Security arrangements : गंग नहर में युवक डूबा, रेस्क्यू जारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फिर ?

Security arrangements : गंग नहर में युवक डूबा, रेस्क्यू जारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फिर ?
Security arrangements : गंग नहर में युवक डूबा, रेस्क्यू जारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फिर ?

हापुड़,

 उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में गंग नहर एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी है। बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम अयादनगर निवासी 22 वर्षीय युवक मुन्नू के गंग नहर में डूब जाने से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। घटना के बाद पुलिस, गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया, लेकिन नहर में तेज बहाव और अधिक जलस्तर के कारण रेस्क्यू कार्य में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका था और तलाश अभियान लगातार जारी था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम अयादनगर निवासी 22 वर्षीय मुन्नू बुधवार दोपहर घुंघराला पुल के समीप गंग नहर के किनारे पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर बाद वह नहर में कूद गया और तेज बहाव के कारण देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धारा के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही थाना हापुड़ देहात पुलिस सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी निरीक्षक पारस मलिक अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और राहत दल की सहायता से युवक की तलाश शुरू कराई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए और कई लोग स्वयं भी खोजबीन में जुट गए।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि गंग नहर में इस समय पानी का स्तर काफी अधिक है और बहाव भी तेज है। ऐसे में गोताखोरों को पानी के भीतर खोजबीन करने में कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर गहराई अधिक होने और तेज धारा के कारण अभियान धीमी गति से चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस, गोताखोर और स्थानीय लोग लगातार युवक की तलाश में जुटे हुए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही युवक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास मौजूद लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और युवक के सकुशल मिलने की प्रार्थना की। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, जिसके चलते पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने में भी मशक्कत करनी पड़ी।

यह घटना इसलिए भी चिंता का विषय बन गई है क्योंकि पिछले लगभग पंद्रह दिनों के भीतर इसी गंग नहर में डूबने की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। लगातार हो रहे हादसों ने नहर किनारे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि श्यामेश्वर मंदिर छपकोली के आसपास का क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है। यहां धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कई लोग नहर के किनारे चले जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब इस नहर में किसी की जान गई हो। कई वर्ष पहले इसी नहर में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा एक नाविक भी तलाश अभियान के दौरान अपनी जान गंवा चुका है। इन घटनाओं के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

Security arrangements : गंग नहर में युवक डूबा, रेस्क्यू जारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फिर ?
Security arrangements : गंग नहर में युवक डूबा, रेस्क्यू जारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फिर ?

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नहर किनारे केवल कुछ चेतावनी बोर्ड या बैनर लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है, जबकि वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था आज भी नदारद है। लोगों का कहना है कि लगभग एक किलोमीटर लंबे नहर किनारे कहीं भी मजबूत बैरिकेडिंग, लोहे की रेलिंग, सुरक्षा रस्सियां या अन्य बचाव संबंधी व्यवस्थाएं नहीं हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति अनजाने में फिसलकर नहर में गिर सकता है।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि गंग नहर के संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा बैरिकेड लगाए जाएं। नहर किनारे लोहे की रेलिंग, चेतावनी संकेत, लाइफ बॉय, रस्सियां और अन्य बचाव उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस और होमगार्ड की नियमित तैनाती की जाए ताकि लोगों को नहर के खतरनाक हिस्सों में जाने से रोका जा सके।

ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि धार्मिक मेलों और विशेष अवसरों पर अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएं तथा गोताखोरों और आपदा राहत टीम को पहले से तैनात रखा जाए। इससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सकेगा और जनहानि की संभावना कम होगी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता युवक की तलाश करना है। रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है और आसपास के क्षेत्रों में भी खोजबीन की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त गोताखोरों और बचाव संसाधनों की भी मदद ली जाएगी।

थाना हापुड़ देहात के थाना प्रभारी निरीक्षक पारस मलिक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवक के संबंध में जैसे ही कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि गंग नहर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाएं, लोगों को जागरूक किया जाए तथा नहर किनारे प्रभावी निगरानी रखी जाए, तो भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं और सभी लोग युवक के बारे में किसी सकारात्मक सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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