Suspended : वाराणसी चौबेपुर थाने का थप्पड़ वीडियो वायरल, जांच के बाद महिला दरोगा रोशनी सिंह निलंबित

वाराणसी, 17 जुलाई 2026। वाराणसी के चौबेपुर थाना परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में जनसुनवाई के दौरान एक महिला उपनिरीक्षक द्वारा एक पीड़ित महिला को लगातार थप्पड़ मारते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल वीडियो की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में वीडियो को सही पाए जाने के बाद डीसीपी वरुणा ने संबंधित महिला दरोगा रोशनी सिंह को निलंबित कर दिया। विभागीय स्तर पर मामले की आगे की जांच भी जारी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि घटना वाराणसी के चौबेपुर थाने के अंदर की है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जनसुनवाई के दौरान एक महिला अपनी समस्या लेकर थाने पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद महिला उपनिरीक्षक रोशनी सिंह ने कथित रूप से पीड़ित महिला को कुछ ही सेकंड के भीतर कई थप्पड़ मार दिए। वायरल वीडियो के अनुसार लगभग आठ सेकंड के भीतर महिला को पांच थप्पड़ मारे गए। घटना का वीडियो सामने आते ही लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
वीडियो तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाने लगा। कई लोगों ने इसे अनुचित बताते हुए पुलिस के आचरण पर चिंता व्यक्त की, जबकि कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की। देखते ही देखते यह मामला स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया।
मामले की जानकारी मिलते ही वाराणसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो की सत्यता की जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की। साथ ही वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।
प्रारंभिक जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और वीडियो के आधार पर यह पाया गया कि घटना चौबेपुर थाने में जनसुनवाई के दौरान हुई थी। जांच में महिला उपनिरीक्षक रोशनी सिंह की भूमिका सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। डीसीपी वरुणा द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह आम नागरिकों के साथ संयमित, संवेदनशील और कानून सम्मत व्यवहार करे। यदि किसी अधिकारी द्वारा निर्धारित आचरण संहिता का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। इसी सिद्धांत के तहत मामले की जांच के बाद संबंधित महिला दरोगा को निलंबित किया गया है।

हालांकि, घटना के पीछे के कारणों को लेकर अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि महिला उपनिरीक्षक और पीड़ित महिला के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच जारी है और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस थाने आम नागरिकों के लिए न्याय और सहायता प्राप्त करने का स्थान होते हैं। ऐसे में जनसुनवाई के दौरान संयम और संवेदनशीलता बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि किसी कारणवश विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसका समाधान कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली, जनसुनवाई की प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने पुलिसकर्मियों के नियमित व्यवहार प्रशिक्षण और संवाद कौशल को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि किसी भी घटना का निष्पक्ष मूल्यांकन केवल जांच पूरी होने के बाद ही किया जाना चाहिए।
पुलिस विभाग ने भी यह स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। विभाग का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निलंबन की कार्रवाई के साथ विभागीय जांच जारी है।
घटना ने पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार पुलिस सेवा का मूल सिद्धांत है और इस सिद्धांत से किसी भी प्रकार का विचलन स्वीकार नहीं किया जा सकता। विभाग का उद्देश्य जनता का विश्वास बनाए रखना और कानून के शासन को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी घटना का वीडियो कुछ ही समय में व्यापक स्तर पर पहुंच जाता है। इसलिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अपने व्यवहार में अधिक सावधानी और पेशेवर आचरण बनाए रखना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं और सार्वजनिक पद पर कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति से इन मूल्यों का पालन अपेक्षित होता है।
फिलहाल वाराणसी पुलिस विभाग इस पूरे मामले की विभागीय जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की अतिरिक्त जिम्मेदारी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पीड़ित महिला के पक्ष और घटना की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और संतुलित तस्वीर सामने आ सके।
यह मामला पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, नागरिकों के सम्मान और जवाबदेही के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करता है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर त्वरित जांच और निलंबन की कार्रवाई यह दर्शाती है कि विभाग सार्वजनिक शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों को गंभीरता से ले रहा है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच की अंतिम रिपोर्ट पर हैं, जिसके बाद इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता