New transfer : संभल में जामा मस्जिद सर्वे आदेश देने वाले CJM आदित्य सिंह सिर्फ 3 घंटे तक रहे पद पर, ट्रांसफर की नई लिस्ट जारी

संभल। जिले में न्यायिक प्रशासन और अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर एक बार फिर हड़बड़ी और हलचल देखने को मिली है। संभल में जामा मस्जिद सर्वे के आदेश देने वाले सीजेएम (CJM) आदित्य सिंह को सिर्फ तीन घंटे तक इस पद पर रहने का मौका मिला और इसके तुरंत बाद उन्हें सिविल जज (सीनियर डिविजन) वापस कर दिया गया। इस नए बदलाव के साथ ही कौशाम्बी के CJM दीपक जायसवाल को संभल का नया CJM नियुक्त किया गया है।
इस फैसले से न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आदित्य सिंह का केवल तीन घंटे का कार्यकाल बेहद असामान्य माना जा रहा है। आदित्य सिंह का नाम तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने संभल में जामा मस्जिद सर्वे करने का आदेश दिया था, जो स्थानीय प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बन गया।
CJM विभांशु सुधीर से आदित्य सिंह तक का सफर
इस बदलाव से पहले संभल के CJM के पद पर विभांशु सुधीर तैनात थे। विभांशु सुधीर ने संभल हिंसा के मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पूर्व CO अनुज चौधरी पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। उनकी इस कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। इसके बाद उन्हें संभल से हटा दिया गया और उनकी जगह आदित्य सिंह को CJM बनाया गया।
आदित्य सिंह ने CJM के रूप में आते ही जामा मस्जिद सर्वे का आदेश जारी किया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। उनके इस कदम के बाद स्थानीय और उच्च न्यायिक प्रशासन की नजरें इस मामले पर टिक गईं। हालांकि, उनकी इस पहल को समर्थन और आलोचना दोनों का सामना करना पड़ा।
नए ट्रांसफर की घोषणा
हाल ही में न्यायिक प्रशासन द्वारा जजों के ट्रांसफर की नई लिस्ट जारी की गई, जिसमें आदित्य सिंह को CJM के पद से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) बनाया गया। इस नए आदेश के तहत कौशाम्बी के CJM दीपक जायसवाल को संभल का नया CJM नियुक्त किया गया है। इस बदलाव से संभल में न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था के संचालन में नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदित्य सिंह का केवल तीन घंटे का कार्यकाल न्यायिक प्रशासन के इतिहास में असामान्य माना जा रहा है। इस मामले को लेकर यह चर्चा भी हो रही है कि CJM के पद पर तैनाती और ट्रांसफर के निर्णय में प्रशासनिक और राजनीतिक दबावों का प्रभाव हो सकता है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और जजों के ट्रांसफर का महत्व
स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच इस बदलाव को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ लोगों का मानना है कि आदित्य सिंह का CJM पद पर केवल तीन घंटे रहना न्यायिक निर्णय की स्वतंत्रता और न्यायिक स्थिरता पर सवाल उठाता है। वहीं, अन्य लोगों का कहना है कि नए CJM दीपक जायसवाल के आने से संभल में न्यायिक मामलों के त्वरित निपटान और प्रशासनिक सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
जजों के ट्रांसफर केवल पद परिवर्तन नहीं होते, बल्कि यह न्यायिक प्रणाली की कार्यक्षमता और प्रशासनिक संतुलन को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। CJM का पद संभल जैसे संवेदनशील जिले में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस पद पर बैठा अधिकारी हिंसा, विवाद और संवेदनशील मामलों में त्वरित और निष्पक्ष निर्णय लेने में सक्षम होता है।
जामा मस्जिद सर्वे और विवाद
आदित्य सिंह के CJM बनने के तुरंत बाद जामा मस्जिद सर्वे का आदेश देना एक ऐसा कदम था, जिसने मीडिया और स्थानीय प्रशासनिक विभागों का ध्यान आकर्षित किया। इस आदेश को लेकर कई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा हुई। कुछ विशेषज्ञों का कहना था कि यह आदेश कानून और प्रशासन की दृष्टि से आवश्यक था, जबकि कुछ लोगों ने इसे संवेदनशील मामले में जल्दबाजी और विवादास्पद निर्णय के रूप में देखा।
जज आदित्य सिंह को CJM के रूप में हटाए जाने के पीछे इस आदेश का प्रभाव और प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रांसफर एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें किसी विशेष व्यक्ति या आदेश को व्यक्तिगत रूप से जोड़ना उचित नहीं है।
भविष्य में संभल की न्यायिक प्रक्रिया
दीपक जायसवाल के संभल CJM बनने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि न्यायिक मामलों का निपटान तेजी से होगा और संवेदनशील मुद्दों में संतुलित निर्णय लिया जाएगा। उनके अनुभव और कौशल पर भरोसा जताया जा रहा है कि वह CJM पद पर रहते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेंगे और न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखेंगे।
न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक विभागों के अनुसार, जजों के ट्रांसफर से न्यायिक प्रक्रिया में नई ऊर्जा और कार्यकुशलता आती है। CJM पद पर नए अधिकारी की नियुक्ति से मामलों की तेजी और निष्पक्ष निर्णय की संभावना बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
संभल में CJM आदित्य सिंह का केवल तीन घंटे का कार्यकाल और जामा मस्जिद सर्वे का आदेश एक असामान्य और चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, न्यायिक प्रशासन की नई लिस्ट के अनुसार दीपक जायसवाल को संभल का CJM नियुक्त किया गया है। यह बदलाव न्यायिक प्रक्रिया की गति, संवेदनशील मामलों के निष्पक्ष निपटान और प्रशासनिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायिक ट्रांसफर और पदस्थापन केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होते, बल्कि जिले के संवेदनशील मामलों, नागरिक सुरक्षा और न्यायिक निष्पक्षता को सीधे प्रभावित करते हैं। संभल में अब नए CJM के साथ न्यायिक और प्रशासनिक प्रणाली की निगरानी, संतुलन और सुधार की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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