The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग ?

The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग

The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग
The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग

सतना/बिरसिंहपुर: एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। बिरसिंहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कथित संवेदनहीनता और अव्यवस्था के चलते एक परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। यह दर्दनाक घटना न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि उस व्यवस्था की हकीकत भी उजागर करती है, जो कागजों में तो मजबूत दिखती है, लेकिन जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल नजर आती है।

जानकारी के अनुसार, कटनी जिले के भट्टा मोहल्ला निवासी एक परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां बिरसिंहपुर आया हुआ था। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक रात में उनके छोटे बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। घबराए परिजन तुरंत उसे लेकर बिरसिंहपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें उम्मीद थी कि बच्चे को समय पर इलाज मिल जाएगा और उसकी जान बच जाएगी।

लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जो स्थिति सामने आई, उसने परिवार की उम्मीदों को तोड़कर रख दिया। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने केवल औपचारिक जांच कर बच्चे को गंभीर बताते हुए उसे सतना रेफर कर दिया। रेफर करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि बच्चे को तुरंत बड़े अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था हो सके।

परिजन अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस के इंतजार में लगभग एक घंटे तक भटकते रहे। वे बार-बार अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी पुकार अनसुनी कर दी गई। इस दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। माँ-बाप की आंखों के सामने उनका लाल तड़पता रहा, लेकिन “सिस्टम” की सुस्ती और लापरवाही के चलते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बताया जा रहा है कि अस्पताल में एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। न तो समय पर वाहन मिला और न ही वैकल्पिक इंतजाम किए गए। आखिरकार, इलाज के अभाव और समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। यह घटना पूरे परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बन गई, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं है।

The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग
The Light of the Home : बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से मासूम की मौत, एम्बुलेंस के इंतजार में बुझा घर का चिराग

इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र से ऐसी लापरवाही सामने आई हो। पहले भी कई बार यहां की अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है, और कुछ मामलों में जान भी गंवानी पड़ी है।

घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं? क्यों एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवा समय पर नहीं मिल पाती? और सबसे बड़ा सवाल—इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है?

परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती और बच्चे को जल्द बड़े अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का परिणाम है।

इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी मामला जांच तक ही सीमित न रह जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के बीच इस तरह की घटनाएं उन दावों की पोल खोलती हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो न जाने कितने और मासूम इस तरह सिस्टम की लापरवाही का शिकार बनेंगे।

आखिरकार, इस दर्दनाक हादसे ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था सच में आम लोगों के लिए काम कर रही है, या फिर यह केवल कागजों और घोषणाओं तक ही सीमित है। उस माँ की सूनी गोद और उस परिवार का दर्द अब न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Oli arrested : नौजवानों को भड़का कर सत्ता हासिल करने वालों का अंजाम: नेपाल में पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार

Oli arrested : नौजवानों को भड़का कर सत्ता हासिल करने वालों का अंजाम: नेपाल में पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार ?

Oli arrested : नौजवानों को भड़का कर सत्ता हासिल करने वालों का अंजाम: नेपाल में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *