Resolution : सेवा संकल्प माह के तहत 50 टीबी मरीजों को मिला पुष्टाहार, टीबी मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प ?

Resolution : सेवा संकल्प माह के तहत 50 टीबी मरीजों को मिला पुष्टाहार, टीबी मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प
Resolution : सेवा संकल्प माह के तहत 50 टीबी मरीजों को मिला पुष्टाहार, टीबी मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प

सीएचसी गढ़ रोड पर शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट ने वितरित की पोषण किट, जिला विद्यालय निरीक्षक श्वेता पुठिया ने की पहल की सराहना

हापुड़, 14 अक्टूबर 2026।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने और शासन की ओर से चलाए जा रहे सेवा संकल्प माह के अंतर्गत बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गढ़ रोड पर क्षय रोगियों के लिए पोषण सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 50 चिन्हित टीबी रोगियों को पोषणयुक्त पुष्टाहार किट वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य उपचार करा रहे मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें बीमारी से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करना और समाज में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम जिलाधिकारी हापुड़ के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी राजेश सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती श्वेता पुठिया उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से मजबूत बनाने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनके पोषण का ध्यान रखने पर जोर दिया गया।

50 क्षय रोगियों को वितरित की गईं पोषण किट

सीएचसी गढ़ रोड पर आयोजित कार्यक्रम में शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट ने 50 चिन्हित क्षय रोगियों को पुष्टाहार किट प्रदान कीं। टीबी के उपचार के दौरान मरीजों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है। उचित खानपान, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित दवाओं का सेवन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच उपचार की प्रक्रिया में सहायक होते हैं।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की ओर से मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना भी रहा कि टीबी के उपचार में केवल दवाओं की ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण, नियमित देखभाल और परिवार तथा समाज के सहयोग की भी अहम भूमिका होती है।

पुष्टाहार वितरण के माध्यम से मरीजों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया कि बीमारी से संघर्ष के दौरान वे अकेले नहीं हैं। सरकारी स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संस्थाएं और समुदाय मिलकर उनके उपचार एवं स्वास्थ्य सुधार में सहयोग कर सकते हैं।

सेवा संकल्प माह के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। टीबी रोगियों को पोषण सहायता प्रदान करना जनहित की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मरीजों को उपचार के दौरान सहयोग मिल सकता है।

मुख्य अतिथि श्वेता पुठिया ने कहा—सही उपचार और पोषण से टीबी पर पाया जा सकता है नियंत्रण

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती श्वेता पुठिया ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही उपचार, अच्छी पोषण व्यवस्था और सकारात्मक सोच के साथ इस बीमारी से उबरना संभव है। उन्होंने मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे मानवीय कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और बीमारी से जूझ रहे मरीजों को सहयोग देना महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। टीबी के मरीजों को उपचार के दौरान प्रोत्साहन और सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है।

श्रीमती श्वेता पुठिया ने ट्रस्ट की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि पोषण सहायता जैसी गतिविधियां मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण हैं। इस तरह के प्रयासों से टीबी उन्मूलन के अभियान में जनभागीदारी बढ़ सकती है और लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सकता है।

उन्होंने मरीजों से चिकित्सकों की सलाह का पालन करने, निर्धारित उपचार को नियमित रूप से जारी रखने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करने का संदेश दिया।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने निक्षय मित्रों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला क्षय रोग अधिकारी राजेश सिंह ने कहा कि जनपद हापुड़ को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मरीजों की पहचान, उपचार, स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान में निक्षय मित्रों और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब सामाजिक संस्थाएं टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगे आती हैं, तो इससे स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को अतिरिक्त मजबूती मिलती है। मरीजों को यह अनुभव होता है कि समाज उनके स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य को लेकर संवेदनशील है।

राजेश सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं, परिवारों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच एवं उपचार कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि मरीजों को निर्धारित उपचार पूरा करने और स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

Resolution : सेवा संकल्प माह के तहत 50 टीबी मरीजों को मिला पुष्टाहार, टीबी मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प
Resolution : सेवा संकल्प माह के तहत 50 टीबी मरीजों को मिला पुष्टाहार, टीबी मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प

कई वर्षों से टीबी मरीजों की सेवा में जुटा है शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट

कार्यक्रम में बताया गया कि शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से जनपद में टीबी रोगियों की सेवा और सहायता के कार्यों में सक्रिय है। संस्था की ओर से समय-समय पर मरीजों को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।

ट्रस्ट द्वारा नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है।

टीबी के बारे में सही जानकारी का प्रसार इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि जागरूकता की कमी के कारण कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। हालांकि, इन लक्षणों के आधार पर स्वयं बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच कराना जरूरी है।

टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन इसका प्रभावी उपचार उपलब्ध है। समय पर पहचान, नियमित दवा, चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक पोषण के साथ मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना बेहतर हो सकती है। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण माना जाता है।

जनभागीदारी से मजबूत होगा टीबी उन्मूलन अभियान

कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि मरीजों को समय पर जांच और उपचार मिले तथा उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग भी प्राप्त हो।

पोषण सहायता कार्यक्रम मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए जाने वाले प्रयासों का हिस्सा है। इसके माध्यम से समाज के लोगों और संस्थाओं को भी यह संदेश मिलता है कि वे अपने स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अभियानों में सहयोग कर सकते हैं।

निक्षय मित्र के रूप में सहयोग करने वाली संस्थाएं टीबी मरीजों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने में भूमिका निभाती हैं। इस तरह के सहयोग से मरीजों को उपचार के दौरान प्रोत्साहन मिलता है और उनके प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ती है।

सेवा संकल्प माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम ने स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। अधिकारियों और संस्था के प्रतिनिधियों ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

ट्रस्ट अध्यक्ष अजीत सिंह ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अजीत सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, अतिथियों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद प्रकट करते हुए टीबी मरीजों की सहायता और जागरूकता से जुड़े प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर संजय कुमार, अमित कुमार, नीरज कुमार, मोनू कुमार, प्रदीप कुमार, क्षमा सिंह, भारती, वंदना, सुनीता और बिंदु सहित सीएचसी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने कार्यक्रम में सहभागिता की और टीबी मरीजों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास में सहयोग दिया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मरीजों को उपचार, पोषण और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सेवा संकल्प माह के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम टीबी मरीजों की सहायता, पोषण के महत्व और सामाजिक सहभागिता का संदेश लेकर सामने आया। 50 क्षय रोगियों को पुष्टाहार किट वितरित कर शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट ने टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग दिया, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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