Three injured police : जमीन विवाद में लाठी-डंडे से हमला, तीन घायल पुलिस पर लापरवाही का आरोप ?

Three injured police : जमीन विवाद में लाठी-डंडे से हमला, तीन घायल पुलिस पर लापरवाही का आरोप

Three injured police : जमीन विवाद में लाठी-डंडे से हमला, तीन घायल पुलिस पर लापरवाही का आरोप ?
Three injured police : जमीन विवाद में लाठी-डंडे से हमला, तीन घायल पुलिस पर लापरवाही का आरोप ?

स्थान: जौनपुर, उत्तर प्रदेश
दिनांक: रविवार, सुबह 10:00 बजे
थानाक्षेत्र: केराकत, सराय वीरू चौराहा

जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र अंतर्गत सराय वीरू चौराहे पर रविवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस झड़प में दो महिलाओं समेत कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना सुबह करीब 10:00 बजे हुई, जब जमीन को लेकर दो पटीदारों के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।

घायलों की पहचान:

  1. देवा सोनकर (उम्र 19 वर्ष) – पुत्र रामजी सोनकर

  2. मंजू सोनकर (उम्र लगभग 45 वर्ष)

  3. डॉली सोनकर (उम्र 21 वर्ष) – हालत अत्यंत नाजुक

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पटीदारों के बीच पिछले कई वर्षों से एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को उक्त भूमि पर कब्जा या निर्माण को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहा-सुनी हुई और उसके बाद अचानक एक पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में देवा, मंजू और डॉली गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और पुलिस को सूचना दी।

डॉली सोनकर की हालत गंभीर:

घायलों में सबसे गंभीर रूप से घायल डॉली सोनकर (21 वर्ष) को तुरंत उपचार की आवश्यकता थी, लेकिन आरोप है कि केराकत पुलिस ने घटना के कई घंटों बाद तक भी उचित कदम नहीं उठाया। न तो उसका समय पर मेडिकल परीक्षण कराया गया और न ही जिला अस्पताल जौनपुर (सदर) में ले जाकर उसे समुचित इलाज उपलब्ध कराया गया। इस लापरवाही से परिजनों में भारी रोष है।

Three injured police : जमीन विवाद में लाठी-डंडे से हमला, तीन घायल पुलिस पर लापरवाही का आरोप ?
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पुलिस पर लापरवाही और पत्रकारों से अभद्रता का आरोप:

घटना की सूचना मिलने पर कुछ पत्रकार जब मौके की जानकारी लेने और पुलिस की प्रतिक्रिया जानने का प्रयास कर रहे थे, तब केराकत पुलिस ने न केवल सहयोग से इनकार किया, बल्कि पत्रकारों से अभद्र भाषा में बात की गई। आरोप है कि जब पत्रकारों ने थानाध्यक्ष या संबंधित अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें उचित जानकारी देने के बजाय दुव्यवहार का सामना करना पड़ा।

घटना की सूचना पत्रकारों द्वारा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दे दी गई है। साथ ही, सूचना विभाग से अधिकृत पत्रकार के साथ की गई अभद्रता की भी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जौनपुर पुलिस अधीक्षक इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं।

स्थानीय जनता में आक्रोश:

घटना के बाद से सराय वीरू गांव और आस-पास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप करती, तो इतनी गंभीर स्थिति नहीं बनती। लोगों का यह भी कहना है कि जमीन विवादों को लेकर प्रशासन की निष्क्रियता और पुलिस की उदासीनता ही ऐसे हिंसक घटनाओं को जन्म देती है।

क्या कहती है मानवाधिकार नीति?

इस प्रकार के मामलों में पुलिस का पहला कर्तव्य होता है कि वह पीड़ितों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराए और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। लेकिन इस केस में न तो मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई और न ही थाने द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तत्परता दिखाई गई। यदि समय रहते घायल डॉली को सही इलाज मिल पाता, तो शायद उसकी हालत इतनी नाजुक नहीं होती।

प्रशासन से मांग:

  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • घायल पीड़ितों का समुचित इलाज तत्काल कराया जाए।

  • केराकत थाने के लापरवाह अधिकारियों की जांच कर उनके विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

  • पत्रकारों से अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्यवाही हो।

निष्कर्ष:

जमीन विवाद कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन जब प्रशासन और पुलिस का रवैया निष्क्रिय और असंवेदनशील हो, तो स्थिति भयावह बन जाती है। जौनपुर जिले की यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को लेकर आम जनमानस कितनी असुरक्षित महसूस करता है।

अब देखना यह है कि जौनपुर एसपी इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या यह भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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