वाराणसी। बीएचयू के सरसुंदर लाल अस्पताल की इमरजेंसी में रात में रेजिडेंट की डयूटी की विशेष निगरानी की जाएगी। यहां जिस भी विभाग के जूनियर रेजिडेंट या सीनियर रेजिडेंट की डयूटी लगाई जाएगी, तो उनकी डयूटी की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी। आईएमएस बीएचयू के निदेशक ने इस आदेश का एक पत्र भी संबंधित विभागाध्यक्षों को भेजकर इसका अनुपालन करवाने को कहा है।
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में हर दिन आने वाले करीब 200 से अधिक मरीजों में 40 से अधिक मरीज गंभीर अवस्था में वाराणसी और आसपास के जिलों से रेफर होकर आते हैं। मेडिकल आफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ की डयूटी लगाने के साथ ही आईएमएस के मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग, बाल सर्जरी सहित अन्य विभागों के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट की तैनाती भी इमरजेंसी में रहती है। रात में सीनियर रेजिडेंट के इमरजेंसी में डयूटी पर तैनात न रहने का मामला सामने आने के बाद अब नए सिरे से मानीटरिंग कराने का निर्णय लिया गया है। निदेशक प्रो. एसएन संखवार का कहना है कि बीएचयू अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज, जांच मिल सके, इसके लिए दिन-प्रतिदिन सेवाओं में सुधार और विस्तार किया जा रहा है। समय से डाक्टरों के मिलने से न केवल मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा बल्कि उन्हें भटकना भी नहीं पड़ेगा। जिन विभागों के जूनियर, सीनियर रेजिडेंट की ड्यूटी लगती है, उसको सुनिश्चित करवाना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है। इसके लिए विभागाध्यक्षों को सुझाव दिया गया है।
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