Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना ?

Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना

Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना
Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना

बांदा। उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ (नरैनी, बांदा) में स्थित गौशाला की स्थिति को लेकर सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। समाजसेवी राहुल ने आरोप लगाया है कि गौशाला में कागजी केयरटेकर तैनात हैं और असली काम भ्रष्टाचार के खेल में उलझा हुआ है। इस मामले ने स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश उत्पन्न कर दिया है।

सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, गौशाला में तीन केयरटेकर तैनात हैं। हालांकि, समाजसेवी राहुल और मौके पर निरीक्षण करने वालों का कहना है कि असलियत कुछ और ही है। मौके पर केवल एक ही केयरटेकर मौजूद है, जबकि बाकी दो केयरटेकर की उपस्थिति नहीं है।

यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, खासकर इस बात को लेकर कि जिनके नाम पर वेतन भुगतान किया जा रहा है, वह रकम किसकी जेब में जा रही है। यह मामला न केवल प्रशासनिक अनियमितता को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और जिम्मेदारी की कमी का भी उदाहरण है।

गौवंश की दयनीय स्थिति

गौशाला में स्थित गौवंश की हालत बेहद चिंताजनक है। जानवर तड़पते हुए मर रहे हैं और उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रयास नहीं किए जा रहे। समाजसेवी राहुल ने बताया कि गोधूलि के समय, कई गाय और बैल भूख और बीमारी से पीड़ित दिखाई देते हैं।

पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, साफ-सफाई और चिकित्सकीय देखभाल की कमी है। कई गायें बीमार हैं और उनकी उचित चिकित्सा नहीं हो पा रही। इससे यह स्पष्ट होता है कि गौशाला केवल नाममात्र के लिए संचालित हो रही है और वास्तविकता में यह बेजुबानों के लिए कत्लखाने के रूप में काम कर रही है।

प्रशासनिक लापरवाही

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही इस स्थिति की जड़ हैं। निरीक्षण और निगरानी की कमी के कारण यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है। सरकारी रिकॉर्ड में जितनी व्यवस्था दिखाई जाती है, वह केवल कागजों तक ही सीमित है।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से समय-समय पर केवल औपचारिक निरीक्षण किया जाता है, जबकि वास्तविक सुधार और पशु कल्याण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इससे गौशाला का कामकाज ढ़हता हुआ नजर आता है।

समाजसेवी की चेतावनी

समाजसेवी राहुल ने कहा कि यह केवल एक गौशाला का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही का सवाल है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाए।

राहुल ने स्थानीय प्रशासन से यह भी कहा कि केयरटेकरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और उनके काम का नियमित ऑडिट किया जाए। साथ ही, गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, पानी, चिकित्सा और साफ-सफाई की व्यवस्था करनी होगी।

Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना
Slaughterhouse of the innocent : बांदा: ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गांव और आसपास के लोग भी इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि गौशाला केवल नाममात्र की देखभाल के लिए है, जबकि असलियत में वहां रहने वाले जानवर अत्यंत पीड़ित हैं। कई लोग तो इसे “बेजुबानों का कत्लखाना” कहकर संबोधित कर रहे हैं।

स्थानीय लोग यह मांग कर रहे हैं कि सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के बीच के अंतर को तुरंत समाप्त किया जाए और वास्तविक रूप से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

संभावित कार्रवाई

यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो समाजसेवी और पशु अधिकार संगठन आंदोलन कर सकते हैं। वे मांग कर रहे हैं कि

  1. गौशाला का औपचारिक निरीक्षण किया जाए।

  2. सभी केयरटेकरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

  3. गौवंश की स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की जाए।

  4. भ्रष्टाचार और कागजों के माध्यम से होने वाले गड़बड़ी की जांच की जाए।

निष्कर्ष

ग्राम पंचायत ‘तेरा ब’ की गौशाला की स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि क्या यह वास्तव में गौवंश की देखभाल के लिए है या केवल कागजी रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार का माध्यम है।

समाजसेवी राहुल का कहना है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो यह न केवल पशु कल्याण कानून का उल्लंघन होगा, बल्कि सामाजिक न्याय और नैतिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी होगी।

यह मामला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। इसके समाधान के लिए तत्काल निरीक्षण, जिम्मेदारियों का निर्धारण और उचित संसाधन सुनिश्चित करना आवश्यक है। केवल इसी तरह ही इस गौशाला को बेजुबानों के कत्लखाने से बचाया जा सकता है और जानवरों की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखी जा सकती है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_cZ

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Solve problems : गढ़मुक्तेश्वर में चकबन्दी ग्राम चौपाल, किसानों की समस्याओं का समाधान ?

Solve problems : गढ़मुक्तेश्वर में चकबन्दी ग्राम चौपाल, किसानों की समस्याओं का समाधान ?

Solve problems : गढ़मुक्तेश्वर में चकबन्दी ग्राम चौपाल, किसानों की समस्याओं का समाधान सूचना विभाग, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *