Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की ?

Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की

Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की
Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की

नई शिक्षा नीति से बदलेगी शिक्षा की दिशा: दमोह की संगोष्ठी में शिक्षा विशेषज्ञों ने रखे विचार शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास और प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ विस्तृत मंथन तीन दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला में शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों ने साझा किए विचार

जुगल किशोर पाठक मध्य प्रदेश ब्यूरो दमोह //दिनांक 08 मई, शुक्रवार को मध्यप्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय में आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शैक्षिक हितधारकों के बीच समझ एवं ज्ञान प्रबंधन को सुदृढ़ किए जाने” विषय पर आधारित रही। कार्यक्रम में जिले के जन शिक्षक, विकासखंड स्रोत समन्वयक, विभिन्न शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक शिवा जैन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के ऐतिहासिक, वैचारिक और व्यवहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भारत की तीसरी व्यापक शिक्षा नीति है। इससे पूर्व वर्ष 1968 तथा वर्ष 1986 में शिक्षा नीतियां लागू की गई थीं। लगभग 34 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लागू हुई यह नीति 21वीं सदी के भारत की पहली शिक्षा नीति है।

उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसे समय में लागू हुई जब पूरा विश्व वैश्विक महामारी जैसी गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा था। प्रारंभिक दौर में इस नीति की आलोचना भी हुई, किंतु यह समय की आवश्यकता थी। उनके अनुसार यह नीति देर से आई, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि कोठारी आयोग द्वारा शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत व्यय किए जाने की अनुशंसा की गई थी, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी दोहराया गया है। हालांकि अब तक इस लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं किया जा सका है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की कमियों को स्वीकार करने को इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता बताते हुए कहा कि किसी भी समस्या के समाधान का पहला चरण उसकी पहचान करना होता है और यह नीति उसी दिशा में सार्थक प्रयास करती है।

Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की
Discussed skill development : दमोह में नई शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने गुणवत्ता, कौशल विकास पर चर्चा की

कार्यक्रम में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिल जैन ने नई शिक्षा नीति के व्यवहारिक पक्षों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इस नीति में केवल समस्याओं का उल्लेख नहीं है, बल्कि उनके समाधान का मार्ग भी प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

उन्होंने प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मजबूत आधारशिला तैयार करने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा कौशल उन्नयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं रह गई है, बल्कि अभिभावकों, समाज और विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता भी आवश्यक मानी गई है।

उन्होंने शिक्षकों पर बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार को शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख चुनौती बताते हुए कहा कि यदि शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखा जाए तो कोई भी शिक्षा नीति सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों को अनेक गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रहना पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों को अपेक्षित गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने में कठिनाई आती है।

कार्यक्रम को जिला परियोजना समन्वयक मुकेश द्विवेदी ने भी संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालय स्तर पर नवाचारों तथा शिक्षकों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक, ज्ञान आधारित और विद्यार्थीकेंद्रित बनाने के लिए सभी शैक्षिक हितधारकों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर सहायक परियोजना समन्वयक जिनेंद्र जैन तथा किरण उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और शिक्षकों की सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया।

तीन दिवसीय इस संगोष्ठी एवं कार्यशाला में जिले के जन शिक्षक, विकासखंड स्रोत समन्वयक, विभिन्न शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सशक्त, व्यवहारिक और विद्यार्थीकेंद्रित बनाने पर विशेष चर्चा की गई।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Human Brotherhood : फतेहपुर में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर “मानव बंधुत्व” थीम के साथ भव्य रक्तदान शिविर, जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

Human Brotherhood : फतेहपुर में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर “मानव बंधुत्व” थीम के साथ भव्य रक्तदान शिविर, जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ ?

Human Brotherhood : फतेहपुर में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर “मानव बंधुत्व” थीम के साथ भव्य …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *