Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग ?

Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग

Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग
Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग

जौनपुर, 12 मार्च 2026। जनपद जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में कथित घोटाले, भ्रष्टाचार तथा पत्रकार उत्पीड़न के विरोध में चलाया जा रहा सत्याग्रह आंदोलन गुरुवार को 1676वें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन बीते कई वर्षों से लगातार चल रहा है और इसके माध्यम से विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है। आंदोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता यशवन्त कुमार गुप्त कर रहे हैं, जो 9 अगस्त 2021 से लगातार इस धरने के माध्यम से अपनी मांगों को उठाते आ रहे हैं।

आंदोलनकारी यशवन्त कुमार गुप्त का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं। उनका आरोप है कि किसानों और जमीन मालिकों के साथ न्याय नहीं हुआ तथा कई मामलों में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी रही और कई शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

धरने के दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का फर्जी तरीके से निस्तारण दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि कई मामलों में शिकायतों की वास्तविक जांच किए बिना ही उन्हें बंद कर दिया गया, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

यशवन्त कुमार गुप्त ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जांच के मुख्य बिंदुओं पर कार्रवाई नहीं होती और समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि आम जनता के अधिकारों और न्याय के लिए लड़ा जा रहा है।

धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ आवाज उठाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात रखने और न्याय की मांग करने का अधिकार है, और इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए यह आंदोलन चलाया जा रहा है।

Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग
Demand for action : भ्रष्टाचार और घोटाले के विरुद्ध 1676 दिनों से जारी सत्याग्रह, कलेक्ट्रेट परिसर में उठी जांच और कार्रवाई की मांग

सत्याग्रह के दौरान जिले में हाल ही में हुई एक बड़ी आपराधिक घटना का मुद्दा भी उठाया गया। आंदोलनकारियों ने सिरकोनी बाजार (इजरी) में हुई भीषण डकैती की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और प्रशासन को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।

धरने में मौजूद लोगों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बन सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि डकैती के सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिया जाए।

इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक भी धरने में शामिल हुए और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। प्रमुख रूप से विजय प्रताप सिंह, अमरेश कुमार पाण्डेय अधिवक्ता, नन्दलाल रावत, राम बहाल यादव, आदित्य नारायण शर्मा, उदय प्रताप सिंह, राजितराम यादव, विजय प्रकाश मिश्र, प्रेम प्रकाश मिश्र और राम आसरे विश्वकर्मा सहित दर्जनों समर्थक उपस्थित रहे।

इन सभी ने एक स्वर में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो प्रशासन और सरकार को भी समस्याओं पर ध्यान देना पड़ता है।

आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि लंबे समय से चल रहे इस सत्याग्रह का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, तो न केवल प्रभावित लोगों को न्याय मिलेगा बल्कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर भी रोक लग सकेगी।

धरने के अंत में यशवन्त कुमार गुप्त ने सभी समर्थकों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मिल रहा जनसमर्थन यह दर्शाता है कि समाज में न्याय और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सत्याग्रह का मार्ग भले ही कठिन हो, लेकिन यह लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सबसे शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीका है। इसी विश्वास के साथ आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा और जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।

इस प्रकार जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा यह सत्याग्रह आंदोलन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ लंबी लड़ाई का प्रतीक बन चुका है, जिसमें स्थानीय नागरिकों का समर्थन लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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