Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध ?

Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध

Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध
Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश भर के विद्यालयों में कार्यरत लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा बोर्ड परीक्षा 2026 के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस विरोध का मुख्य उद्देश्य कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित शासनादेश शीघ्र जारी कराने की मांग को सरकार तक पहुंचाना है।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का कहना है कि वे विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बोर्ड परीक्षाओं जैसे संवेदनशील कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत अहम होती है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी मांगें लंबित हैं। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य संकट की स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिल सकेगी। वर्तमान व्यवस्था में उपचार के लिए पहले निजी खर्च करना पड़ता है, जिसकी प्रतिपूर्ति में समय और जटिल प्रक्रियाएं बाधा बनती हैं।

इसी क्रम में स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज रामपुर, नरायनपुर, जनपद देवरिया के सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम में कर्मचारियों ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित शासनादेश जल्द से जल्द जारी किया जाए। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक है और इसका उद्देश्य केवल अपनी जायज मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना है।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रांतीय नेतृत्व द्वारा घोषित दो प्रमुख संघर्ष कार्यक्रमों का हिस्सा है। पहला, बोर्ड परीक्षा के दौरान काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध; और दूसरा, माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से प्रेषित करना। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों की मांग सीधे शासन स्तर तक पहुंचे और उस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है, किंतु अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। वे भी शिक्षा व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं और वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार उन्हें भी समान रूप से मिलना चाहिए।

Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध
Symbolic protest : कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध

संगठन के जिलाध्यक्ष राजन कुमार पाण्डेय ने सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारी बंधुओं से अपील की है कि वे संगठन के आह्वान पर एकजुट होकर संघर्ष कार्यक्रम में भाग लें। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा का आधार है। यदि सभी कर्मचारी एक स्वर में अपनी मांग रखते हैं, तो सरकार पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बनेगा। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सभी कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजें, ताकि मांग औपचारिक रूप से शासन तक पहुंचे और उसका अभिलेखीय संज्ञान लिया जा सके।

काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराना एक प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण तरीका है, जो यह दर्शाता है कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी अपनी मांगों के प्रति गंभीर हैं। बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में कार्य बाधित किए बिना विरोध दर्ज कराना यह भी दर्शाता है कि कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहते, बल्कि केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा का शासनादेश जारी करेगी। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में उनकी कार्यक्षमता और समर्पण भी और सुदृढ़ होगा। स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने से वे निश्चिंत होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

समग्र रूप से यह आंदोलन कर्मचारियों की एकजुटता और संगठन की सक्रियता को दर्शाता है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की यह पहल शिक्षा जगत में सकारात्मक संदेश देती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन स्तर पर इस मांग पर कब और किस प्रकार का निर्णय लिया जाता है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी आशान्वित हैं कि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई होगी और उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_cZ

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन ?

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन ?

Grand spiritual event : 23 फरवरी से शिव पुराण कथा, मनिहार में भव्य आध्यात्मिक आयोजन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *