
ढिगारिया भीम बैजूपाड़ा।
निहालपुरा-महुखेड़ा से बारा भड़कोल अलवर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हाल में हुई बारिश के बाद सड़क किनारे हुए गहरे कटाव ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महुखुर्द के बैरवा मोहल्ले के पास सड़क के किनारे तेज बहाव के कारण मिट्टी का बड़ा हिस्सा बह गया है। इससे सड़क का किनारा कमजोर होने के साथ ही मार्ग के नीचे का हिस्सा भी खोखला हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो आगामी बारिश के दौरान सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है।
सड़क किनारे हुए गहरे कटाव के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों के साथ भारी वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क के किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ने की स्थिति में किसी भी समय सड़क का हिस्सा धंस सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान यदि किनारे पर उचित सपोर्ट दीवार या अन्य मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाती तो बारिश के पानी के तेज बहाव से होने वाले कटाव को काफी हद तक रोका जा सकता था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क किनारे किए गए सुरक्षा इंतजामों की जांच कराने की भी मांग की है।
बुधवार को सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। पंचायत प्रशासक पुष्पेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण सड़क किनारे एकत्र हुए और पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने, कटाव को भरने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग उठाई।
पंचायत प्रशासक पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के दौरान सड़क पर पानी का तेज बहाव हुआ। तेज बहाव के कारण सड़क के किनारों और नीचे की मिट्टी बह गई। इससे सड़क का किनारा कमजोर हो गया और कुछ स्थानों पर सड़क का हिस्सा खोखला हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कटाव को नहीं भरा गया तो बारिश के अगले दौर में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सड़क का यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क की वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। यदि सड़क का कमजोर हिस्सा और अधिक क्षतिग्रस्त हुआ तो आवागमन बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद सड़क किनारे बने कटाव की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान किनारे की मजबूती पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण बारिश का पानी सीधे मिट्टी को काटता हुआ नीचे की ओर चला गया और इससे सड़क की नींव प्रभावित हुई।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि
सड़क के कटाव वाले हिस्से की तकनीकी जांच कराई जाए। केवल मिट्टी डालकर समस्या का समाधान करने के बजाय सड़क के किनारे मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा कटाव न हो।
इधर, ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद विभाग की ओर से कटाव वाली जगह पर बुधवार को मिट्टी डलवाई गई। हालांकि ग्रामीणों ने इसे स्थायी समाधान नहीं माना। उनका कहना है कि केवल मिट्टी डालने से सड़क के किनारे का कटाव पूरी तरह नहीं रुकेगा। बारिश होने पर पानी के तेज बहाव के साथ यह मिट्टी दोबारा बह सकती है और सड़क की स्थिति पहले से अधिक खराब हो सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तत्काल राहत के नाम पर केवल मिट्टी डालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने विभाग से मांग की कि मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और सड़क की वास्तविक मजबूती का आकलन किया जाए। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सड़क के किनारे सुरक्षा दीवार, नाली या अन्य तकनीकी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को देखते हुए जल्द से जल्द सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। कटाव वाले हिस्से पर चेतावनी संकेत और आवश्यक बैरिकेडिंग लगाए जाने की भी मांग की गई, ताकि वाहन चालक संभावित खतरे से सावधान रह सकें।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़क की समय रहते स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई और भविष्य में कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इससे बड़ा विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल ऊपर से मिट्टी डालकर नहीं की जानी चाहिए। सड़क के किनारे की कमजोर मिट्टी को हटाकर मजबूत आधार तैयार किया जाए और जरूरत के अनुसार सुरक्षा दीवार बनाई जाए। साथ ही बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था की जाए, जिससे पानी सीधे सड़क के किनारे की मिट्टी को नुकसान न पहुंचा सके।
स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र में मानसून के दौरान बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है। यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो पहले से कमजोर सड़क और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया जाए। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर अधिकारी आकर वास्तविक स्थिति देखें तो सड़क की समस्या की गंभीरता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसके बाद स्थायी मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान शुभम सिंह, युवा नेता मनीष, डॉ. राम भरोसी, राम सिंह मीणा, गोरा देवी, मनोज योगी, प्रसादी बैरवा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर प्रतिदिन ग्रामीणों के अलावा व्यापारिक और अन्य वाहनों की भी आवाजाही होती है। सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में कई गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ भविष्य में होने वाले कटाव को रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के समय ही जल निकासी और किनारों की मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क सुरक्षित हो और लोगों का आवागमन बिना किसी खतरे के जारी रह सके।
फिलहाल विभाग की ओर से कटाव वाली जगह पर मिट्टी डलवाई गई है, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि बारिश के दौरान यह मिट्टी दोबारा बह सकती है और समस्या फिर खड़ी हो सकती है। ऐसे में स्थायी समाधान के लिए मजबूत निर्माण कार्य किया जाना आवश्यक है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से जल्द से जल्द सड़क का तकनीकी निरीक्षण कराकर स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते कदम उठाया गया तो सड़क को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है और संभावित दुर्घटना को भी रोका जा सकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क के कटाव वाले हिस्से को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ सड़क किनारे मजबूत सपोर्ट दीवार का निर्माण कराया जाए और बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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