Respiratory distress : स्कूल के पास सड़ा हुआ गोबर डालने से बच्चों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी ?

Respiratory distress : स्कूल के पास सड़ा हुआ गोबर डालने से बच्चों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी ?
Respiratory distress : स्कूल के पास सड़ा हुआ गोबर डालने से बच्चों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी ?

हापुड़।

जनपद हापुड़ क्षेत्र के गांव गिरधरपुर तुमरेल में एक स्कूल के पास खेत में गैस प्लांट से निकला सड़ा हुआ गोबर डाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि एचएमएस शिक्षा सदन जूनियर हाई स्कूल के समीप स्थित खेत में गैस प्लांट से निकला हुआ सड़ा गोबर डाला जा रहा है। इससे आसपास तेज दुर्गंध फैलने और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानी होने की बात कही जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने भी इस समस्या को गंभीर बताते हुए खेत मालिक से गोबर डालना बंद करने का अनुरोध किए जाने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि स्कूल के समीप स्थित खेत में बड़ी मात्रा में गैस प्लांट से निकला हुआ गोबर लाकर डाला गया है। गोबर के सड़ने के कारण आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। स्कूल के नजदीक होने के कारण इसका असर वहां पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों पर पड़ने की शिकायत सामने आई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, खेत में डाले गए सड़े गोबर से निकलने वाली दुर्गंध के कारण स्कूल के आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कक्षा में बैठने के दौरान परेशानी होने की बात कही गई है। कुछ बच्चों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने और कुछ के अस्वस्थ होने की शिकायत भी सामने आई है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि खेत मालिक को इस समस्या के बारे में बताया गया और गोबर डालना बंद करने का अनुरोध किया गया, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रबंधन के अनुसार, स्कूल के बिल्कुल पास सड़ा हुआ गोबर जमा होने से दुर्गंध लगातार बनी रहती है। इससे बच्चों के लिए स्कूल का वातावरण असहज हो गया है।

आजकल मौसम में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्कूल के आसपास सड़ने वाली जैविक सामग्री का जमा होना स्वास्थ्य और स्वच्छता की दृष्टि से चिंता का विषय बन सकता है। विशेष रूप से बच्चों के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि वे लंबे समय तक स्कूल परिसर में रहते हैं।

स्कूल प्रबंधन ने बताया कि बच्चों को दुर्गंध के कारण परेशानी हो रही है। कुछ बच्चों को सांस लेने में कठिनाई महसूस होने की शिकायत की गई है। वहीं कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने और बुखार आने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल स्कूल के पास सड़े गोबर की मौजूदगी को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में चिंता बनी हुई है।

स्थानीय स्तर पर मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग मामले का निरीक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि स्कूल के आसपास इस तरह की सामग्री जमा न हो। यदि गैस प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट को खेत में डाला जा रहा है तो उसके निस्तारण के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है।

स्कूल के समीप सड़े गोबर का ढेर होने से उठने वाली दुर्गंध कक्षाओं तक पहुंचने की बात कही जा रही है। बच्चों को पढ़ाई के दौरान परेशानी होने से उनकी एकाग्रता भी प्रभावित होने की शिकायत है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को लगातार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

प्रबंधन के अनुसार, खेत मालिक से कई बार समस्या के बारे में कहा गया, लेकिन अभी तक सड़ा हुआ गोबर डालना पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। इससे स्कूल के आसपास स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन चाहता है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराएं।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल और खेत के बीच की दूरी कम होने के कारण सावधानी बरतना जरूरी है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल के आसपास साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, सड़ने वाले जैविक पदार्थ से दुर्गंध पैदा हो सकती है और उसके आसपास मक्खियों आदि की समस्या भी बढ़ सकती है। ऐसे अपशिष्ट के सुरक्षित और उचित प्रबंधन की आवश्यकता होती है। हालांकि, इस मामले में बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं और खेत में डाले गए गोबर के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह चिकित्सकीय एवं पर्यावरणीय जांच के बाद ही निर्धारित किया जा सकता है।

