Month begins : दमोह में डेंगू निरोधक माह शुरू, जागरूकता रथ से नागरिकों को बचाव उपायों की जानकारी ?

Month begins : दमोह में डेंगू निरोधक माह शुरू, जागरूकता रथ से नागरिकों को बचाव उपायों की जानकारी

Month begins : दमोह में डेंगू निरोधक माह शुरू, जागरूकता रथ से नागरिकों को बचाव उपायों की जानकारी
Month begins : दमोह में डेंगू निरोधक माह शुरू, जागरूकता रथ से नागरिकों को बचाव उपायों की जानकारी

दमोह। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए डेंगू निरोधक माह का शुभारंभ किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना तथा बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करना है। अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जनजागरूकता, लार्वा सर्वे और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के प्रयास शामिल हैं।

डेंगू निरोधक माह के शुभारंभ अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने डेंगू जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जागरूकता रथ के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जागरूकता रथ द्वारा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से नागरिकों को संदेश प्रसारित किए गए। लोगों को बताया गया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों और आसपास साफ-सफाई रखना आवश्यक है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को पंपलेट वितरित कर बीमारी के लक्षण, बचाव के तरीके और उपचार संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी यामिनी सिलारपुरिया सहित मलेरिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने का कार्य कर रही हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी यामिनी सिलारपुरिया ने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जिले के हाई रिस्क वार्डों और गांवों में लगातार लार्वा सर्वे कर रही हैं। सर्वे के दौरान घरों, आसपास के क्षेत्रों, पानी जमा होने वाले स्थानों और अन्य संभावित जगहों की जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है, इसलिए घरों और आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। सर्वे टीमों द्वारा जहां भी मच्छरों के लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। इससे मच्छरों की संख्या को नियंत्रित करने और बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि डेंगू की रोकथाम में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से ही बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को भी अपने स्तर पर सावधानी बरतनी होगी।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। घरों में रखे कूलर, फ्रिज की ट्रे, पानी की टंकियां, गमलों, पक्षियों के लिए रखे पानी के बर्तन और अन्य स्थानों की नियमित सफाई करें। उन्होंने कहा कि पानी के सभी बर्तनों को ढककर रखना चाहिए, ताकि मच्छर उनमें अंडे न दे सकें।

डॉ. राय ने बताया कि यदि प्रत्येक परिवार सप्ताह में कम से कम एक बार अपने घर और आसपास के स्थानों की जांच कर पानी के जमाव को समाप्त कर दे, तो डेंगू के मच्छरों की उत्पत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

Month begins : दमोह में डेंगू निरोधक माह शुरू, जागरूकता रथ से नागरिकों को बचाव उपायों की जानकारी
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उन्होंने नागरिकों को डेंगू और मलेरिया के लक्षणों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी, आंखों के पीछे दर्द और अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपील की कि लोग बीमारी को नजरअंदाज न करें और स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में जांच और उपचार की पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नागरिक किसी भी प्रकार के बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

डेंगू निरोधक माह के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही लार्वा सर्वे, फॉगिंग, साफ-सफाई अभियान और अन्य आवश्यक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि सामूहिक प्रयासों से जिले में डेंगू और मलेरिया के मामलों को नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और हाई रिस्क क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डेंगू निरोधक माह के शुभारंभ के साथ ही जिले में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को गति मिल गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है, ताकि समय रहते मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके और जिले को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित बनाया जा सके।

अंत में स्वास्थ्य विभाग ने पुनः नागरिकों से अपील की कि वे सावधानी बरतें, स्वच्छता बनाए रखें और डेंगू एवं मलेरिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जनसहयोग से ही स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।

 

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