Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड ?

Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का एक नया अध्याय सामने आया है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण बिश्नोई ने विशेष कार्य बल (SOG) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत SOG प्रभारी समेत कुल 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

निलंबन का कारण

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बिलारी थाना क्षेत्र के एक कबाड़ी की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि SOG की टीम ने अवैध रूप से कबाड़ी से 30,000 रुपये वसूल किए। शिकायतकर्ता का कहना था कि पुलिसकर्मियों ने अपनी अधिकार सीमा का दुरुपयोग किया और निजी लाभ के लिए कानून को ताक पर रख दिया।

Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Policeman suspended : SP कृष्ण बिश्नोई का बड़ा एक्शन: SOG टीम निलंबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी

SP कृष्ण बिश्नोई ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया:

  1. SOG प्रभारी

  2. सब इंस्पेक्टर

  3. 2 हेड कांस्टेबल

  4. 5 सिपाही

सभी सस्पेंड पुलिसकर्मी अब अपने पदों से मुक्त कर दिए गए हैं और उनकी सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

शिकायत का विवरण

शिकायत बिलारी, मुरादाबाद के एक स्थानीय कबाड़ी ने दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को बताया कि SOG की टीम ने उनसे 30,000 रुपये की राशि अवैध तरीके से वसूल की। शिकायत में कहा गया कि पुलिसकर्मियों ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया और कानून को व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया।

शिकायत मिलने के बाद SP कृष्ण बिश्नोई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्होंने टीम के निलंबन का आदेश जारी किया।

SP कृष्ण बिश्नोई की प्रतिक्रिया

SP कृष्ण बिश्नोई ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन और ईमानदारी सर्वोपरि है। कोई भी पुलिसकर्मी अगर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करता है या कानून का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई जनता को यह संदेश देने के लिए की गई है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य पुलिस की विश्वसनीयता बनाए रखना और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा कानून का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”

विभागीय कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के तहत सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और घटनास्थल के साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि SOG प्रभारी समेत पूरी टीम को निलंबित किया गया, जिससे यह संदेश जाता है कि नेतृत्व स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करनी होगी। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ निम्न अधिकारियों तक सीमित कार्रवाई नहीं की जाएगी, बल्कि जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जनता और मीडिया की प्रतिक्रिया

मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्रवाई को जनता ने सकारात्मक रूप में देखा। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा देगा। मीडिया ने भी इस कार्रवाई को प्रमुखता से कवर किया और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम के रूप में पेश किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेज और सख्त कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में अनुशासन और कानून का पालन बढ़ता है। इसके अलावा, जनता के विश्वास को भी मजबूत किया जा सकता है।

कानूनी और सामाजिक महत्व

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है। भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता केवल विभाग की विश्वसनीयता को नहीं प्रभावित करती, बल्कि यह सीधे जनता के हितों पर भी असर डालती है।

SOG जैसे विशेष कार्य बल का गठन गंभीर अपराधों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया है। अगर इसी बल के सदस्य भ्रष्टाचार में लिप्त हों, तो इसका नकारात्मक प्रभाव न केवल विभाग की प्रतिष्ठा पर पड़ता है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी कम हो जाती है।

निष्कर्ष

SP कृष्ण बिश्नोई का यह निर्णय मुरादाबाद पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिसकर्मी कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। SOG प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मियों का निलंबन इस संदेश को और मजबूत करता है।

भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखने में मदद करेगी। आगामी दिनों में विभागीय जांच पूरी होने के बाद सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।

मुरादाबाद के नागरिक इस कार्रवाई को सकारात्मक रूप में ले रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में पुलिस विभाग में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

यह कार्रवाई न केवल मुरादाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के लिए अनुकरणीय उदाहरण है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त और तेज कदम उठाना आवश्यक है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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