Dawood at the airport : दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद का कथित करीबी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार ?

Dawood at the airport : दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद का कथित करीबी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार ?
Dawood at the airport : दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद का कथित करीबी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार ?

नई दिल्ली।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित पूर्व सहयोगी अख्तर मर्चेंट को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। 60 वर्षीय अख्तर मर्चेंट लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और वर्ष 2023 में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित काशीमीरा इलाके में हुई कथित फायरिंग और जबरन वसूली के मामले में फरार बताया जा रहा था। विदेश में रहने के बाद भारत लौटने पर केंद्रीय एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।

जानकारी के मुताबिक, अख्तर मर्चेंट के खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज मामले की जांच के दौरान उसके विदेश में होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जांच एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। इसी के आधार पर उसके भारत लौटने की सूचना मिलने के बाद एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ाई और दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे हिरासत में ले लिया।

मर्चेंट पर वर्ष 2023 में मीरा रोड के काशीमीरा क्षेत्र में एक बेकरी से जुड़े कथित फायरिंग और जबरन वसूली के मामले में शामिल होने के आरोप हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी क्रम में अख्तर मर्चेंट का नाम भी जांच के दायरे में आया और उसके फरार होने के बाद उसकी तलाश लगातार जारी रही।

पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त अभियान को इस कार्रवाई की अहम कड़ी माना जा रहा है। विदेश में मौजूद आरोपियों को भारत वापस लाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान और संबंधित एजेंसियों के सहयोग की आवश्यकता होती है। अख्तर मर्चेंट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

अख्तर मर्चेंट का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित पूर्व सहयोगी के तौर पर सामने आया है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों और अदालत में अपराध सिद्ध होने के बीच अंतर होता है। अंतिम रूप से उसकी भूमिका और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस अब गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी।

Dawood at the airport : दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद का कथित करीबी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार ?
Dawood at the airport : दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद का कथित करीबी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार ?

जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती होगी कि वर्ष 2023 की घटना में उसकी कथित भूमिका क्या थी और वह घटना के बाद किन परिस्थितियों में विदेश चला गया। इसके अलावा एजेंसियां उसके संपर्कों, आर्थिक गतिविधियों और कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े संभावित पहलुओं की भी जांच कर सकती हैं। हालांकि, इन जांचों के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस लंबे समय से फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई करती रही है। विदेश में छिपे आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जैसे अंतरराष्ट्रीय तंत्र का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सके और आरोपी की पहचान एवं गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद अब महाराष्ट्र पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। आरोपी को संबंधित मामले में न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना है। इसके बाद पुलिस को पूछताछ और जांच के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति मिल सकती है। मामले से जुड़े दस्तावेज, पूर्व जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मीरा रोड और काशीमीरा क्षेत्र में हुई कथित फायरिंग और जबरन वसूली की घटना ने उस समय भी पुलिस की चिंता बढ़ाई थी। ऐसे मामलों में पुलिस का मुख्य उद्देश्य आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ घटना के पीछे की वजह और उससे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाना होता है। अब अख्तर मर्चेंट की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन से यह भी स्पष्ट होता है कि विदेश में रह रहे संदिग्ध या फरार आरोपियों को लेकर एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। किसी आरोपी के विदेश चले जाने से जांच समाप्त नहीं होती। उपलब्ध कानूनी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से उसकी तलाश जारी रखी जा सकती है।

अख्तर मर्चेंट की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामले से जुड़े साक्ष्यों की समीक्षा करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित फायरिंग और जबरन वसूली की घटना में उसकी वास्तविक भूमिका क्या रही। साथ ही उसके संपर्क में रहे संभावित लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। तीन साल से फरार बताए जा रहे अख्तर मर्चेंट के भारत लौटते ही उसे हिरासत में लिया गया। अब न्यायालयीन प्रक्रिया और विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में उसकी भूमिका क्या थी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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