Farmers’ movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रखी ?

Farmers’ movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रख

Farmers' movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रखी ?
Farmers’ movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रखी ?

सम्भल। जनपद सम्भल में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बी.आर.एस.एस.) ने प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद की है। यूनियन ने आगामी 16 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित किसान पंचायत से पूर्व संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। यह किसान पंचायत ब्लॉक परिसर सम्भल में आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना है।

भारतीय किसान यूनियन (बी.आर.एस.एस.) ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन को मजबूरन आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और विरोध का रास्ता अपनाना पड़ेगा। यूनियन नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञापन में किसानों से जुड़ी कई गंभीर और ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। इसमें खासतौर पर फसल नुकसान का मुआवजा, सिंचाई व्यवस्था की बदहाली, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना, कर्जमाफी, बिजली आपूर्ति, उर्वरक और बीज की उपलब्धता, तथा कृषि विभाग की लापरवाही जैसे मुद्दे शामिल हैं। यूनियन का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि और मौसम की मार से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर और उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि जनपद के कई क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नहरों में समय पर पानी नहीं पहुंच रहा, ट्यूबवेल खराब पड़े हैं और बिजली कटौती के कारण किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक किसान कल्याण योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, और अन्य योजनाओं का लाभ या तो मिल नहीं रहा है या फिर प्रक्रिया इतनी जटिल है कि किसान लाभ से वंचित रह जाते हैं। यूनियन ने इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुंचाने की मांग की है।

भारतीय किसान यूनियन (बी.आर.एस.एस.) ने कर्ज के बोझ से दबे किसानों की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई है। यूनियन का कहना है कि बढ़ती महंगाई, खाद-बीज और डीजल के दामों में वृद्धि के कारण किसान कर्ज लेने को मजबूर हैं। ऐसे में कर्जमाफी किसानों के लिए राहत का सबसे बड़ा उपाय हो सकता है। यूनियन ने सरकार से किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग की है।

Farmers' movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रखी ?
Farmers’ movement : सम्भल में किसानों का आंदोलन ऐलान यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर मांगे मानी जाने की शर्त रखी ?

यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 16 दिसंबर 2025 को होने वाली किसान पंचायत में दोपहर 2:00 बजे तक संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं, तो संगठन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

किसान नेताओं ने कहा कि यह पंचायत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। यूनियन का मानना है कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है, लेकिन यदि अधिकारी पंचायत में आकर किसानों की बात सुनने से भी बचते हैं, तो यह प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाएगा।

भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में किसान पंचायत में पहुंचें और अपनी एकजुटता का परिचय दें। यूनियन ने कहा कि किसानों की ताकत उनकी संख्या और एकता में है। जितनी अधिक संख्या में किसान पंचायत में शामिल होंगे, उतनी ही मजबूती से उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचेगी।

यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि ज्ञापन सौंपना केवल एक प्रारंभिक कदम है। यदि इसके बाद भी प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन आगामी दिनों में बड़े आंदोलन, प्रदर्शन और संघर्ष की रणनीति तैयार करेगा। किसान नेताओं ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार और प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करे।

कुल मिलाकर, सम्भल में प्रस्तावित किसान पंचायत को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। किसानों में अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और क्या 16 दिसंबर की पंचायत समाधान का मंच बनती है या फिर आंदोलन की शुरुआत।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

 

Check Also

We will meet : जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का दो दिवसीय भारत दौरा, गांधी नगर में पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

We will meet : जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का दो दिवसीय भारत दौरा, गांधी नगर में पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात ?

We will meet : जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का दो दिवसीय भारत दौरा, गांधी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *