Yogi’s presence : चंदौली सहित छह जिलों में एकीकृत न्यायालय शिलान्यास, मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री योगी की उपस्थित

आज जनपद चंदौली के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन रहा, जब माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री सूर्यकान्त जी द्वारा चंदौली में एकीकृत न्यायालय परिसर की आधारशिला रखी गई। यह अवसर न केवल न्यायिक व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण का प्रतीक बना, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्त्वपूर्ण बना दिया।
यह शिलान्यास कार्यक्रम केवल चंदौली जनपद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश के कुल छह जनपदों—चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया—में एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण की प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। इन न्यायालय परिसरों का निर्माण न्यायिक ढांचे को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। इससे न केवल वादकारियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी, बल्कि अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए भी कार्य करने का वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तीकरण के लिए यह आवश्यक है कि न्यायपालिका भी उतनी ही सशक्त, सक्षम और संसाधनयुक्त हो। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि न्यायपालिका लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो संविधान की रक्षा करते हुए नागरिकों को न्याय प्रदान करती है। यदि न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी, तो आमजन का लोकतंत्र में विश्वास और अधिक दृढ़ होगा।
मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के पास जो भी प्रस्ताव या आवश्यकताएं न्यायपालिका से संबंधित होकर आती हैं, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायिक अवसंरचना के विकास में किसी भी प्रकार की बाधा या देरी को सरकार स्वीकार नहीं करती, क्योंकि त्वरित और सुलभ न्याय ही सुशासन की पहचान है।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा कि एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाएं भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होंगी। एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों की अदालतों, कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम, अधिवक्ता कक्ष, वादकारी सुविधाओं और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से न्यायालयों का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश जी का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में भारतीय न्यायपालिका निरंतर नए मानक स्थापित कर रही है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी माननीय न्यायमूर्तिगण का भी स्वागत एवं अभिनंदन किया और उनके योगदान को सराहा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच समन्वय और सहयोग से ही जनहित के कार्यों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अधिवक्ता बंधुओं को भी इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो न्याय दिलाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण से अधिवक्ताओं को बेहतर कार्यस्थल, आधुनिक सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण प्राप्त होगा, जिससे वे और अधिक प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री सूर्यकान्त जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायिक अवसंरचना का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यायालयों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एकीकृत न्यायालय परिसर न केवल भवन मात्र होते हैं, बल्कि वे न्याय की अवधारणा को साकार करने के केंद्र होते हैं, जहां आम नागरिक को न्याय की आशा और विश्वास मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक न्यायालय परिसरों में तकनीक का समावेश, डिजिटल रिकॉर्ड, ई-कोर्ट सुविधाएं और वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था न्यायिक प्रणाली को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएगी। इससे लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी और न्याय वितरण प्रणाली को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने इस पहल को प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सभी ने एक स्वर में कहा कि इन एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण से न केवल न्यायिक प्रक्रिया सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी। निर्माण कार्यों से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
अंततः यह कहा जा सकता है कि चंदौली सहित प्रदेश के छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसरों के शिलान्यास का यह कार्यक्रम न्यायिक सुधारों की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत वह न्यायपालिका को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। लोकतंत्र की मजबूती, सुशासन की स्थापना और आम नागरिक को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में यह कदम आने वाले वर्षों में दूरगामी और सकारात्मक परिणाम देने वाला सिद्ध होगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_cZ
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता