National Anthem: मामा ने लिखा, भांजी ने गाया.. 100 साल बाद भी हर जुबां पर छाया है जन गण मन ?

National Anthem: मामा ने लिखा, भांजी ने गाया.. 100 साल बाद भी हर जुबां पर छाया है जन गण मन

National Anthem: मामा ने लिखा, भांजी ने गाया.. 100 साल बाद भी हर जुबां पर छाया है जन गण मन ?
National Anthem: मामा ने लिखा, भांजी ने गाया.. 100 साल बाद भी हर जुबां पर छाया है जन गण मन ?
नई दिल्ली (National Anthem).
  • 15 अगस्त 2025 को देशभर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है. विदेश में बसे भारतीय भी इस खास अवसर पर गर्व महसूस कर रहे हैं. स्कूल-कॉलेज से लेकर घर और ऑफिस तक, हर जगह आजादी और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. साथ ही सबकी जुबां पर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ भी छाया हुआ है. यह सिर्फ राष्ट्रगान नहीं है, बल्कि हर भारतीय के लिए देश के प्रति सम्मान प्रकट करने और गर्व महसूस करने का जरिया भी है.
  • 27 दिसंबर 1911 का दिन भारतीय इतिहास में खास है. कोलकाता में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में पहली बार जो गीत गूंजा, वही आगे चलकर देश का राष्ट्रगान बना. रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे बंगाली में ‘भारत भाग्य विधाता’ के नाम से लिखा और उनकी भांजी सरला देवी चौधरानी ने इसे स्वरबद्ध कर मंच से गाया. यह गीत भारत के अलग-अलग प्रांतों, नदियों, पहाड़ों और संस्कृतियों का उत्सव था. महात्मा गांधी ने भी इसे सुनकर इसकी सराहना की और इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया.
    हर जुबां पर छाया 52 सेकंड का गीत

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