Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी ?

Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी

Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी
Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी
प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही अनजाने में या लापरवाही वश इन नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, तो समाज में आक्रोश फैलना स्वाभाविक है. उरुग्वे के पूर्व पर्यटन उप-मंत्री और मशहूर होटल व्यवसायी रेमो मोनजेग्लियो (Remo Monzeglio) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.

एक मछली पकड़ने के शौक ने उन्हें न केवल विवादों के केंद्र में खड़ा कर दिया, बल्कि उन्हें अपनी ‘अज्ञानता’ के लिए पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ा. यह मामला तब गरमाया जब उन्होंने एक दुर्लभ और संरक्षित शार्क के साथ अपनी एक मुस्कुराती हुई तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे देखकर लोग भड़क गए. मामला बीते 14 फरवरी का है, जब 72 वर्षीय रेमो दक्षिणी उरुग्वे के सॉस डी पोर्टेज़ुएलु तट पर मछली पकड़ने गए थे. उन्होंने एक छोटी ‘हैमरहेड शार्क’को पकड़ा और उसकी लाश के साथ एक सेल्फी पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, “फिशिंग डे और एक छोटी हैमरहेड शार्क बाहर आ गई!” जैसे ही यह तस्वीर इंटरनेट पर आई

Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी
Post selfie : क्या एक फोटो के लिए ले ली बेजुबान की जान? 72 साल के पूर्व मंत्री ने मारी दुर्लभ शार्क, फिर पोस्ट की सेल्फी
वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों का गुस्सा फूट पड़ा. हैमरहेड शार्क एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है, जिसका शिकार अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत प्रतिबंधित है. बढ़ते दबाव और अपमानजनक कमेंट्स के बाद रेमो को न केवल अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी, बल्कि सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी. अपनी सफाई में पूर्व मंत्री ने दावा किया कि यह उनके जीवन में मछली पकड़ने का केवल दूसरा मौका था और उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह जिस मछली के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं, वह एक संरक्षित प्रजाति है.
उन्होंने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि शार्क ने बहुत हिंसक तरीके से हमला किया था और नाव के निचले हिस्से व इंजन के ब्लेड से टकराने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. रेमो के अनुसार, जब उन्होंने हुक निकाला, तब तक शार्क की जान जा चुकी थी, इसलिए उन्होंने उसे वापस समुद्र में नहीं फेंका. हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस कहानी पर यकीन नहीं कर रहे हैं. एक यूजर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “यह अवैध है! क्या ऐसे लोग सच में सरकार का हिस्सा थे? इन्हें जैव विविधता या जीवन के प्रति कोई सम्मान नहीं है.” पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हैमरहेड शार्क अपने पंखों की भारी मांग और अत्यधिक मछली पकड़ने की वजह से विलुप्ति की कगार पर हैं. रेमो मोनज़ेग्लियो ने स्वीकार किया कि अज्ञानता उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करती है.उन्होंने खुद इस घटना की रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय और कृषि व मत्स्य मंत्रालय को दी है.

Check Also

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन ?

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन ?

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *