरूरी दस्तावेजों तथा अन्य सामान की जांच की।
चूंकि इंजीनियर की वर्तमान पोस्टिंग मुंगेर में है, इसलिए जांच के दौरान उनके कार्यस्थल और आवास से जुड़े रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि उनकी संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन का उनकी आय और पद से क्या संबंध है।
नकदी के अलावा दस्तावेजों की भी जांच
EOU की इस कार्रवाई में केवल नकदी की बरामदगी ही महत्वपूर्ण नहीं है। जांच एजेंसी आम तौर पर ऐसे मामलों में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खाते, निवेश संबंधी कागजात, जमीन-जायदाद के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच करती है।
नारद कुमार दास से जुड़े पांच ठिकानों पर हुई कार्रवाई में मिले दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। जांच के दौरान यदि किसी संपत्ति या लेनदेन का संबंध संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से मिलता है, तो एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से बरामद सामान और दस्तावेजों का विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
50 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद यह मामला चर्चा में है। हालांकि, जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी प्रक्रिया का हिस्सा है। बरामद रकम के स्रोत, संपत्ति के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
EOU द्वारा चार जिलों में पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी किए जाने से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की है। मुंगेर में तैनाती और मुजफ्फरपुर स्थित आवास समेत अन्य ठिकानों की जांच से एजेंसी को वित्तीय गतिविधियों की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद मिल सकती है।
विभागीय हलकों में भी चर्चा
योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। नारद कुमार दास की वर्तमान पोस्टिंग मुंगेर में है और वह कासिम बाजार क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं।
EOU की कार्रवाई के बाद अब जांच के परिणाम का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में बरामद नकदी या अन्य संपत्तियों को लेकर कोई अनियमितता प्रमाणित होती है, तो एजेंसी नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल सबसे अहम तथ्य यह है कि मुजफ्फरपुर स्थित घर से करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं और EOU ने नारद कुमार दास से जुड़े मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर और पटना के पांच ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी अब बरामद नकदी और दस्तावेजों के स्रोत की पड़ताल कर रही है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में कौन-कौन सी वित्तीय अनियमितताएं सामने आती हैं और आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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