Cooperative Bank Meeting : बांदा सहकारी बैंक बैठक में ऋण वितरण, वसूली अभियान और किसानों के हितों पर व्यापक चर्चा हुई

बांदा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बांदा की प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक बैंक के सभापति पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बैंक के आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं, ऋण वितरण, उर्वरक वितरण, निक्षेप संचय तथा वसूली अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बैंक के अधिकारियों और प्रबंध समिति के सदस्यों ने भाग लिया तथा विभिन्न प्रस्तावों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत निर्धारित एजेंडा के अनुसार की गई। सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. आकांक्षा वर्मा तथा बैंक के उपमहाप्रबंधक संदीप त्रिपाठी द्वारा बैठक में विभिन्न विषयों पर बिंदुवार जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति, आगामी योजनाओं और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में सबसे पहले चालू वित्तीय वर्ष के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन ऋण वितरण के लक्ष्यों पर चर्चा की गई। किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने और कृषि गतिविधियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण वितरण बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रबंध समिति ने प्रस्तावित लक्ष्यों को स्वीकृति प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों तक ऋण सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
इसके साथ ही उर्वरक वितरण और निक्षेप संचय के लक्ष्यों पर भी विस्तार से विचार किया गया। बैठक में कहा गया कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना बैंक और सहकारी समितियों की प्राथमिकता है। इसी के साथ बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए निक्षेप संचय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
बैठक के दौरान बैंक के उन कर्मचारियों की भी सराहना की गई जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय और प्रशंसनीय कार्य किया है। प्रबंध समिति ने ऐसे कर्मचारियों को 14 वर्षीय वेतन वृद्धि का लाभ देने का निर्णय लिया। समिति का मानना था कि कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित करने से बैंक की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
वर्तमान में संचालित वसूली अभियान की भी बैठक में विस्तार से समीक्षा की गई। शाखावार और समितिवार वसूली की स्थिति पर चर्चा करते हुए पाया गया कि कुछ शाखाओं और समितियों की वसूली अपेक्षाकृत कम है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शाखाओं और समितियों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए कि वे 30 जून 2026 तक पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 10 प्रतिशत अधिक वसूली सुनिश्चित करें।
प्रबंध समिति ने स्पष्ट किया कि सहकारी बैंक की वित्तीय मजबूती के लिए ऋण वसूली अत्यंत आवश्यक है। यदि समय पर वसूली नहीं होगी तो किसानों को नई ऋण सुविधाएं देने में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी शाखाओं और समितियों को सक्रिय रूप से वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जनपद की सभी सहकारी समितियों के ऋणी किसानों से अपील भी की गई कि वे अपनी चालू मांग को तत्काल जमा करें। बैंक अधिकारियों ने कहा कि समय पर भुगतान करने वाले किसानों को भविष्य में ऋण लेने में सुविधा मिलेगी और वे सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा बकायेदार सदस्यों से विशेष अनुरोध किया गया कि वे अपना बकाया जल्द जमा करें ताकि उन्हें भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे ब्याज अनुदान का लाभ मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की योजनाओं के अंतर्गत किसान मात्र 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि किसान अपने पुराने बकाए का भुगतान कर नियमित सदस्य बने रहें।
बैठक में कहा गया कि सहकारी समितियां किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। इनमें कम ब्याज दर पर ऋण, उर्वरक वितरण, कृषि संबंधी सहायता और अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसलिए किसानों को सहकारी व्यवस्था से जुड़कर इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
सभापति पंकज अग्रवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की।
बैठक में उपसभापति मधुरेंद्र प्रताप सिंह सहित प्रबंध समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे। इनमें संचालक सुशील द्विवेदी, चक्रपाणि अवस्थी, राजेश सिंह, राजेश सिंह परिहार, रमेश कुमार, राजभूषण द्विवेदी, ओम प्रकाश कुशवाहा, श्रीमती माधुरी और श्रीमती पूनम त्रिपाठी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त अंसल कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बांदा भी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने सहकारी बैंक की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा किसानों तक सुविधाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने पर अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बैंक किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी संचालन करेगा।
अंत में प्रबंध समिति ने बैंक की प्रगति और वित्तीय मजबूती के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और सभी सदस्यों ने सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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