Writers at the symposium : गुरु पूर्णिमा पर काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने गुरु वंदना कर काव्य पाठ किया ?

Writers at the symposium : गुरु पूर्णिमा पर काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने गुरु वंदना कर काव्य पाठ किया

Writers at the symposium : गुरु पूर्णिमा पर काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने गुरु वंदना कर काव्य पाठ किया ?
Writers at the symposium : गुरु पूर्णिमा पर काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने गुरु वंदना कर काव्य पाठ किया ?
  • गोष्ठी में काव्य पाठ करते साहित्यकार व कवि
    बांदा:- गुरु पूर्णिमा एवं व्यास जयंती के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद बांदा ने काव्य गोष्ठी का आयोजन नटराज संगीत महाविद्यालय बांदा में जिलाध्यक्ष अभासाहित्य परिषद बांदा श्री राम प्रताप शुक्ल मानस किंकर जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। गोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री धनंजय सिंह एडवोकेट संरक्षक अभासाहित्य परिषद बांदा, विशिष्ट अतिथि श्री केवल प्रसाद द्विवेदी पूर्व शिक्षक एवं ठाकुरदास शर्मा पंछी जी ने सर्वप्रथम मां सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया तत्पश्चात सभी साहित्यकारों ने वंदन अर्चन किया। जिसका कुशल संचालन सुकवि, गीतकार शिक्षक राजेश रंजन तिवारी महामंत्री अभासाहित्य परिषद बांदा ने किया।
  • काव्य पाठ करने वालों में सर्वप्रथम सरस्वती वंदना रंजन जी ने किया तत्पश्चात काव्य पाठ श्री केवल प्रसाद द्विवेदी- गुरु कृपा जापर रहे। सब चिंता मिट जाय, योगेश कुमार- चल बटोही प्यार की दो बात कर ले, अजय कुमार शर्मा टूटे-फूटे शब्दों में मां वाणी बन्दन करता हूँ, राजेंद्र तिवारी स्वदेश- जहां तपस्या की सदियों से, राजेश तिवारी रंजन जैसे किए करम है वैसे ही फल मिलेगा, मिथिलेश मिश्रा विशेष- भीड़ भड़ाक धक्का मुक्की थकन बहुत है पांव में, धर्मपाल सिंह सेंगर -सबका स्वागत है बामदेव नगरी में, चंद्र प्रकाश व्यथित- जिनके घर बीवी नही रहते सदा प्रसन्न, आरसी योगा- वृंदावन की कुंज गलिन में कान्हा धेनु चरावत ते तब, अनिल द्विवेदी माता पिता गुरु हमारे, पूजा त्रिवेदी -बेटियों से ही घर गुलशन होता है
  • रीता गुप्ता- गुरु बिन ज्ञान नहीं है संभव प्यारे इस भवसागर में, दीनदयाल सोनी स्वर्ण-प्यार की नगरी कभी नष्ट नहीं होगी, दयानंद सिंह क्या भेंट करूं तुमको क्या चीज हमारी है, गोपाल दासगुप्त साथी शरण तेरी आके हम बैठे। मुख्य अतिथि धनंजय सिंह एडवोकेटजी ने गुरु महिमा पर प्रकाश डाला और उपस्थित साहित्यकारो का स्वागत जलपान सहित किया अन्त में राम प्रताप शुक्ल मानस किंकर जी ने काव्य पाठ मे गुरु वन्दना पर कहा- जो माता पिता गुरु व बड़ो का सम्मान नहीं करते वो जीवन में कभी सफल नहीं होते, गुरुआष्टक वन्दना करके अध्यक्षीय सम्बोधन में उपस्थित साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए काव्य गोष्ठी समापन की घोषणा की।

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News Editor- (Jyoti Parjapati)

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