Secured a victory : कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट पर दर्ज की जीत ?

Secured a victory : कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट पर दर्ज की जीत
Secured a victory : कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट पर दर्ज की जीत

बेंगलुरु।

कर्नाटक विधान परिषद के चुनाव परिणामों में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्य में विधान परिषद की दो शिक्षक और दो स्नातक सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस ने एक सीट अपने नाम की। इस तरह भाजपा और जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया।

28 अक्टूबर 2026 को सामने आए इन परिणामों ने कर्नाटक की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। खास तौर पर उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के शशील जी. नमोशी की जीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को हराया। यह क्षेत्र कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रभाव वाले कल्याण कर्नाटक इलाके में आता है। ऐसे क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने चुनाव परिणामों को और चर्चा में ला दिया है।

चार सीटों पर एनडीए का कब्जा

कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई और परिणाम 28 अक्टूबर तक सामने आए। इन चुनावों में भाजपा और जेडीएस ने

भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। वहीं, जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को पराजित कर सीट अपने नाम की। इस परिणाम के साथ भाजपा ने अपनी तीनों सीटें बरकरार रखीं, जबकि जेडीएस कांग्रेस से एक सीट छीनने में सफल रही।

कांग्रेस के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में उसकी सरकार है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इन चुनावों में प्रचार किया था। इसके बावजूद पार्टी चारों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल नहीं कर सकी।

खरगे के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा की बड़ी जीत

चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिला। यहां भाजपा के मौजूदा विधान परिषद सदस्य शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को पराजित किया। नमोशी को 15,596 प्रथम वरीयता के मत मिले, जबकि मत्तूर को 12,299 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार भाजपा उम्मीदवार ने 3,297 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। यह नमोशी की इस निर्वाचन क्षेत्र से पांचवीं जीत बताई गई है।

उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी सहित कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के जिले आते हैं। कलबुर्गी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में भाजपा की जीत को कांग्रेस के लिए राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, किसी एक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम से पूरे राज्य में किसी दल के समर्थन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने मतदान किया था, इसलिए इनके परिणामों को इसी मतदाता वर्ग और संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के संदर्भ में समझना अधिक उपयुक्त होगा।

बेंगलुरु शिक्षक सीट जेडीएस के खाते में

बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना को हराया। रंगनाथ को 10,810 मत मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 मत प्राप्त हुए। इस तरह जेडीएस उम्मीदवार ने 908 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि पुट्टन्ना पहले जेडीएस से जुड़े रहे थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस चुनाव में जेडीएस ने भाजपा के समर्थन के साथ उम्मीदवार उतारा था। गठबंधन के दोनों दलों के बीच चुनावी समन्वय का परीक्षण भी इन परिणामों के माध्यम से हुआ।

बेंगलुरु शिक्षक सीट पर जीत के साथ जेडीएस ने विधान परिषद में अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखने के साथ कांग्रेस को उसके कब्जे वाली एक सीट पर पराजित किया। विपक्षी गठबंधन के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण रहा।

Secured a victory : कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट पर दर्ज की जीत
Secured a victory : कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने तीन और जेडीएस ने एक सीट पर दर्ज की जीत

स्नातक सीटों पर भी भाजपा का प्रदर्शन

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ दोनों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा सदस्य एस.वी. संकनूर ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई को 9,323 मतों से हराया। संकनूर को 33,711 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 24,388 मत प्राप्त हुए। यह संकनूर की लगातार तीसरी जीत बताई

दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मठ को पराजित किया। इस मुकाबले में सुरेश ने 23,098 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इन दोनों परिणामों के साथ भाजपा ने स्नातक वर्ग की दोनों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

इन परिणामों से स्पष्ट हुआ कि भाजपा और जेडीएस ने चारों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने में सफलता हासिल की। वहीं, कांग्रेस को शिक्षक और स्नातक दोनों वर्गों के निर्वाचन क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस करेगी हार की समीक्षा

चुनाव परिणामों के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने कहा कि पार्टी जनता के जनादेश को स्वीकार करती है और परिणामों की विस्तृत समीक्षा करेगी। कांग्रेस के लिए यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं के बीच पार्टी के उम्मीदवारों को अपेक्षित समर्थन क्यों नहीं मिल सका।

इन चुनावों में भाजपा और जेडीएस के बीच तालमेल भी चर्चा का विषय रहा। दोनों दलों ने गठबंधन के तहत एक-दूसरे के उम्मीदवारों को समर्थन दिया। परिणामों ने विपक्षी गठबंधन को राज्य की राजनीति में कांग्रेस के खिलाफ अपनी रणनीति रखने का अवसर दिया है।

हालांकि, इन चार सीटों पर हार का अर्थ यह नहीं है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर तत्काल कोई खतरा पैदा हो गया है। विधान परिषद में कांग्रेस की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई है। इसलिए इन नतीजों को राज्य सरकार के बहुमत से अलग, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक समर्थन के आकलन के रूप में देखना अधिक उचित होगा।

चुनाव परिणामों का राजनीतिक संदेश

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस ने एक सीट पर कब्जा किया। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर हार गई। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शशील जी. नमोशी की जीत और बेंगलुरु शिक्षक सीट पर ए.पी. रंगनाथ की सफलता परिणामों के प्रमुख पहलू रहे।

इन नतीजों से भाजपा-जेडीएस गठबंधन के चुनावी तालमेल और कांग्रेस के सामने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं के बीच समर्थन बनाए रखने की चुनौती सामने आई है। अब कांग्रेस की समीक्षा और आने वाले चुनावों में दलों की रणनीति पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

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