Evidence recovered : मुज़फ्फरनगर में दो आरोपी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार, सबूत बरामद ?

Evidence recovered : मुज़फ्फरनगर में दो आरोपी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार, सबूत बरामद

Evidence recovered : मुज़फ्फरनगर में दो आरोपी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार, सबूत बरामद ?
Evidence recovered : मुज़फ्फरनगर में दो आरोपी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार, सबूत बरामद ?

मुज़फ्फरनगर (थाना साइबर क्राइम) — चरथावल थानाक्षेत्र के ग्राम कुटेसरा निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर फ्रॉड के मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कार्रवाई में पुलिस ने नदीम पुत्र मेहरबान और गुफरान पुत्र मुस्तफा, दोनों निवासी कुटेसरा के साथ-साथ मयूर अफजल राणा पुत्र नौशाद राणा निवासी सुजडू को भी पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अवैध ढंग से रकम निकालने की वारदातों में शामिल था, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।

यह मामला डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसे पुलिस ने गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल प्रतिबिंब पर दर्ज शिकायतों की जांच के आधार पर उजागर किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने देशभर में साइबर ठगी के आरोपियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए और इन खातों के ज़रिए रकम ट्रांसफर करवाने का काम किया।

📌 आरोपियों पर क्या आरोप हैं

पुलिस के मुताबिक:

🔹 नदीम और गुफरान ने अपने नाम पर बैंक खाते खुलवाए और उन्हें डिजिटल अरेस्ट गिरोह को 5–10 फीसदी कमीशन पर उपलब्ध कराया।
🔹 इन खातों के ज़रिये अपराधियों ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि ट्रांसफर करवाई और उन खातों को लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया।
🔹 पुलिस की प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि इन खातों से पिछले दो महीनों में लगभग ₹60 लाख का लेनदेन हुआ है।
🔹 शिकायतों में उल्लेखित कुल 85 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिस पर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।
🔹 मयूर अफजल राणा को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इन खातों के ज़रिये क्रिप्टोकरेंसी में बदलाव जैसे लेनदेन से जुड़ा हुआ पाया गया।

पुलिस ने बताया है कि लोग इस गिरोह के नेटवर्क से जुड़े 70 से अधिक शिकायतें लेकर आए हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी और बैंक खातों के इस्तेमाल से हुई वित्तीय धोखाधड़ी का उल्लेख है।

Evidence recovered : मुज़फ्फरनगर में दो आरोपी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार, सबूत बरामद ?
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📱 बरामद सामान और सबूत

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं, जिसमें शामिल हैं:
✔️ दो मोबाइल फोन
✔️ एक चेकबुक
✔️ एक डायरी जिसमें लेनदेन का ब्यौरा दर्ज है।

पुलिस का मानना है कि ये डायरी और बैंक विवरण आरोपियों के नेटवर्क का मुख्य दस्तावेज़ हो सकता है, जिससे अन्य सह‑आरोपियों तक पहुंचने में सहायता मिलेगी।

🔎 मामला कैसे सामने आया?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल प्रतिबिंब पर दर्ज डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों की जांच की गई। इस जांच के ज़रिये पुलिस ने संदिग्ध खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया और पाया कि धोखाधड़ी के लेनदेन का नेटवर्क नेटवर्क इन खातों से संचालित हो रहा है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, कुछ आरोपी पहले सिलाई का कार्यकर्ता थे लेकिन वे साइबर ठगी के गिरोह से जुड़कर अपराध की दुनिया में उतर गए। इसके लिए उन्होंने पहले सऊदी अरब से लौट कर स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर यह नेटवर्क बनाया।

🧑‍⚖️ पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

थाना साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट, बैंकिंग धोखाधड़ी कानून और संबंधित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:

📌 जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य बैंक खातों, लेनदेन पथों और जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए तकनीकी विश्लेषण कर रही है।
📌 यह नेटवर्क अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है, जिसके अन्य सदस्य भी पुलिस की सूची में हैं।
📌 पुलिस ने आम जनता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी डिजिटल अरेस्ट, संदिग्ध कॉल या फर्जी बैंक लेनदेन से जुड़ी गतिविधि को तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट किया जाना चाहिए।

🔐 साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते साइबर अपराधों की ओर एक गंभीर चेतावनी है, जहां उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। देश भर में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पुलिस तथा न्यायपालिका इसे रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आम लोग विशेष रूप से अनजाने लिंक, फर्जी कॉल, डिजिटल नोटिफिकेशन और ऑनलाइन निवेश धोखे से सतर्क रहें और किसी भी अनजान स्रोत से पैसे ट्रांसफर नहीं करें। यही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।


📌 सार: चरथावल क्षेत्र के कुटेसरा निवासी नदीम, गुफरान और सुजडू निवासी मयूर अफजल राणा को पुरे नेटवर्क से जुड़ी डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी, मोबाइल फोन, चेकबुक और डायरी जैसे सबूत बरामद किए हैं। प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच और गिरफ्तारी की तैयारी जारी है

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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