Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी ?

Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी

Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी ?
Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी ?

Indian Red Cross Society के तत्वावधान में जनपदफ़तेहपुर में मानवीय संवेदनाओं का एक मार्मिक उदाहरण देखने को मिला, जब गढ़ीवा निवासी पिंटू के घर आग लगने की घटना के बाद उन्हें आवश्यक राहत सामग्री प्रदान की गई। यह सहायता आचार्य रामनारायण द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तत्काल संगठित की गई, ताकि पीड़ित परिवार को विपत्ति की इस घड़ी में संबल मिल सके।

बताया गया कि गढ़ीवा निवासी पिंटू के घर में मोमबत्ती से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उनकी पूरी गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। घर में रखे कपड़े, बिस्तर, राशन, बर्तन और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएँ पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस घटना ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया, क्योंकि उनके पास जीवनयापन के लिए आवश्यक मूलभूत संसाधन भी शेष नहीं बचे थे।

घटना की जानकारी मिलते ही आचार्य रामनारायण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को अवगत कराया। तत्पश्चात Indian Red Cross Society की स्थानीय इकाई ने त्वरित संज्ञान लेते हुए राहत कार्य की रूपरेखा तैयार की। दिनांक 27/02/26 को शाम 4 बजे चेयरमैन फ़तेहपुर एवं कार्यकारिणी सदस्य, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी उत्तर प्रदेश, डॉ अनुराग श्रीवास्तव स्वयं पिंटू के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार को राहत सामग्री सौंपी।

डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी का मूल उद्देश्य आपदा या संकट की स्थिति में जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था मानवता की सेवा के सिद्धांत पर कार्य करती है और किसी भी व्यक्ति की पीड़ा को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। इस अवसर पर उनके साथ अभिनव श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे, जिन्होंने राहत सामग्री वितरण में सहयोग किया।

पीड़ित परिवार को जो सामग्री प्रदान की गई, उसमें एक सैकड़ा कपड़े शामिल थे, ताकि परिवार के सदस्य तत्काल पहनने योग्य वस्त्र प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त तिरपाल भी दी गई, जिससे वे अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सकें। 32 पीस का बर्तन सेट उपलब्ध कराया गया, ताकि रसोई का कार्य दोबारा प्रारंभ किया जा सके। साथ ही 10 किलो आटा और 10 किलो चावल देकर परिवार की तत्काल खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति का प्रयास किया गया।

Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी ?
Relief material given to Pintu : इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने आग पीड़ित पिंटू को राहत सामग्री दी ?

राहत सामग्री में हल्दी, धनिया, नमक जैसे आवश्यक मसाले भी शामिल किए गए,

जिससे परिवार को भोजन बनाने में सुविधा हो। एक बर्तन कैरेट, बाल्टी और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएँ भी दी गईं, ताकि बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके अलावा रजाई प्रदान की गई, जिससे परिवार को रात्रि में ठंड से बचाव मिल सके।

विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह रही कि पिंटू के दोनों बच्चों के लिए पिचकारी, टोपी, गुलाल, गुब्बारे और मुखौटे भी दिए गए। यह पहल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रही कि विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सके। आग की इस घटना ने जहाँ परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया, वहीं इन छोटे-छोटे उपहारों ने बच्चों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य किया।

डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी आपदा में केवल भौतिक क्षति ही नहीं होती, बल्कि मानसिक आघात भी गहरा होता है। ऐसे समय में समाज और सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे आगे आकर पीड़ित परिवारों का सहारा बनें। उन्होंने यह भी कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाओं में तत्परता से सहायता प्रदान करती रहेगी।

पिंटू और उनके परिवार ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में मिली यह सहायता उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने बताया कि आग की घटना के बाद वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे, लेकिन समाज के सहयोग ने उन्हें नई उम्मीद दी है। स्थानीय लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट किया कि जब प्रशासन, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक मिलकर कार्य करते हैं, तो किसी भी संकट का सामना अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। रेडक्रॉस सोसाइटी की यह पहल न केवल राहत प्रदान करने तक सीमित रही, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि मानवता और करुणा आज भी समाज में जीवित हैं।

आग जैसी घटनाएं अक्सर एक छोटी सी लापरवाही से भी हो जाती हैं, इसलिए इस अवसर पर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। मोमबत्ती या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

अंततः, 27 फरवरी 2026 की यह शाम गढ़ीवा निवासी पिंटू और उनके परिवार के लिए राहत और आशा लेकर आई। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि संकट की घड़ी में सामूहिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई किसी भी पीड़ित परिवार के लिए नई शुरुआत का आधार बन सकती है।

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