Around Holi : उत्तर प्रदेश को मिलेगा जल्द बड़ा तोहफा, गंगा एक्सप्रेसवे लगभग तैयार FASTag टोल ट्रायल सफल, होली के आसपास उद्घाटन की संभावना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग तैयार है और इस पर FASTag आधारित टोल सिस्टम का ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रदेश का, बल्कि देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 6 लेन ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे पर बनने वाली सभी 1498 संरचनाओं, जिनमें पुल, अंडरपास, ओवरब्रिज और कल्वर्ट शामिल हैं, उनका निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। अब केवल अंतिम फिनिशिंग, सुरक्षा जांच और तकनीकी परीक्षण का कार्य शेष है।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है। अभी तक इस दूरी को तय करने में यात्रियों को करीब 12 घंटे या उससे अधिक समय लग जाता था, लेकिन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह दूरी महज 6 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च में भी कमी आएगी।
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को सीधे तौर पर जोड़ने वाला है, जिससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों में औद्योगिक विकास, व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे को पूरी तरह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक रोड इंजीनियरिंग, हाई-स्पीड डिजाइन, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हरित पट्टी विकसित की गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।
टोल वसूली के लिए FASTag आधारित आधुनिक टोल प्लाजा तैयार किए गए हैं। हाल ही में किए गए टोल ट्रायल में सिस्टम पूरी तरह सफल रहा, जिससे यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे संचालन के लिए तकनीकी रूप से तैयार है। FASTag प्रणाली से वाहनों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, पेट्रोलिंग वाहन और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए रेस्ट एरिया, फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप और वाहन मरम्मत केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार के अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होली के आसपास किए जाने की संभावना है। उद्घाटन के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा, जिसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स, कृषि उत्पादों की ढुलाई, औद्योगिक क्लस्टर और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी केवल किलोमीटर में नहीं, बल्कि विकास के स्तर पर भी कम हो जाएगी। इससे प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी एक्सप्रेसवे को लेकर खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी यात्रा आसान होगी, व्यापार बढ़ेगा और क्षेत्र में नए निवेश आएंगे।
कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है। इसके चालू होते ही प्रदेश की कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान मिलेगी। अब प्रदेशवासियों को बस इसके उद्घाटन का इंतजार है, जो जल्द ही खत्म होने वाला है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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