स्थानीय स्तर पर इस मामले की जांच की मांग उठ रही है। यदि गैस प्लांट से निकलने वाला अपशिष्ट बिना उचित प्रक्रिया के स्कूल के पास खुले खेत में डाला जा रहा है, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि अपशिष्ट निस्तारण के लिए निर्धारित पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

स्कूल प्रबंधन ने बताया कि बच्चों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने खेत मालिक से कई बार बात की। उनसे अनुरोध किया गया कि स्कूल के समीप सड़ा हुआ गोबर न डाला जाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। प्रबंधन का कहना है कि दुर्गंध के कारण बच्चों को कक्षाओं में बैठने में परेशानी हो रही है।

Respiratory distress : स्कूल के पास सड़ा हुआ गोबर डालने से बच्चों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी ?
Respiratory distress : स्कूल के पास सड़ा हुआ गोबर डालने से बच्चों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट, दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी ?

कुछ अभिभावकों ने भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्कूल के आसपास ऐसा वातावरण नहीं होना चाहिए, जिससे बच्चों को असुविधा हो। अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करे और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाए।

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्वच्छ हवा और साफ वातावरण जरूरी है। विद्यालय परिसर के आसपास कूड़ा, सड़ा हुआ जैविक अपशिष्ट या दुर्गंध फैलाने वाली सामग्री का अनियंत्रित रूप से जमा होना चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को शिकायत का संज्ञान लेकर मौके की वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।

गांव गिरधरपुर तुमरेल में सामने आए इस मामले में अब स्थानीय लोगों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो स्कूल के पास से सड़े गोबर को हटवाने तथा भविष्य में इस प्रकार का अपशिष्ट वहां न डाले जाने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सकती है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। दुर्गंध के कारण कई बच्चों को सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत है। वहीं कुछ बच्चों के बीमार पड़ने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की चिकित्सकीय पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच भी कराई जा सकती है। यदि किसी बच्चे को लगातार सांस लेने में परेशानी, बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो रही है तो अभिभावकों को चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही संबंधित पर्यावरण एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को गैस प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट के निस्तारण की प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि जिस खेत में गोबर डाला जा रहा है, वहां इसे रखने की अनुमति और निर्धारित व्यवस्था क्या है तथा इससे आसपास के लोगों को कोई परेशानी तो नहीं हो रही।

स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन से अपील की है कि समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनका सुरक्षित वातावरण भी जरूरी है। यदि स्कूल के पास लगातार दुर्गंध बनी रहती है तो बच्चों और शिक्षकों को परेशानी होती रहेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खेत में सड़े गोबर को खुले में रखने के बजाय उसका उचित प्रबंधन किया जाना चाहिए। इससे दुर्गंध और अन्य संभावित परेशानियों को कम किया जा सकता है। संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वर्तमान स्थिति नियमों के अनुरूप है या नहीं।

मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए। स्कूल के पास किसी भी प्रकार के अपशिष्ट का ऐसा भंडारण नहीं होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी हो। प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाना आवश्यक है।

फिलहाल गांव गिरधरपुर तुमरेल स्थित एचएमएस शिक्षा सदन जूनियर हाई स्कूल के पास खेत में सड़ा हुआ गोबर डाले जाने की शिकायत को लेकर स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में चिंता है। दुर्गंध और बच्चों को हो रही कथित परेशानियों के चलते मामले के समाधान की मांग की जा रही है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि खेत मालिक को समस्या के बारे में जानकारी देने के बावजूद अभी तक सड़ा गोबर डालना बंद नहीं किया गया है। ऐसे में अब प्रशासन से हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करें और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएं।

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण सड़े हुए गोबर के निस्तारण, स्कूल के आसपास स्वच्छता और हवा की गुणवत्ता की जांच कराकर उचित कार्रवाई करना जरूरी है। प्रयोगशाला अथवा चिकित्सकीय जांच के बिना किसी बीमारी का कारण निश्चित रूप से इसी गोबर को बताना उचित नहीं होगा, लेकिन स्कूल के पास दुर्गंध फैलाने वाले अपशिष्ट का जमा होना निश्चित रूप से जांच और उचित प्रबंधन की मांग करता है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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