Counterfeit notes seized : पालघर में कार से 97.91 लाख रुपये के जाली नोट बरामद, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार ?

Counterfeit notes seized : पालघर में कार से 97.91 लाख रुपये के जाली नोट बरामद, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार ?
Counterfeit notes seized : पालघर में कार से 97.91 लाख रुपये के जाली नोट बरामद, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार ?

पालघर।

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई इलाके में क्राइम ब्रांच की वसई यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से करीब 97.91 लाख रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सभी नोट 500 रुपये के थे और उनकी कुल संख्या 19,582 बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान प्रदीप आत्माराम पाटील के रूप में हुई है। वह काशिदकोपर, मांडवी का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके खिलाफ मांडवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट आरोपी तक कैसे पहुंचे और इन्हें आगे कहां पहुंचाया जाना था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की वसई यूनिट को जाली नोटों की बड़ी खेप के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। मुखबिर से मिली जानकारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संदिग्ध वाहन को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस टीम ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। हाईवे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी। पुलिस का उद्देश्य संदिग्ध वाहन की पहचान कर नकली नोटों की खेप को पकड़ना था।

जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक कार पर पड़ी। पुलिस के अनुसार, कार चालक ने पुलिस को देखकर बचने की कोशिश की। उसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया।

पुलिस टीम ने तुरंत कार को रोक लिया और चालक से पूछताछ शुरू की। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई।

कार में मिले नोटों से भरा बैग

कार की तलाशी के दौरान पुलिस को एक बैग मिला। पुलिस ने जब बैग को खोलकर देखा तो उसमें बड़ी संख्या में भारतीय करेंसी के नोट रखे हुए थे। शुरुआती जांच में पुलिस को नोटों के जाली होने का संदेह हुआ।

इसके बाद नोटों की गिनती और जांच की गई। पुलिस के अनुसार बैग में 500 रुपये के कुल 19,582 नोट मिले। इन सभी नोटों की कुल अंकित कीमत 97 लाख 91 हजार रुपये बताई गई है।

इतनी बड़ी मात्रा में जाली करेंसी बरामद होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। बरामद नोटों को जब्त कर लिया गया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद नोट कहां तैयार किए गए थे और उन्हें किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।

आरोपी प्रदीप आत्माराम पाटील गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कार सवार प्रदीप आत्माराम पाटील को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी काशिदकोपर, मांडवी का निवासी है।

आरोपी से पूछताछ में पुलिस कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट आरोपी के पास कहां से आए।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस नेटवर्क का हिस्सा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। बरामद नोटों की सप्लाई कहां की जानी थी, इसकी जानकारी हासिल करने के लिए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

Counterfeit notes seized : पालघर में कार से 97.91 लाख रुपये के जाली नोट बरामद, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार ?
Counterfeit notes seized : पालघर में कार से 97.91 लाख रुपये के जाली नोट बरामद, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार ?

मांडवी थाने में दर्ज हुआ मामला

घटना के संबंध में मांडवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद जाली नोटों और वाहन को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

मामले की जांच क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की निगरानी में आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और हाल की गतिविधियों की भी जांच कर सकती है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी पहले भी जाली नोटों की सप्लाई या किसी अन्य अवैध गतिविधि में शामिल रहा है। इसके लिए उसके पिछले रिकॉर्ड और संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा सकती है।

इतनी बड़ी रकम ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

करीब 98 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद होना पुलिस के लिए गंभीर मामला है। सामान्य तौर पर इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों की खेप किसी बड़े नेटवर्क की ओर संकेत कर सकती है। हालांकि, इस मामले में आरोपी की भूमिका और किसी संगठित गिरोह से उसके संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों को बाजार में चलाने की योजना थी या उन्हें किसी अन्य स्थान पर पहुंचाया जाना था।

यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आती है तो पुलिस अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।

हाईवे पर पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया वाहन

पुलिस की कार्रवाई में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर की गई नाकाबंदी महत्वपूर्ण साबित हुई। गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने हाईवे पर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की थी। इसी दौरान आरोपी की कार पुलिस की नजर में आई।

पुलिस के मुताबिक कार चालक ने पुलिस की मौजूदगी देखकर बचने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए उसे रोक लिया।

वाहन की तलाशी के दौरान बैग से जाली नोट बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि खुफिया सूचना के आधार पर की गई निगरानी और हाईवे पर जांच अवैध गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

नकली नोटों के नेटवर्क की तलाश

अब जांच का मुख्य केंद्र नकली नोटों के स्रोत तक पहुंचना है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन नोटों की छपाई कहां हुई और इन्हें आरोपी तक किस माध्यम से पहुंचाया गया।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क में महाराष्ट्र के बाहर के लोग भी शामिल हैं। यदि नोट किसी बड़े गिरोह के माध्यम से पहुंचाए गए हैं तो जांच का दायरा दूसरे शहरों या राज्यों तक बढ़ सकता है।

आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस को नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

बरामद करेंसी की होगी विस्तृत जांच

पुलिस द्वारा बरामद किए गए नोटों की तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि नोटों में किस प्रकार की जालसाजी की गई है और वे किन विशेषताओं के कारण नकली पाए गए।

जाली करेंसी के मामलों में जांच एजेंसियां नोटों के स्रोत और वितरण श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास करती हैं। इसी आधार पर पुलिस यह निर्धारित कर सकती है कि आरोपी की भूमिका केवल नोटों को ले जाने तक सीमित थी या वह पूरे नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

पुलिस पूछताछ में सामने आ सकते हैं अहम तथ्य

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वह कार से कहां जा रहा था और बैग में रखे नोट किसे सौंपने वाला था। इसके साथ ही यह भी पता किया जा रहा है कि उसे इन नोटों की डिलीवरी के लिए किसी व्यक्ति ने निर्देश दिए थे या नहीं।

पुलिस संभावित संपर्कों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है तो पुलिस उसकी भूमिका की जांच करेगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर जानकारी जुटा रही है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने करीब 97.91 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इतनी बड़ी रकम की बरामदगी के बाद पुलिस का ध्यान अब जाली नोटों के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी के पीछे कौन लोग काम कर रहे थे और जाली नोटों की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी।

महाराष्ट्र के पालघर में क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को जाली करेंसी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस की आगे की जांच से इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और नकली नोटों के पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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