Devotees : चित्रकूट से मैहर पहुंची श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा, संतोष सोनी और रीतू कोल ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत ?

Devotees : चित्रकूट से मैहर पहुंची श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा, संतोष सोनी और रीतू कोल ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत
Devotees : चित्रकूट से मैहर पहुंची श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा, संतोष सोनी और रीतू कोल ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत

मां शारदा के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद, मंदाकिनी-यमुना संगम को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल घोषित कराने के उद्देश्य से निकाली जा रही सात दिवसीय यात्रा

मैहर।

सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चित्रकूट से प्रारंभ हुई श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव एवं रथ यात्रा का मैहर आगमन हुआ। सात दिवसीय इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान एवं रथ यात्रा के मैहर पहुंचने पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी और सभापति श्रीमती रीतू कोल ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। साथ ही उन्हें मैहर की आराध्य देवी मां शारदा के दिव्य दर्शन कराए गए, जहां श्रद्धालुओं ने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

यह धार्मिक यात्रा मंदाकिनी एवं यमुना नदी के पावन संगम क्षेत्र को आधिकारिक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल घोषित कराने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यात्रा के माध्यम से संगम क्षेत्र की धार्मिक महत्ता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकूट से प्रारंभ हुई इस यात्रा का मैहर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अवसर रहा।

मैहर आगमन पर श्रद्धालुओं का हुआ स्वागत

श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा के मैहर पहुंचने पर सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी और सभापति श्रीमती रीतू कोल ने यात्रा में पधारे श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान और धार्मिक आस्था का भाव देखने को मिला। अतिथियों ने श्रद्धालुओं को मां शारदा के दर्शन कराए और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।

मैहर धार्मिक दृष्टि से विशेष पहचान रखता है। यहां स्थित मां शारदा मंदिर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चित्रकूट से आई धार्मिक यात्रा के श्रद्धालुओं के लिए मां शारदा के दर्शन करना आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की।

इस स्वागत कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक यात्रा से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच आत्मीयता का वातावरण बना। यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पवित्र संगम क्षेत्र के महत्व को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की पहल भी की जा रही है।

देवी जी बांधा बैरियर के पास हुई पूजा-अर्चना

रथ यात्रा के मैहर आगमन के दौरान देवी जी बांधा बैरियर के पास विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस पूजा में मां शारदा से सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।

पूजा-अर्चना के दौरान धार्मिक आस्था और श्रद्धा का भाव प्रमुख रहा। श्रद्धालुओं ने मां शारदा का स्मरण करते हुए सभी के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर यात्रा की सफलता और धार्मिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए भी प्रार्थना की गई।

धार्मिक यात्राएं भारतीय संस्कृति में सदियों से आस्था और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम रही हैं। इनके जरिए विभिन्न धार्मिक स्थलों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति लोगों का जुड़ाव मजबूत होता है। श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा भी इसी भावना के साथ आयोजित की जा रही है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ संगम क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है।

Devotees : चित्रकूट से मैहर पहुंची श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा, संतोष सोनी और रीतू कोल ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत
Devotees : चित्रकूट से मैहर पहुंची श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव की रथ यात्रा, संतोष सोनी और रीतू कोल ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत

मंदाकिनी-यमुना संगम को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल घोषित कराने की पहल

इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान एवं रथ यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मंदाकिनी और यमुना नदी के पावन संगम क्षेत्र को आधिकारिक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल घोषित कराने की मांग को व्यापक जनसमर्थन दिलाना है। यात्रा के माध्यम से संगम क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मंदाकिनी और यमुना नदियों से जुड़े धार्मिक स्थलों का भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में विशेष स्थान है। ऐसे क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी होती है और वे पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान तथा आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए यहां पहुंचते हैं। संगम क्षेत्र को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने की पहल से उसकी महत्ता को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

यात्रा के आयोजकों की मंशा है कि इस धार्मिक पहल के माध्यम से संगम क्षेत्र की पहचान और उसके महत्व को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। धार्मिक और पर्यटन संबंधी पहचान को मजबूत करने की मांग के साथ यह यात्रा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार पर भी जोर देती है।

हालांकि, संगम क्षेत्र को आधिकारिक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल घोषित करने की प्रक्रिया और उससे संबंधित किसी सरकारी निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिलहाल यात्रा को इस उद्देश्य से आयोजित की जा रही धार्मिक पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने का संदेश

श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव एवं रथ यात्रा को सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। धार्मिक यात्राओं के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और परंपराओं के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।

चित्रकूट से प्रारंभ होकर मैहर पहुंची इस यात्रा ने श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण में एकत्र होने का अवसर दिया। मां शारदा के दर्शन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं के स्वागत जैसे कार्यक्रमों ने यात्रा के आध्यात्मिक स्वरूप को प्रमुखता दी।

सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी और सभापति रीतू कोल की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत भी इसी धार्मिक और सामाजिक सद्भाव की भावना से जुड़ा रहा। कार्यक्रम के माध्यम से मां शारदा के प्रति आस्था व्यक्त करने के साथ श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की गई।

सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ आगे बढ़ी यात्रा

मैहर में स्वागत और पूजा-अर्चना के दौरान मां शारदा से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल बना रहने की प्रार्थना की गई। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन ने संगम क्षेत्र के महत्व और सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य को भी सामने रखा।

श्री रामः तुलसी संगम उद्धार महोत्सव एवं रथ यात्रा का मैहर आगमन श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक उत्साह का अवसर रहा। चित्रकूट से शुरू हुई सात दिवसीय यात्रा के माध्यम से मंदाकिनी-यमुना संगम क्षेत्र को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने का संदेश दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मां शारदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की गई। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के संदेश के साथ आयोजन में “जय श्री राम” और “जय मां शारदा” के जयघोष की भावना प्रमुख रही। 🙏🚩

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

Check Also

Temporarily cancelled : सऊदी अरब के कुछ शहरों के लिए इंडिगो की उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द ?

Temporarily cancelled : सऊदी अरब के कुछ शहरों के लिए इंडिगो की उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द ?

नई द‍िल्‍ली । सऊदी अरब की सुरक्षा की बदलती स्थिति को देखते हुए इंड‍िगो ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *