Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल ?

Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल

Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल
Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल

फतेहपुर जनपद के हथगांव क्षेत्र अंतर्गत छिवलहा हुसैनगंज रोड पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र में संचालित एक कथित मेडिकल स्टोर, जिसे स्थानीय लोग “बंगाली मेडिकल स्टोर” के नाम से जानते हैं, पर आरोप लगाया जा रहा है कि वहां मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से छोटा अस्पताल संचालित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के बीच यह मामला तेजी से चर्चा में है। आरोप है कि बिना वैध पंजीकरण और बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों की मौजूदगी के यहां मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर चार से पांच बेड डालकर मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जाती हैं, इंजेक्शन लगाए जाते हैं और विभिन्न प्रकार की दवाइयों के माध्यम से उपचार किया जाता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन अब धीरे-धीरे लोगों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि यहां किसी अधिकृत चिकित्सक की नियमित उपस्थिति नहीं रहती, इसके बावजूद मरीजों का इलाज किया जाता है। बताया जा रहा है कि मामूली कमजोरी, बुखार, दर्द या अन्य सामान्य बीमारियों की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को तुरंत बेड पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाने की सलाह दी जाती है। कई ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और अशिक्षित लोगों को बीमारी का डर दिखाकर अनावश्यक दवाइयां और इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे उनसे अधिक पैसे वसूले जा सकें।

ग्रामीणों के मुताबिक आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोग सरकारी अस्पतालों की दूरी या भीड़भाड़ के कारण ऐसे स्थानों का सहारा लेते हैं। यही कारण है कि इस प्रकार के कथित अस्पताल ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। लेकिन बिना मान्यता और बिना प्रशिक्षित डॉक्टरों के इलाज करना मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गलत दवाइयों, असुरक्षित इंजेक्शन और गलत तरीके से ग्लूकोज चढ़ाने से मरीजों की स्थिति और बिगड़ सकती है। कई बार संक्रमण फैलने या एलर्जी जैसी समस्याएं भी गंभीर रूप ले सकती हैं।

क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल स्टोर में मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाना स्वास्थ्य नियमों के खिलाफ है। मेडिकल स्टोर का कार्य केवल दवाइयां उपलब्ध कराना होता है, जबकि भर्ती कर इलाज करने के लिए उचित लाइसेंस, पंजीकरण और प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ होना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद यदि किसी मेडिकल स्टोर में बेड लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर इलाज के दौरान यदि किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ जाए, तो वहां न तो आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होती हैं और न ही विशेषज्ञ डॉक्टर। ऐसी स्थिति में मरीज की जान तक जा सकती है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां नई नहीं हैं। कई गांवों और कस्बों में मेडिकल स्टोरों की आड़ में छोटे-छोटे कथित अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। जहां बिना डिग्रीधारी चिकित्सकों के इलाज किया जाता है। कई बार ग्रामीण जानकारी के अभाव में इन्हें वास्तविक अस्पताल समझ लेते हैं और वहां इलाज करवा लेते हैं। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसे केंद्र लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल
Health and Safety Questions : छिवलहा में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित अस्पताल संचालन से उठे गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा सवाल

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से अस्पताल संचालित किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गरीब और अनजान लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि क्षेत्र में नियमित जांच अभियान चलाया जाए ताकि अवैध रूप से चल रहे ऐसे केंद्रों की पहचान कर उन्हें बंद कराया जा सके।

स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और जागरूकता का अभाव भी इस प्रकार की समस्याओं को बढ़ावा देता है। कई बार लोग कम खर्च और तुरंत इलाज के लालच में बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे केंद्रों पर पहुंच जाते हैं। वहीं कुछ लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों या सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी और लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए निजी मेडिकल स्टोरों का सहारा लेते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं देने लगते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मरीज को इलाज कराने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही अस्पताल या क्लीनिक का पंजीकरण भी जांचना जरूरी है। बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इलाज करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह मरीज की जान के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर पर इंजेक्शन, ड्रिप और गंभीर दवाइयों का उपयोग केवल प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की निगरानी में ही होना चाहिए।

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि समय रहते इस प्रकार के अवैध केंद्रों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाए ताकि वे योग्य चिकित्सकों से ही इलाज कराएं और अपनी सेहत के साथ जोखिम न उठाएं।

यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करता है। जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कथित अवैध अस्पताल लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते दिखाई देते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

High Hopes for Growth : ट्रंप के चीन दौरे पर व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की बड़ी उम्मीदें

High Hopes for Growth : ट्रंप के चीन दौरे पर व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की बड़ी उम्मीदें ?

High Hopes for Growth : ट्रंप के चीन दौरे पर व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *