Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना ?

Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना

Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना ?
Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना ?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज करने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर गंभीर नाराजगी जताई है। इस मुद्दे पर बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की और इस धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए मुतवल्लियों, प्रशासकों और प्रबंध कमेटियों को निर्देशित किया कि वे तत्काल गति बढ़ाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक विवरण दर्ज करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मुतवल्ली या प्रबंध कमेटी इस कार्य में विफल रहती है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिया वक्फ बोर्ड ने उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों का विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर निर्धारित की है। इसके अंतर्गत राज्यभर की वक्फ संपत्तियों की सूचनाएं डिजिटलीकरण के माध्यम से एकत्रित की जानी हैं। यह पहल केंद्र सरकार द्वारा सभी वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी और केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत मुतवल्लियों को अपनी देखरेख में आने वाली वक्फ संपत्तियों का संपूर्ण विवरण – जैसे भूमि, भवन, किराएदार, आय-व्यय आदि – पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।

अली जैदी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा बल्कि इन संपत्तियों के दुरुपयोग, अवैध कब्जे या अनियमितताओं को रोकने में भी सहायक होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में वक्फ संपत्तियाँ हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या अभी भी पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई है। इस सुस्ती को देखते हुए बोर्ड ने अब सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है।

बैठक में यह बात भी सामने आई कि कुछ मुतवल्ली तकनीकी जानकारी के अभाव में पोर्टल पर विवरण अपलोड करने में सक्षम नहीं हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, शिया वक्फ बोर्ड ने सहायता के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। जिन मुतवल्लियों या प्रशासकों को तकनीकी सहायता की आवश्यकता है, वे टोल फ्री नंबर 1800110150 पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल support-umeed@gov.in के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लखनऊ स्थित शिया वक्फ बोर्ड कार्यालय में एक विशेष सहायता केंद्र की स्थापना की गई है, जहां वक्फ से जुड़े व्यक्ति जाकर प्रत्यक्ष सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

बोर्ड अध्यक्ष अली जैदी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वक्फ संपत्तियों की रक्षा, बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद अगर वक्फ प्रबंधक या मुतवल्ली सहयोग नहीं कर रहे हैं तो इसे लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी की श्रेणी में लिया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल आर्थिक दंड लगाए जाएंगे बल्कि उनकी नियुक्ति की समीक्षा भी की जा सकती है।

Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना ?
Waqf Board : की मुतवल्लियों को चेतावनी, 5 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना ?

इस संदर्भ में कुछ प्रमुख वक्फ संपत्तियों की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। पता चला कि कई प्रमुख वक्फ संपत्तियों का विवरण अब तक पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए अली जैदी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय स्तर पर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी मुतवल्ली और वक्फ कमेटियाँ इस कार्य को गंभीरता से लें।

वर्तमान समय में वक्फ संपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। अक्सर वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे या किराएदारी विवाद सामने आते हैं, जिनका हल न्यायालयों या वक्फ ट्रिब्यूनलों के माध्यम से होता है। यदि इन संपत्तियों का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाता है, तो ऐसे विवादों को कम किया जा सकता है और भविष्य में वक्फ बोर्ड अपने संपत्ति प्रबंधन में अधिक सक्षम बन सकता है।

बोर्ड ने यह भी कहा कि आने वाले समय में उम्मीद पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी के आधार पर वक्फ संपत्तियों के लेखा परीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति क्या है और उनसे मिलने वाली आय का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। इस पहल से वक्फ संपत्तियों का सामाजिक और धार्मिक उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

उम्मीद पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना न केवल बोर्ड का दायित्व है, बल्कि यह प्रत्येक मुतवल्ली और प्रबंध कमेटी की जिम्मेदारी है कि वे इस कार्य को समय रहते पूर्ण करें। वक्फ बोर्ड के अनुसार, जिन क्षेत्रों में अब तक यह कार्य अपेक्षा के अनुसार नहीं हुआ है, वहां के संबंधित वक्फ अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द कार्य की प्रगति सुनिश्चित करें।

सारांश रूप में, शिया वक्फ बोर्ड की यह पहल वक्फ संपत्तियों के भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बोर्ड की मंशा स्पष्ट है कि वक्फ संपत्तियाँ समाज की अमानत हैं और इनका प्रबंधन जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उम्मीद पोर्टल के माध्यम से यह प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक तकनीकी आधारित बनाना संभव होगा।

अब यह सभी मुतवल्लियों और प्रबंध कमेटियों की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और 5 दिसंबर तक अपनी सभी वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर कार्य को पूर्ण करें। अन्यथा, उन्हें कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

 

Check Also

Equity assistance : केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी मदद

Equity assistance : केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी मदद ?

Equity assistance : केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *